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Chamba News: कुंभकरण और विभीषण ने ब्रह्मा से मांगा वरदान
Fri, 04 Oct 2024 09:43 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Fri, 04 Oct 2024 09:43 PM IST
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चंबा के डलहौजी में राम लीला मंचन के दौरान कलाकार।संवाद
डलहौजी (चंबा)। सदर बाजार डलहौजी में रामलीला की शुरुआत तीन आरतियों के साथ हुई। पहली आरती गणपति, दूसरी आरती श्री रामायण और तीसरी आरती भगवान शिव की हुई।
इसके पश्चात पहला दृश्य शिव पार्वती का दर्शाया गया। इसमें माता पार्वती श्री राम की लीलाओं और मनुष्य जन्म के बारे में भगवान शिव से पूछती हैं। भगवान शिव श्रीराम की पूरी कथा सुनाते हैं। इसके पश्चात रावण, कुंभकर्ण और विभीषण अपनी तपस्या से ब्रह्मा से वरदान मांगते हैं। उसके पश्चात रावण साधु-संतों पर अत्याचार करने के लिए अपने दूत भेजते हैं। दूत रावण की पूजा करने को कहते हैं। साधु-संत इसे स्वीकार नहीं करते। इस पर दूत सभी साधु-संतों का विनाश कर देते हैं। इसके पश्चात के दृश्य में रावण भगवान शिव की पूजा करते हैं और उनसे चंद्रहास तलवार बर के रूप में स्वीकार करते हैं। रावण की नजर माता देवहूति पर पड़ती है तो अपने बल से उन्हें हासिल करना चाहता है तो देवहूति अग्नि में प्रवेश कर जाती हैं। इसके बाद आरती की गई।
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इसके पश्चात पहला दृश्य शिव पार्वती का दर्शाया गया। इसमें माता पार्वती श्री राम की लीलाओं और मनुष्य जन्म के बारे में भगवान शिव से पूछती हैं। भगवान शिव श्रीराम की पूरी कथा सुनाते हैं। इसके पश्चात रावण, कुंभकर्ण और विभीषण अपनी तपस्या से ब्रह्मा से वरदान मांगते हैं। उसके पश्चात रावण साधु-संतों पर अत्याचार करने के लिए अपने दूत भेजते हैं। दूत रावण की पूजा करने को कहते हैं। साधु-संत इसे स्वीकार नहीं करते। इस पर दूत सभी साधु-संतों का विनाश कर देते हैं। इसके पश्चात के दृश्य में रावण भगवान शिव की पूजा करते हैं और उनसे चंद्रहास तलवार बर के रूप में स्वीकार करते हैं। रावण की नजर माता देवहूति पर पड़ती है तो अपने बल से उन्हें हासिल करना चाहता है तो देवहूति अग्नि में प्रवेश कर जाती हैं। इसके बाद आरती की गई।
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