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रेहड़ी-फड़ी धारकों के झुकने पर मजबूर नप, जिला प्रशासन : ओबराय
Sat, 18 May 2024 10:28 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sat, 18 May 2024 10:28 PM IST
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चंबा। चंबा शहर में रेहड़ी-फड़ियों की बढ़ती संख्या लोगों और पर्यटकों के लिए आफत बनती जा रही है।
भले नगर परिषद चंबा 105 रेहड़ी लगाने के लिए लाइसेंस जारी किए हैं, लेकिन शहर के प्रवेश द्वार और पुराने बस स्टैंड सहित अस्पताल तक रेहड़ी-फड़ी वालों की संख्या 200 से कम नहीं है। यह बात चंबा के संयोजक पीसी ओबराय ने कही। उन्होंने कहा कि नगर परिषद एक दिन इन लोगों पर शिकंजा कसती है तो दूसरे दिन उसी स्थान पर एक के बजाय दो रेहड़ी सजा दी जाती हैं। इसके आगे जिला प्रशासन और नगर परिषद को माथा टेकने में मजबूर होना पड़ता है। कहा कि 11 वार्ड में चार वेंडर जॉन बनाने का भी प्रस्ताव था, लेकिन यह प्रस्ताव बैठकों तक ही सिमट कर रह गया है। कहा कि गांधी गेट से कसाकड़ा रोड के किनारे होते हुए एसपी रेजिडेंस एवं रेस्ट हाउस से ऊपर बस स्टैंड के निचली सड़क पर पक्की दुकानें प्रशासन और नगर परिषद बनाए तो शहर साफ-सुथरा और लोगों को आवाजाही करने में भी दिक्कतें नहीं होंगी।
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भले नगर परिषद चंबा 105 रेहड़ी लगाने के लिए लाइसेंस जारी किए हैं, लेकिन शहर के प्रवेश द्वार और पुराने बस स्टैंड सहित अस्पताल तक रेहड़ी-फड़ी वालों की संख्या 200 से कम नहीं है। यह बात चंबा के संयोजक पीसी ओबराय ने कही। उन्होंने कहा कि नगर परिषद एक दिन इन लोगों पर शिकंजा कसती है तो दूसरे दिन उसी स्थान पर एक के बजाय दो रेहड़ी सजा दी जाती हैं। इसके आगे जिला प्रशासन और नगर परिषद को माथा टेकने में मजबूर होना पड़ता है। कहा कि 11 वार्ड में चार वेंडर जॉन बनाने का भी प्रस्ताव था, लेकिन यह प्रस्ताव बैठकों तक ही सिमट कर रह गया है। कहा कि गांधी गेट से कसाकड़ा रोड के किनारे होते हुए एसपी रेजिडेंस एवं रेस्ट हाउस से ऊपर बस स्टैंड के निचली सड़क पर पक्की दुकानें प्रशासन और नगर परिषद बनाए तो शहर साफ-सुथरा और लोगों को आवाजाही करने में भी दिक्कतें नहीं होंगी।