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Chamba News: अब नहीं मिलेगा बंक मारने का मौका
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चंबा। जिले के सरकारी स्कूलों में तैनात अध्यापक और अन्य स्टाफ को अब बंक मारने का मौका नहीं मिलेगा। शिक्षा विभाग ने मशीनों को दुरुस्त करने की कवायद शुरू कर दी है। अब तक करीब 70 मशीनों को दुरुस्त कर दिया गया है जबकि शेष मशीनों को भी दुरुस्त किया जा रहा है।
दरअसल कोरोना महामारी के दौरान बायोमीट्रिक मशीनों से हाजिरी लगाने की प्रक्रिया को रोक दिया गया था जिससे कोरोना संक्रमण स्टाफ में न फैल सके। अब जिले में कोरोना की स्थिति नियंत्रण में है। साथ ही अध्यापक भी पूर्ण रूप से वैक्सीनेट हो चुके हैं। ऐसे में नवंबर में शिक्षा निदेशालय ने सभी उपनिदेशकों को मशीनों को दुरुस्त करवाने और बायोमीट्रिक से हाजिरी लगाने के लिए निर्देश दिए। चंबा की बात करें तो अधिकतर स्कूलों में बायोमीट्रिक मशीनें लंबे समय से सक्रिय न होने के कारण ठप पड़ गई थीं। ऐसे में विभाग ने खराब बायोमीट्रिक मशीनों का ब्योरा मांगा और अब इन मशीनों को एक्टिव कोड डालकर दुरुस्त किया जा रहा है।
करीब 160 उच्च और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में बायोमीट्रिक मशीनें स्थापित की गई हैं। गौरतलब है कि सरकारी स्कूलों में अक्सर अध्यापक नदारद रहते हैं। इस तरह की शिकायतें विभाग को मिलती रहती हैं। बहरहाल इसी समस्या के समाधान के लिए स्कूलों में बायोमीट्रिक मशीनें लगाई गई हैं।
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उच्च शिक्षा उपनिदेशक प्यार सिंह चाढ़क ने खबर की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि बायोमीट्रिक मशीनों को सक्रिय किया जा रहा है। उन्होंने स्कूल प्रबंधकों को आदेश दिए हैं कि वे खराब बायोमीट्रिक मशीन को बिना विलंब दुरुस्त करवाएं।
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दरअसल कोरोना महामारी के दौरान बायोमीट्रिक मशीनों से हाजिरी लगाने की प्रक्रिया को रोक दिया गया था जिससे कोरोना संक्रमण स्टाफ में न फैल सके। अब जिले में कोरोना की स्थिति नियंत्रण में है। साथ ही अध्यापक भी पूर्ण रूप से वैक्सीनेट हो चुके हैं। ऐसे में नवंबर में शिक्षा निदेशालय ने सभी उपनिदेशकों को मशीनों को दुरुस्त करवाने और बायोमीट्रिक से हाजिरी लगाने के लिए निर्देश दिए। चंबा की बात करें तो अधिकतर स्कूलों में बायोमीट्रिक मशीनें लंबे समय से सक्रिय न होने के कारण ठप पड़ गई थीं। ऐसे में विभाग ने खराब बायोमीट्रिक मशीनों का ब्योरा मांगा और अब इन मशीनों को एक्टिव कोड डालकर दुरुस्त किया जा रहा है।
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करीब 160 उच्च और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में बायोमीट्रिक मशीनें स्थापित की गई हैं। गौरतलब है कि सरकारी स्कूलों में अक्सर अध्यापक नदारद रहते हैं। इस तरह की शिकायतें विभाग को मिलती रहती हैं। बहरहाल इसी समस्या के समाधान के लिए स्कूलों में बायोमीट्रिक मशीनें लगाई गई हैं।
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उच्च शिक्षा उपनिदेशक प्यार सिंह चाढ़क ने खबर की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि बायोमीट्रिक मशीनों को सक्रिय किया जा रहा है। उन्होंने स्कूल प्रबंधकों को आदेश दिए हैं कि वे खराब बायोमीट्रिक मशीन को बिना विलंब दुरुस्त करवाएं।