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अफसर छोड़ें कुर्सी, फील्ड में करें निरीक्षण : विक्रमादित्य
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मंत्री विक्रमादित्य ने निर्माण कार्याें की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
कहा-भरमौर में आईटीडीपी के तहत खर्च होंगे 48.2 करोड़
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जिला चंबा के उपमंडल मुख्यालय भरमौर में एकीकृत जनजाति विकास परियोजना (राज्य योजना मद) के तहत विभिन्न विकास कार्यों के संबंध में समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता लोक निर्माण विभाग और शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने की। बैठक में विक्रमादित्य सिंह ने क्षेत्र में निर्माणाधीन सड़कों, पुलों, पेयजल योजनाओं और मल निकासी योजना सहित अन्य विभागों से संबंधित विकास कार्यों की कार्य प्रगति के बारे में समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी किए। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार प्रदेश के जनजातीय, दूरदराज तथा कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले क्षेत्रों में विकास कार्य को गति प्रदान करने के लिए विशेष प्रयास कर रही है। लोक निर्माण मंत्री ने बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान एकीकृत जनजातीय विकास परियोजना के राज्य योजना मद के तहत भरमौर क्षेत्र में 48.2 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि भरमौर क्षेत्र में सड़कों और पुलों के निर्माण पर 16.63 करोड़ रुपये, जबकि पेयजल व मल निकासी योजना पर 11.49 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजगुंधा-बड़ा बंगाल सड़क को प्राथमिकता के आधार बनाया जाएगा। लोक निर्माण विभाग की ओर से किए जा रहे निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए वे स्वयं फील्ड में जा कर कार्यों का निरीक्षण कर रहे हैं। कहा कि अधिकारी कार्यालय में ज्यादा समय न व्यतीत करें, फील्ड में जाकर निरीक्षण करें। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता के साथ प्रदेश सरकार कोई समझौता नहीं करेगी। उन्होंने बताया कि विभाग के क्वालिटी कंट्रोल विंग को मजबूत किया गया है तथा उन्हें जगह-जगह पर चल रहे निर्माण कार्यों की निरंतर गुणवत्ता जांचने के लिए नमूने लेने के निर्देश दिए गए हैं। इससे पहले विक्रमादित्य सिंह ने भरमौर स्थित सुप्रसिद्ध एवं ऐतिहासिक 84 मंदिर में शीश नवाया।
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कहा-भरमौर में आईटीडीपी के तहत खर्च होंगे 48.2 करोड़
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जिला चंबा के उपमंडल मुख्यालय भरमौर में एकीकृत जनजाति विकास परियोजना (राज्य योजना मद) के तहत विभिन्न विकास कार्यों के संबंध में समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता लोक निर्माण विभाग और शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने की। बैठक में विक्रमादित्य सिंह ने क्षेत्र में निर्माणाधीन सड़कों, पुलों, पेयजल योजनाओं और मल निकासी योजना सहित अन्य विभागों से संबंधित विकास कार्यों की कार्य प्रगति के बारे में समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी किए। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार प्रदेश के जनजातीय, दूरदराज तथा कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले क्षेत्रों में विकास कार्य को गति प्रदान करने के लिए विशेष प्रयास कर रही है। लोक निर्माण मंत्री ने बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान एकीकृत जनजातीय विकास परियोजना के राज्य योजना मद के तहत भरमौर क्षेत्र में 48.2 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि भरमौर क्षेत्र में सड़कों और पुलों के निर्माण पर 16.63 करोड़ रुपये, जबकि पेयजल व मल निकासी योजना पर 11.49 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजगुंधा-बड़ा बंगाल सड़क को प्राथमिकता के आधार बनाया जाएगा। लोक निर्माण विभाग की ओर से किए जा रहे निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए वे स्वयं फील्ड में जा कर कार्यों का निरीक्षण कर रहे हैं। कहा कि अधिकारी कार्यालय में ज्यादा समय न व्यतीत करें, फील्ड में जाकर निरीक्षण करें। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता के साथ प्रदेश सरकार कोई समझौता नहीं करेगी। उन्होंने बताया कि विभाग के क्वालिटी कंट्रोल विंग को मजबूत किया गया है तथा उन्हें जगह-जगह पर चल रहे निर्माण कार्यों की निरंतर गुणवत्ता जांचने के लिए नमूने लेने के निर्देश दिए गए हैं। इससे पहले विक्रमादित्य सिंह ने भरमौर स्थित सुप्रसिद्ध एवं ऐतिहासिक 84 मंदिर में शीश नवाया।