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किशाऊ परियोजना से मिलेगी 211 मेगावाट बिजली : केवल
Wed, 23 Sep 2026 10:47 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Wed, 23 Sep 2026 10:47 AM IST
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चंबा। मुख्यमंत्री के उप मुख्य सचेतक और कांगड़ा जिले के शाहपुर से विधायक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि किशाऊ बांध परियोजना को लेकर हुआ समझौता हिमाचल के लिए महत्वपूर्ण है।
उनके अनुसार प्रदेश को परियोजना से 211 मेगावाट बिजली मिलेगी और इसका उत्पादन खर्च हिमाचल को नहीं उठाना पड़ेगा। परियोजना पूरी होने के बाद प्रदेश को सालाना करीब 1200 करोड़ रुपये की आय का अनुमान है।
चंबा में प्रेस वार्ता में पठानिया ने वाइल्ड फ्लावर हॉल के मालिकाना हक को भी प्रदेश के आर्थिक हितों से जुड़ा मामला बताया। उन्होंने कहा कि 23 वर्ष से एक रुपये की लीज पर चल रहे होटल की लीज रद्द होने के बाद प्रदेश को मालिकाना हक मिला और इससे करीब 450 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं।
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उन्होंने बीबीएमबी से हिमाचल की लंबित 7200 करोड़ रुपये की राशि की प्राप्ति के लिए सरकार के प्रयासों का भी उल्लेख किया। पठानिया ने कहा कि शानन और बैरास्यूल परियोजनाओं की निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद प्रदेश के अधिकार सुनिश्चित किए जाने चाहिए।
उन्होंने चमेरा परियोजनाओं के कारण चंबा को होने वाले पर्यावरणीय नुकसान के एवज में जिले को उचित लाभ देने की मांग भी रखी। चंडीगढ़ में प्रदेश के 7.19 प्रतिशत हिस्से और वाटर सेस से जुड़े मामलों को भी उन्होंने प्रदेश हित से जोड़ा।
उन्होंने कहा कि सरकार ने हिमाचल के लिए एक हजार इलेक्ट्रिक बसों का प्रावधान किया है। इससे परिवहन व्यवस्था में बदलाव के साथ पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। इस दौरान सदर विधायक नीरज नैयर, जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुरजीत भरमौरी, प्रदेश हज कमेटी अध्यक्ष दिलदार अली बट्ट और ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष ओम प्रकाश मौजूद रहे।
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उनके अनुसार प्रदेश को परियोजना से 211 मेगावाट बिजली मिलेगी और इसका उत्पादन खर्च हिमाचल को नहीं उठाना पड़ेगा। परियोजना पूरी होने के बाद प्रदेश को सालाना करीब 1200 करोड़ रुपये की आय का अनुमान है।
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चंबा में प्रेस वार्ता में पठानिया ने वाइल्ड फ्लावर हॉल के मालिकाना हक को भी प्रदेश के आर्थिक हितों से जुड़ा मामला बताया। उन्होंने कहा कि 23 वर्ष से एक रुपये की लीज पर चल रहे होटल की लीज रद्द होने के बाद प्रदेश को मालिकाना हक मिला और इससे करीब 450 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं।
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उन्होंने बीबीएमबी से हिमाचल की लंबित 7200 करोड़ रुपये की राशि की प्राप्ति के लिए सरकार के प्रयासों का भी उल्लेख किया। पठानिया ने कहा कि शानन और बैरास्यूल परियोजनाओं की निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद प्रदेश के अधिकार सुनिश्चित किए जाने चाहिए।
उन्होंने चमेरा परियोजनाओं के कारण चंबा को होने वाले पर्यावरणीय नुकसान के एवज में जिले को उचित लाभ देने की मांग भी रखी। चंडीगढ़ में प्रदेश के 7.19 प्रतिशत हिस्से और वाटर सेस से जुड़े मामलों को भी उन्होंने प्रदेश हित से जोड़ा।
उन्होंने कहा कि सरकार ने हिमाचल के लिए एक हजार इलेक्ट्रिक बसों का प्रावधान किया है। इससे परिवहन व्यवस्था में बदलाव के साथ पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। इस दौरान सदर विधायक नीरज नैयर, जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुरजीत भरमौरी, प्रदेश हज कमेटी अध्यक्ष दिलदार अली बट्ट और ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष ओम प्रकाश मौजूद रहे।