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Chamba News: कंडम होने के कगार पर चंबा डिपो की नौ और बसें
Wed, 25 Feb 2026 09:53 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Wed, 25 Feb 2026 09:53 PM IST
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14 बसें पहले ही घोषित हो चुकी हैं कंडम, घटती संख्या से बढ़ रही यात्रियों की परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। चंबा डिपो की नौ और बसें कंडम होने के कगार पर हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। पहले ही 14 बसें कंडम घोषित की जा चुकी हैं।
अब नौ बसों के खराब होने से ग्रामीण रूटों पर आवागमन के साधन सीमित होने का खतरा है। यात्रियों में सीमा कुमारी, अनिता देवी, सरोज कुमारी, जीवन कुमार, ललित कुमार और अशोक कुमार ने बताया कि बसों की संख्या घटने से रोजमर्रा की यात्रा और जरूरी सामान लाने-ले जाने में परेशानी हो रही है। स्कूल जाने वाले छात्र और कामकाजी लोग विशेष रूप से प्रभावित हो रहे हैं। कई रूट तो ऐसे हैं जहां सरकारी बसें ही चलती हैं। यहां बस सेवा बंद होने से यात्रियों को टैक्सियों का सहारा लेना पड़ेगा। यात्रियों ने परिवहन निगम से मांग की है कि नई बसें लाई जाएं ताकि जो बसें कंडम हो चुकी हैं या जो होने वाली हैं, उनकी जगह नई बसें भेजी जाएं।
एचआरटीसी के डीडीएम शुगल सिंह ने कहा कि बसों की मरम्मत के प्रयास जारी हैं लेकिन पुरानी बसों की स्थिति सुधार में समय लग सकता है। नई बसों की डिमांड बार-बार भेजी जा रही है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। चंबा डिपो की नौ और बसें कंडम होने के कगार पर हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। पहले ही 14 बसें कंडम घोषित की जा चुकी हैं।
अब नौ बसों के खराब होने से ग्रामीण रूटों पर आवागमन के साधन सीमित होने का खतरा है। यात्रियों में सीमा कुमारी, अनिता देवी, सरोज कुमारी, जीवन कुमार, ललित कुमार और अशोक कुमार ने बताया कि बसों की संख्या घटने से रोजमर्रा की यात्रा और जरूरी सामान लाने-ले जाने में परेशानी हो रही है। स्कूल जाने वाले छात्र और कामकाजी लोग विशेष रूप से प्रभावित हो रहे हैं। कई रूट तो ऐसे हैं जहां सरकारी बसें ही चलती हैं। यहां बस सेवा बंद होने से यात्रियों को टैक्सियों का सहारा लेना पड़ेगा। यात्रियों ने परिवहन निगम से मांग की है कि नई बसें लाई जाएं ताकि जो बसें कंडम हो चुकी हैं या जो होने वाली हैं, उनकी जगह नई बसें भेजी जाएं।
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एचआरटीसी के डीडीएम शुगल सिंह ने कहा कि बसों की मरम्मत के प्रयास जारी हैं लेकिन पुरानी बसों की स्थिति सुधार में समय लग सकता है। नई बसों की डिमांड बार-बार भेजी जा रही है।
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