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Chamba News: आलीशान मकान के मालिक, कार दौड़ाने वालों के नाम भी बीपीएल सूची में शामिल
Sun, 11 Feb 2024 10:38 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sun, 11 Feb 2024 10:38 PM IST
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चंबा। चंबा शहर की बीपीएल सूची में वीआईपी लोग भी शामिल हैं। इन लोगों के पास आलीशान मकान हैं। ये लोग कारों और बाइकों के भी मालिक हैं।
शहर में दस सालों से बीपीएल परिवारों की संख्या का पता लगाने के लिए कोई सर्वे नहीं हो पाया है। नगर परिषद पार्षदों से ऐसे नामों की सूची उपलब्ध करवाने का आह्वान कर रही है। नगर परिषद का दावा है कि सुविधा संपन्न लोगों के नामों की सूची उपलब्ध होने के बाद इन्हें बीपीएल सूची से हटाया जाएगा। वहीं, शहर के करीब 40 परिवार ऐसे हैं, जो सुविधा संपन्न होने के बावजूद बीपीएल श्रेणी के लिए तय प्रावधानों का लाभ ले रहे हैं। इससे गरीब और जरूरतमंद लोगों के हक भी छिन रहे हैं। इन्हें सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उधर, नगर परिषद की मानें तो जब आदेश मिलते हैं, तभी सर्वे करवाया जाता है। शहर में पिछले काफी सालों से सर्वे नहीं हो पाया है।
नगर परिषद चंबा के तहत 11 वार्ड आते हैं। इनमें सुल्तानपुर, हरदासपुरा, सपड़ी, हटनाला, चौगान, जुलाहकड़ी, जनसाली, सुराड़ा, चौंतड़ा, धड़ोग और कसाकड़ा शामिल हैं। नगर परिषद में बीपीएल परिवारों की संख्या 909 है। इनमें करीब 40 परिवार सुविधा संपन्न होने के बावजूद बीपीएल श्रेणी के लिए तय प्रावधानों का लाभ ले रहे हैं। बीपीएल सूची से अधिकतर वही लोग अपना नाम कटवाने के लिए पहुंचते हैं, जिन्हें सरकारी नौकरी मिलती है। इसके अलावा निजी कार्य करने वाले लोगों के नाम सुविधा संपन्न होने के बावजूद सूची में दर्ज हैं। सरकार ने गरीब लोगों के उत्थान के लिए बीपीएल श्रेणी आरक्षित की है, जिससे इन परिवारों को जीवनयापन में कुछ राहत मिले, लेकिन शहर में इसके विपरीत कार्य हो रहा है।
उधर, नगर परिषद चंबा की अध्यक्ष नीलम नैय्यर ने कहा कि नगर परिषद की ओर से वार्ड पार्षदों से ऐसे लोगों के नामों की सूची उपलब्ध करवाने का आह्वान किया गया है। सूची उपलब्ध होने के बाद बीपीएल में शामिल सुविधा संपन्न लोगों के नाम काटे जाएंगे। कहा कि शहर में बीपीएल सूची को लेकर दस सालों से सर्वे नहीं हुआ है। उच्चाधिकारियों के निर्देशों के बाद ही सर्वे किया जाता है।
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शहर में दस सालों से बीपीएल परिवारों की संख्या का पता लगाने के लिए कोई सर्वे नहीं हो पाया है। नगर परिषद पार्षदों से ऐसे नामों की सूची उपलब्ध करवाने का आह्वान कर रही है। नगर परिषद का दावा है कि सुविधा संपन्न लोगों के नामों की सूची उपलब्ध होने के बाद इन्हें बीपीएल सूची से हटाया जाएगा। वहीं, शहर के करीब 40 परिवार ऐसे हैं, जो सुविधा संपन्न होने के बावजूद बीपीएल श्रेणी के लिए तय प्रावधानों का लाभ ले रहे हैं। इससे गरीब और जरूरतमंद लोगों के हक भी छिन रहे हैं। इन्हें सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उधर, नगर परिषद की मानें तो जब आदेश मिलते हैं, तभी सर्वे करवाया जाता है। शहर में पिछले काफी सालों से सर्वे नहीं हो पाया है।
नगर परिषद चंबा के तहत 11 वार्ड आते हैं। इनमें सुल्तानपुर, हरदासपुरा, सपड़ी, हटनाला, चौगान, जुलाहकड़ी, जनसाली, सुराड़ा, चौंतड़ा, धड़ोग और कसाकड़ा शामिल हैं। नगर परिषद में बीपीएल परिवारों की संख्या 909 है। इनमें करीब 40 परिवार सुविधा संपन्न होने के बावजूद बीपीएल श्रेणी के लिए तय प्रावधानों का लाभ ले रहे हैं। बीपीएल सूची से अधिकतर वही लोग अपना नाम कटवाने के लिए पहुंचते हैं, जिन्हें सरकारी नौकरी मिलती है। इसके अलावा निजी कार्य करने वाले लोगों के नाम सुविधा संपन्न होने के बावजूद सूची में दर्ज हैं। सरकार ने गरीब लोगों के उत्थान के लिए बीपीएल श्रेणी आरक्षित की है, जिससे इन परिवारों को जीवनयापन में कुछ राहत मिले, लेकिन शहर में इसके विपरीत कार्य हो रहा है।
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उधर, नगर परिषद चंबा की अध्यक्ष नीलम नैय्यर ने कहा कि नगर परिषद की ओर से वार्ड पार्षदों से ऐसे लोगों के नामों की सूची उपलब्ध करवाने का आह्वान किया गया है। सूची उपलब्ध होने के बाद बीपीएल में शामिल सुविधा संपन्न लोगों के नाम काटे जाएंगे। कहा कि शहर में बीपीएल सूची को लेकर दस सालों से सर्वे नहीं हुआ है। उच्चाधिकारियों के निर्देशों के बाद ही सर्वे किया जाता है।
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