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Chamba News: गंदगी मंजूर नहीं, मणिमहेश यात्रा में किराये पर नहीं देंगे दुकानें-घर
Sat, 11 Jul 2026 10:34 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sat, 11 Jul 2026 10:34 PM IST
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हड़सर के पुजारियों और दुकानदारों ने की आपात बैठक कर लिया निर्णय
यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने पर हर बार फैलती है गंदगी
एनजीटी के निर्देशों के जरिए स्थानीय लोगों को किया जा रहा प्रताड़ित
संवाद न्यूज एजेंसी
भरमौर (चंबा)। मणिमहेश यात्रा के दौरान क्षेत्र में फैलने वाली गंदगी और अव्यवस्था को रोकने के लिए हड़सर के पुजारियों, स्थानीय दुकानदारों और हड़सर युवक मंडल ने बड़ा फैसला लिया है।
सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यात्रा अवधि में बाहरी लोगों को लंगर और अन्य सेवा के लिए दी जाने वाली दुकानें और मकान किराये पर नहीं दिए जाएंगे। बैठक में हड़सर युवक मंडल के प्रधान हरीश शर्मा, महिंदर शर्मा, राकेश कुमार, अश्वनी कुमार, रवि कुमार, किशोरी, पप्पू और महिंद्र कुमार ने कहा कि हर वर्ष श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के साथ क्षेत्र में कूड़ा-कचरा और गंदगी की समस्या गंभीर रूप ले लेती है। जिसका खामियाजा स्थानीय लोगों को भुगतना पड़ता है।
बैठक में मौजूद लोगों ने कहा कि कई बाहरी कारोबारी अस्थायी रूप से दुकानें लेकर कारोबार करते हैं। लेकिन, यात्रा समाप्त होने के बाद सफाई और कचरे के निस्तारण की जिम्मेदारी नहीं निभाते। इससे पर्यावरण को नुकसान पहुंचने के साथ स्थानीय लोगों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में इस बार किसी भी बाहरी व्यक्ति को दुकान या मकान किराये पर नहीं देने का निर्णय लिया गया है। पुजारियों और दुकानदारों ने यह भी आरोप लगाया कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के निर्देशों के नाम पर स्थानीय लोगों को प्रताड़ित किया जा रहा है। जबकि, गंदगी फैलाने में बाहरी तत्वों की भी बड़ी भूमिका रहती है। उनका कहना था कि प्रशासन को नियमों का पालन सभी पर समान रूप से सुनिश्चित करना चाहिए और स्थानीय लोगों को अनावश्यक रूप से निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। बैठक में प्रशासन से यात्रा प्रबंधन, स्वच्छता व्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग भी की गई। स्थानीय लोगों ने स्पष्ट किया कि वे यात्रा को सफल बनाने के पक्षधर हैं। लेकिन, इसके साथ क्षेत्र की स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
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यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने पर हर बार फैलती है गंदगी
एनजीटी के निर्देशों के जरिए स्थानीय लोगों को किया जा रहा प्रताड़ित
संवाद न्यूज एजेंसी
भरमौर (चंबा)। मणिमहेश यात्रा के दौरान क्षेत्र में फैलने वाली गंदगी और अव्यवस्था को रोकने के लिए हड़सर के पुजारियों, स्थानीय दुकानदारों और हड़सर युवक मंडल ने बड़ा फैसला लिया है।
सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यात्रा अवधि में बाहरी लोगों को लंगर और अन्य सेवा के लिए दी जाने वाली दुकानें और मकान किराये पर नहीं दिए जाएंगे। बैठक में हड़सर युवक मंडल के प्रधान हरीश शर्मा, महिंदर शर्मा, राकेश कुमार, अश्वनी कुमार, रवि कुमार, किशोरी, पप्पू और महिंद्र कुमार ने कहा कि हर वर्ष श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के साथ क्षेत्र में कूड़ा-कचरा और गंदगी की समस्या गंभीर रूप ले लेती है। जिसका खामियाजा स्थानीय लोगों को भुगतना पड़ता है।
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बैठक में मौजूद लोगों ने कहा कि कई बाहरी कारोबारी अस्थायी रूप से दुकानें लेकर कारोबार करते हैं। लेकिन, यात्रा समाप्त होने के बाद सफाई और कचरे के निस्तारण की जिम्मेदारी नहीं निभाते। इससे पर्यावरण को नुकसान पहुंचने के साथ स्थानीय लोगों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में इस बार किसी भी बाहरी व्यक्ति को दुकान या मकान किराये पर नहीं देने का निर्णय लिया गया है। पुजारियों और दुकानदारों ने यह भी आरोप लगाया कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के निर्देशों के नाम पर स्थानीय लोगों को प्रताड़ित किया जा रहा है। जबकि, गंदगी फैलाने में बाहरी तत्वों की भी बड़ी भूमिका रहती है। उनका कहना था कि प्रशासन को नियमों का पालन सभी पर समान रूप से सुनिश्चित करना चाहिए और स्थानीय लोगों को अनावश्यक रूप से निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। बैठक में प्रशासन से यात्रा प्रबंधन, स्वच्छता व्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग भी की गई। स्थानीय लोगों ने स्पष्ट किया कि वे यात्रा को सफल बनाने के पक्षधर हैं। लेकिन, इसके साथ क्षेत्र की स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
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