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Chamba News: छुट्टी के दिन भी मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में पहुंचे 200 से अधिक मरीज
Mon, 26 Oct 2026 10:46 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Mon, 26 Oct 2026 10:46 PM IST
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मेडिकल कॉलेज के आपातकालीन कक्ष में लगी मरीजों की कतारें। संवाद।
सामान्य ओपीडी बंद रहने के कारण आपातकालीन कक्ष पर बढ़ा दबाव
आम दिनों में 40 से 50 मरीज आते हैं, सुबह से शाम तक लगी रहीं कतारें
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। पंडित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा में सोमवार को अवकाश के चलते सामान्य ओपीडी बंद रही। ऐसे में उपचार के लिए पहुंचे मरीजों को आपातकालीन कक्ष का रुख करना पड़ा।
सुबह से शाम तक यहां मरीजों की कतारें लगी रहीं। आम दिनों में आपातकालीन कक्ष में 40 से 50 मरीज पहुंचते हैं, जबकि सोमवार को यह संख्या 200 से अधिक हो गई।
सामान्य ओपीडी बंद होने के कारण सामान्य बीमारियों से पीड़ित मरीजों को भी आपातकालीन कक्ष में उपचार करवाना पड़ा। इससे आपातकालीन सेवाओं पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया। जिले के दूरदराज क्षेत्रों से भी मरीज उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचे। सुबह से शुरू हुआ मरीजों के आने का सिलसिला शाम तक जारी रहा। मेडिकल कॉलेज के प्रवक्ता डॉ. मानिक सहगल ने बताया कि अवकाश के दिनों में आपातकालीन कक्ष में अक्सर मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। इसे देखते हुए स्टाफ को पहले से मुस्तैद रखा गया था।
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आम दिनों में 40 से 50 मरीज आते हैं, सुबह से शाम तक लगी रहीं कतारें
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। पंडित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा में सोमवार को अवकाश के चलते सामान्य ओपीडी बंद रही। ऐसे में उपचार के लिए पहुंचे मरीजों को आपातकालीन कक्ष का रुख करना पड़ा।
सुबह से शाम तक यहां मरीजों की कतारें लगी रहीं। आम दिनों में आपातकालीन कक्ष में 40 से 50 मरीज पहुंचते हैं, जबकि सोमवार को यह संख्या 200 से अधिक हो गई।
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सामान्य ओपीडी बंद होने के कारण सामान्य बीमारियों से पीड़ित मरीजों को भी आपातकालीन कक्ष में उपचार करवाना पड़ा। इससे आपातकालीन सेवाओं पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया। जिले के दूरदराज क्षेत्रों से भी मरीज उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचे। सुबह से शुरू हुआ मरीजों के आने का सिलसिला शाम तक जारी रहा। मेडिकल कॉलेज के प्रवक्ता डॉ. मानिक सहगल ने बताया कि अवकाश के दिनों में आपातकालीन कक्ष में अक्सर मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। इसे देखते हुए स्टाफ को पहले से मुस्तैद रखा गया था।
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