{"_id":"62a740178cd7121fa211b99e","slug":"mbbs-trainees-will-now-study-online-again-chamba-news-sml411973218","type":"story","status":"publish","title_hn":"एमबीबीएस प्रशिक्षु अब दोबारा ऑनलाइन करेंगे पढ़ाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एमबीबीएस प्रशिक्षु अब दोबारा ऑनलाइन करेंगे पढ़ाई
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंबा। कोरोना के मामलों में गिरावट आने के साथ ही जहां शिक्षण संस्थानों में ऑनलाइन पढ़ाने की प्रक्रिया बंद हो गई है वहीं पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा में दोबारा से एमबीबीएस प्रशिक्षुओं की पढ़ाई ऑनलाइन शुरू होने जा रही है। यह निर्णय सिर्फ इसलिए लिया जा रहा है क्योंकि टांडा और आईजीएमसी से कोई भी विशेषज्ञ चंबा में नौकरी नहीं करना चाहता।
इसकी वजह से यहां 100 चिकित्सकों की कमी चल रही है। इससे जहां एमबीबीएस प्रशिक्षुओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही तो वहीं ओपीडी में मरीजों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिन चिकित्सकों के प्रतिनियुक्ति पर चंबा में ऑर्डर हुए थे वे अपनी प्रतिनियुक्ति अवधि पूर्ण किए बगैर ही यहां से जा चुके हैं। इसकी वजह से मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य सेवाएं गड़बड़ा गई हैं। ओपीडी में मरीजों की जांच करने वाले चिकित्सकों को प्रशिक्षुओं की पढ़ाई भी करवानी पड़ रही है।
मेडिकल कॉलेज प्रबंधन प्रदेश सरकार से कई बार चंबा में चिकित्सकों की तैनाती करने की मांग कर चुका है लेकिन सरकार हर बार मात्र आश्वासन देकर अपना पल्ला झाड़ लेती है। आनन-फानन या विपक्षी दलों के दबाव में आकर सरकार जिन चिकित्सकों के ऑर्डर चंबा के लिए करती भी है वे चिकित्सक इन आदेशों को मानने के लिए तैयार ही नहीं होते। इसकी वजह से सरकार चिकित्सकों की मनमर्जी के आगे बेबस हो चुकी है।
विज्ञापन
टांडा और आईजीएमसी शिमला के चिकित्सकों ने सरकार को चंबा में ऑनलाइन पढ़ाई करवाने का प्रस्ताव दिया है। उन्होंने सरकार को कहा कि वे एमबीबीएस प्रशिक्षुुओं की क्लासें ऑनलाइन लेने के लिए तैयार हैं। इसलिए सरकार अब चंबा के एमबीबीएस प्रशिक्षुओं की पढ़ाई ऑनलाइन शुरू करवाने की योजना बना रही है।
कॉलेज प्राचार्य डॉ. रमेश भारती ने कहा कि मेडिकल कॉलेज चंबा चिकित्सकों की कमी से जूझ रहा है। चिकित्सकों ने एमबीबीएस प्रशिक्षुओं को ऑनलाइन पढ़ाने का प्रस्ताव दिया है। इसको लेकर सरकार का क्या फैसला होता है, यह सरकार तय करेगी। प्रबंधन ने सरकार से चंबा में अतिरिक्त चिकित्सकों की तैनाती करने की मांग की है।
विज्ञापन
इसकी वजह से यहां 100 चिकित्सकों की कमी चल रही है। इससे जहां एमबीबीएस प्रशिक्षुओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही तो वहीं ओपीडी में मरीजों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिन चिकित्सकों के प्रतिनियुक्ति पर चंबा में ऑर्डर हुए थे वे अपनी प्रतिनियुक्ति अवधि पूर्ण किए बगैर ही यहां से जा चुके हैं। इसकी वजह से मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य सेवाएं गड़बड़ा गई हैं। ओपीडी में मरीजों की जांच करने वाले चिकित्सकों को प्रशिक्षुओं की पढ़ाई भी करवानी पड़ रही है।
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज प्रबंधन प्रदेश सरकार से कई बार चंबा में चिकित्सकों की तैनाती करने की मांग कर चुका है लेकिन सरकार हर बार मात्र आश्वासन देकर अपना पल्ला झाड़ लेती है। आनन-फानन या विपक्षी दलों के दबाव में आकर सरकार जिन चिकित्सकों के ऑर्डर चंबा के लिए करती भी है वे चिकित्सक इन आदेशों को मानने के लिए तैयार ही नहीं होते। इसकी वजह से सरकार चिकित्सकों की मनमर्जी के आगे बेबस हो चुकी है।
विज्ञापन
टांडा और आईजीएमसी शिमला के चिकित्सकों ने सरकार को चंबा में ऑनलाइन पढ़ाई करवाने का प्रस्ताव दिया है। उन्होंने सरकार को कहा कि वे एमबीबीएस प्रशिक्षुुओं की क्लासें ऑनलाइन लेने के लिए तैयार हैं। इसलिए सरकार अब चंबा के एमबीबीएस प्रशिक्षुओं की पढ़ाई ऑनलाइन शुरू करवाने की योजना बना रही है।
कॉलेज प्राचार्य डॉ. रमेश भारती ने कहा कि मेडिकल कॉलेज चंबा चिकित्सकों की कमी से जूझ रहा है। चिकित्सकों ने एमबीबीएस प्रशिक्षुओं को ऑनलाइन पढ़ाने का प्रस्ताव दिया है। इसको लेकर सरकार का क्या फैसला होता है, यह सरकार तय करेगी। प्रबंधन ने सरकार से चंबा में अतिरिक्त चिकित्सकों की तैनाती करने की मांग की है।