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Chamba News: टूट गईं कड़ियां, टपकती छत के नीचे जागकर रातें काट रहा परिवार
Sat, 17 Aug 2024 10:32 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sat, 17 Aug 2024 10:32 PM IST
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मंजीर पंचायत में स्थित प्यार सिंह के जर्जर मकान की टपकती छत। संवाद
चंबा। टूटी कड़ियों के कारण टपकती छत के नीचे रातें जागकर काटने को पांच सदस्यों का परिवार मजबूर है। विकास खंड सलूणी की मंजीर पंचायत के पणताह निवासी प्यार सिंह के मिट्टीयुक्त कच्चे मकान के ये हालात हैं। मकान की हालत दयनीय है। इसे देखकर प्रतीत होता है कि किसी भी वक्त मकान मिट्टी के ढेर में तब्दील हो जाएगा।
बीपीएल परिवार से ताल्लुक रखने वाले इस परिवार की मानें तो ग्राम सभा में वर्ष 2021 में भी पक्का मकान बनवाने के लिए प्रस्ताव डलवा चुके हैं, लेकिन निर्धनों को दरकिनार कर महज अमीर परिवारों के लोगाें को ही मकान नसीब हो रहे हैं। इतना ही नहीं, शासन-प्रशासन, राजनेताओं तक के समक्ष वे बीती बरसात में मकान की कड़ियों के टूटने से मकान को खतरा होने और भूस्खलन से मकान को खतरे को लेकर अपना दुखड़ा रोते आ रहे हैं। लेकिन, आज तक आश्वासनों के सिवाय उन्हें कुछ नसीब नहीं हो पाया है। ऐसे में यहां ये साफ प्रतीत होता नजर आ रहा है कि सरकार और प्रशासन की योजनाओं को लाभ काफी हद तक पात्र लोगों को नसीब तक नहीं हो पाता है। पीड़ित परिवार के मुखिया प्यार सिंह ने बताया कि वह मेहनत-मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण कर रहा है। परिवार में उसकी पत्नी ममता देवी, तीन बेटे लेखराज, राकेश और सूरज बारिश में रात को जाग कर डर के साये में ही रात गुजारते हैं। उन्हें हर पल भय लगा रहता है।
-- पंचायत प्रधान सुरजीत कुमार ने बताया कि वर्ष 2021 में चार मकानों के लिए प्रस्ताव डाले गए। इनमें तीन मकान स्वीकृत हुुए और प्यार चंद का रह गया। बीते वर्ष बरसात से मकान को क्षति पहुंची। साथ ही भूस्खलन से प्रभावित के मकान के आगे जमीन जमींदोज हो गई। उस दौरान आपदा के तहत मकान डाला गया। यहां से मनरेगा के तहत मकान बनाने की अनुमति मिली। बताया कि मनरेगा के तहत मकान बनाने का प्रावधान ही नहीं है। बताया कि डंगे के लिए पैसा स्वीकृत हो चुका है। जियो टैगिंग भी हो चुकी है। बरसात के बाद डंगा लगवा दिया जाएगा।
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-- उपायुक्त चंबा मुकेश रेपसवाल ने बताया कि मामला ध्यान में लाया गया है। संबंधित उप मंडलाधिकारी और विकास खंड अधिकारी से मामले की जांच कर रिपोर्ट तलब की जाएगी।
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बीपीएल परिवार से ताल्लुक रखने वाले इस परिवार की मानें तो ग्राम सभा में वर्ष 2021 में भी पक्का मकान बनवाने के लिए प्रस्ताव डलवा चुके हैं, लेकिन निर्धनों को दरकिनार कर महज अमीर परिवारों के लोगाें को ही मकान नसीब हो रहे हैं। इतना ही नहीं, शासन-प्रशासन, राजनेताओं तक के समक्ष वे बीती बरसात में मकान की कड़ियों के टूटने से मकान को खतरा होने और भूस्खलन से मकान को खतरे को लेकर अपना दुखड़ा रोते आ रहे हैं। लेकिन, आज तक आश्वासनों के सिवाय उन्हें कुछ नसीब नहीं हो पाया है। ऐसे में यहां ये साफ प्रतीत होता नजर आ रहा है कि सरकार और प्रशासन की योजनाओं को लाभ काफी हद तक पात्र लोगों को नसीब तक नहीं हो पाता है। पीड़ित परिवार के मुखिया प्यार सिंह ने बताया कि वह मेहनत-मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण कर रहा है। परिवार में उसकी पत्नी ममता देवी, तीन बेटे लेखराज, राकेश और सूरज बारिश में रात को जाग कर डर के साये में ही रात गुजारते हैं। उन्हें हर पल भय लगा रहता है।
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