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Chamba News: फर्नीचर की खरीद न होना मेडिकल कॉलेज शिफ्ट करने में बना रोड़ा
Wed, 17 Dec 2025 10:25 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Wed, 17 Dec 2025 10:25 PM IST
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चंबा। फर्नीचर की खरीद न होने से एक साल से मेडिकल कॉलेज को सरोल में शिफ्ट करने का कार्य अधर में लटका है। नए फर्नीचर की खरीद के लिए भले ही स्वास्थ्य सचिवालय से मेडिकल कॉलेज प्रशासन को मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन बार-बार इसके टेंडर रद्द होने के कारण यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है।
इसके चलते करोड़ों की लागत से बना मेडिकल कॉलेज का भवन सफेद हाथी बनकर रह गया है। वहां पर मरीजों को इलाज की सुविधा नहीं मिल पा रही है। सिर्फ कर्मचारियों के लिए बनाए आवास ही इस्तेमाल हो रहे हैं। नए भवन में मरीजों को भर्ती करने के लिए बिस्तर, स्टूल सहित फर्नीचर का सामान खरीदे जाना अभी बाकी है। इसके लिए तीन से चार बार टेंडर प्रक्रिया रद्द हो चुकी है। हर बार यहां से टेंडर प्रक्रिया पूरी करके सचिवालय भेज दी जाती है, लेकिन वहां से कोई न कोई आपत्ति लगाकर इस प्रक्रिया को रद्द कर दिया जाता है। यही वजह है कि नया भवन होने के बावजूद भी वहां मेडिकल कॉलेज शिफ्ट नहीं किया जा रहा है।
सरोल में मेडिकल कॉलेज का पहले चरण का कार्य पूर्ण किया गया है। इसमें 200 बिस्तरों के अस्पताल के अलावा कर्मचारियों के रहने के लिए आवास बनाए गए हैं। दूसरे चरण में 300 बिस्तरों का अस्पताल बनाया जाएगा, जिसका प्रस्ताव बनाकर भी सरकार को भेजा जा चुका है। अभी तक 200 बिस्तरों का अस्पताल संचालित करने के लिए फर्नीचर का जुगाड़ नहीं हो पा रहा है। ऐसे में जब 300 बिस्तरों का अस्पताल तैयार होगा तो उसके लिए फर्नीचर का जुगाड़ करने में कई वर्ष लग जाएंगे।
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स्थानीय निवासी सुरेंद्र, जय सिंह, विनोद कुमार, केवल, वीर सिंह, संजय शर्मा और मनोज कुमार ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि नए भवन में मेडिकल कॉलेज शीघ्र शिफ्ट किया जाए।
फर्नीचर लेने के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इससे पहले करवाए गए टेंडर किन्हीं कारणों से रद्द हो गए। इस बार सभी औपचारिक्ताओं को पूरा करके टेंडर करवाए जाएंगे। केशव राम कोली, संयुक्त निदेशक, मेडिकल कॉलेज
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इसके चलते करोड़ों की लागत से बना मेडिकल कॉलेज का भवन सफेद हाथी बनकर रह गया है। वहां पर मरीजों को इलाज की सुविधा नहीं मिल पा रही है। सिर्फ कर्मचारियों के लिए बनाए आवास ही इस्तेमाल हो रहे हैं। नए भवन में मरीजों को भर्ती करने के लिए बिस्तर, स्टूल सहित फर्नीचर का सामान खरीदे जाना अभी बाकी है। इसके लिए तीन से चार बार टेंडर प्रक्रिया रद्द हो चुकी है। हर बार यहां से टेंडर प्रक्रिया पूरी करके सचिवालय भेज दी जाती है, लेकिन वहां से कोई न कोई आपत्ति लगाकर इस प्रक्रिया को रद्द कर दिया जाता है। यही वजह है कि नया भवन होने के बावजूद भी वहां मेडिकल कॉलेज शिफ्ट नहीं किया जा रहा है।
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सरोल में मेडिकल कॉलेज का पहले चरण का कार्य पूर्ण किया गया है। इसमें 200 बिस्तरों के अस्पताल के अलावा कर्मचारियों के रहने के लिए आवास बनाए गए हैं। दूसरे चरण में 300 बिस्तरों का अस्पताल बनाया जाएगा, जिसका प्रस्ताव बनाकर भी सरकार को भेजा जा चुका है। अभी तक 200 बिस्तरों का अस्पताल संचालित करने के लिए फर्नीचर का जुगाड़ नहीं हो पा रहा है। ऐसे में जब 300 बिस्तरों का अस्पताल तैयार होगा तो उसके लिए फर्नीचर का जुगाड़ करने में कई वर्ष लग जाएंगे।
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स्थानीय निवासी सुरेंद्र, जय सिंह, विनोद कुमार, केवल, वीर सिंह, संजय शर्मा और मनोज कुमार ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि नए भवन में मेडिकल कॉलेज शीघ्र शिफ्ट किया जाए।
फर्नीचर लेने के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इससे पहले करवाए गए टेंडर किन्हीं कारणों से रद्द हो गए। इस बार सभी औपचारिक्ताओं को पूरा करके टेंडर करवाए जाएंगे। केशव राम कोली, संयुक्त निदेशक, मेडिकल कॉलेज