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Chamba News: ईडीसी क्षेत्र में लंगर लगाने से पहले न्यास की अनुमति लेना अनिवार्य
Sat, 22 Aug 2026 10:44 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sat, 22 Aug 2026 10:44 PM IST
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सेक्टर मजिस्ट्रेट की रिपोर्ट पर ही वापस होगा लंगर का जमा शुल्क
संवाद न्यूज एजेंसी
भरमौर (चंबा)। मणिमहेश यात्रा के दौरान हड़सर से डलझील तक पर्यावरण विकास समिति (ईडीसी) क्षेत्र में लंगर लगाने से पहले अनुमति लेनी होगी।
अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी विकास शर्मा ने कहा कि आवेदन के बाद लंगर समितियों को मणिमहेश न्यास द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवश्यक अनुमति दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि सभी लंगर समितियों से अपेक्षा की जाती है कि वे न्यास की ओर से निर्धारित नियमों और शर्तों का पालन करें और लंगर स्थल पर स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और अनुशासन का विशेष ध्यान रखें।
लंगर समितियां श्रद्धालुओं की सुविधा एवं यात्रा व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में प्रशासन तथा संबंधित विभागों को पूर्ण सहयोग प्रदान करें। लंगर समाप्त होने के उपरांत संबंधित लंगर संचालक की अेार से सेक्टर मजिस्ट्रेट से रिपोर्ट प्राप्त करना भी अनिवार्य होगा। यह रिपोर्ट प्रस्तुत करने के बाद ही लंगर के लिए जमा की गई रिफंडेबल फीस वापस की जाएगी। उन्होंने सभी लंगर संचालकों से निर्धारित प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
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10 हजार सिक्यारिटी, 12 हजार देना होगा स्वच्छता शुल्क
लंगर समितियों से 12 हजार रुपये स्वच्छता शुल्क और 10 हजार रुपये सिक्योरिटी शुल्क के रूप में जमा करवाने होंगे। लंगर समाप्ति के बाद स्वच्छता होने पर दस हजार रुपये का शुल्क वापस कर दिया जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
भरमौर (चंबा)। मणिमहेश यात्रा के दौरान हड़सर से डलझील तक पर्यावरण विकास समिति (ईडीसी) क्षेत्र में लंगर लगाने से पहले अनुमति लेनी होगी।
अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी विकास शर्मा ने कहा कि आवेदन के बाद लंगर समितियों को मणिमहेश न्यास द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवश्यक अनुमति दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि सभी लंगर समितियों से अपेक्षा की जाती है कि वे न्यास की ओर से निर्धारित नियमों और शर्तों का पालन करें और लंगर स्थल पर स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और अनुशासन का विशेष ध्यान रखें।
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लंगर समितियां श्रद्धालुओं की सुविधा एवं यात्रा व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में प्रशासन तथा संबंधित विभागों को पूर्ण सहयोग प्रदान करें। लंगर समाप्त होने के उपरांत संबंधित लंगर संचालक की अेार से सेक्टर मजिस्ट्रेट से रिपोर्ट प्राप्त करना भी अनिवार्य होगा। यह रिपोर्ट प्रस्तुत करने के बाद ही लंगर के लिए जमा की गई रिफंडेबल फीस वापस की जाएगी। उन्होंने सभी लंगर संचालकों से निर्धारित प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
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10 हजार सिक्यारिटी, 12 हजार देना होगा स्वच्छता शुल्क
लंगर समितियों से 12 हजार रुपये स्वच्छता शुल्क और 10 हजार रुपये सिक्योरिटी शुल्क के रूप में जमा करवाने होंगे। लंगर समाप्ति के बाद स्वच्छता होने पर दस हजार रुपये का शुल्क वापस कर दिया जाएगा।