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Chamba News: कामधेनु चेयर की स्थापना के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर
Sun, 15 Sep 2024 09:28 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sun, 15 Sep 2024 09:28 PM IST
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चंबा के सलूणी कॉलेज में एमओयू साईन होने के बाद प्रधानाचार्य और कंपनी के पदाधिकारी।संवाद
चंबा। राजकीय महाविद्यालय सलूणी में इंडो यूरोपियन चैंबर ऑफ स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज ने संचालित कामधेनु चेयर की स्थापना के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
आईईसीएसएमई कामधेनु चेयर का उद्देश्य युवाओं के मन में उद्यमशीलता का पोषण करना है, जिससे आकांक्षी जिले को भारत का प्रेरणादायक जिला बनाया जा सके।
प्राचार्य डॉ. महिंदर कुमार सलारिया ने कामधेनु चेयर के महत्व के बारे में बताया। इस एमओयू का उद्देश्य विकास खंड सलूणी की सभी पंचायतों में ग्रामीण उद्यमिता का सृजन करना और छात्रों को तैयार करना है। इसके लिए महाविद्यालय में अध्ययनरत सभी छात्रों को प्राथमिक अनुसंधान पर आधारित रिसर्च असाइनमेंट दी जाएगी। पूरे ब्लॉक में उपलब्ध संसाधनों की मैपिंग की जाएगी और इकट्ठे किए गए डाटा को वैज्ञानिक ढंग से प्रोसेस कर प्रशासन को दिया जाएगा। अंत में कार्ययोजना तैयार की जाएगी। अंत में इस योजना को कार्यान्वित किया जाएगा। सचिव मनोज सिंह ने कामधेनु चेयर की मूल अवधारणा के बारे में बताया। कार्यक्रम में ग्रामीण प्रदेश के लिए स्वरोजगार सीईओ तैयार करने के लिए पंचायती राज और ग्रामीण विकास के 29 विषयों के तहत ग्राम नियोजन, कार्यान्वयन, विपणन और प्रबंधन, अविपणित (चंबा) हिमाचल प्रदेश का विपणन शामिल है। यह कार्यक्रम अनुभवात्मक प्रकृति का होगा। इसमें बहुत सारे फील्ड वर्क और केस स्टडी शामिल होंगे। ये व्यावहारिक प्रशिक्षण देंगे।
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आईईसीएसएमई कामधेनु चेयर का उद्देश्य युवाओं के मन में उद्यमशीलता का पोषण करना है, जिससे आकांक्षी जिले को भारत का प्रेरणादायक जिला बनाया जा सके।
प्राचार्य डॉ. महिंदर कुमार सलारिया ने कामधेनु चेयर के महत्व के बारे में बताया। इस एमओयू का उद्देश्य विकास खंड सलूणी की सभी पंचायतों में ग्रामीण उद्यमिता का सृजन करना और छात्रों को तैयार करना है। इसके लिए महाविद्यालय में अध्ययनरत सभी छात्रों को प्राथमिक अनुसंधान पर आधारित रिसर्च असाइनमेंट दी जाएगी। पूरे ब्लॉक में उपलब्ध संसाधनों की मैपिंग की जाएगी और इकट्ठे किए गए डाटा को वैज्ञानिक ढंग से प्रोसेस कर प्रशासन को दिया जाएगा। अंत में कार्ययोजना तैयार की जाएगी। अंत में इस योजना को कार्यान्वित किया जाएगा। सचिव मनोज सिंह ने कामधेनु चेयर की मूल अवधारणा के बारे में बताया। कार्यक्रम में ग्रामीण प्रदेश के लिए स्वरोजगार सीईओ तैयार करने के लिए पंचायती राज और ग्रामीण विकास के 29 विषयों के तहत ग्राम नियोजन, कार्यान्वयन, विपणन और प्रबंधन, अविपणित (चंबा) हिमाचल प्रदेश का विपणन शामिल है। यह कार्यक्रम अनुभवात्मक प्रकृति का होगा। इसमें बहुत सारे फील्ड वर्क और केस स्टडी शामिल होंगे। ये व्यावहारिक प्रशिक्षण देंगे।
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