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Chamba News: खज्जियार का हाल, मिट्टी से भरे जा रहे सड़क के गड्ढे
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खज्जियार-बैंसका मार्ग की दयनीय हालत को ब्यां करती तस्वीर।
पर्यटक सुंदरता देख हो रहे आनंदित, स्थानीय लोग धूल से बेहाल
न तो पंचायत करवा रही मरम्मत, न लोक निर्माण विभाग दे रहा ध्यान
संवाद न्यूज एजेंसी
खज्जियार (चंबा)। पर्यटन स्थल खज्जियार की सुंदरता को देख भले ही पर्यटक आनंदित होते हैं, लेकिन यहां के स्थानीय लोग आज भी मूलभूत सुविधाओं के अभाव से परेशान हैं। आधा दर्जन गांवों को जोड़ने वाली बैंसका सड़क अनदेखी का दंश झेल रही है। न तो इस सड़क को पंचायत ठीक करवा रही है और न ही लोक निर्माण विभाग इसकी मरम्मत करवा रहा है।
कभी कभार विभाग की तरफ से सड़क पर मिट्टी डाल दी जाती है। इससे गड्ढे तो भर जाते हैं, लेकिन वाहन चालकों और राहगीरों की समस्या कम नहीं होती। धूल हवा के साथ उड़कर राहगीरों और चालकों की आंखों में जाती है। स्थानीय लोगों में विशाल ठाकुर, हंसराज, धर्मेंद्र कुमार, पंकज, सुनील कुमार, सोनू, मनोज कुमार, योगराज और सुरेश कुमार ने बताया कि जिस पर्यटन स्थल को मिनी स्विटजरलैंड का दर्जा प्राप्त है। वहां रहने वाले लोग टूटी फूटी सड़क से आवाजाही करने को मजबूर हैं।
सड़क को न तो पक्का किया गया और न ही उसकी नियमित मरम्मत की जा रही है। गांव लिंडी बेई, दरोल, कपाहड़ी सहित अन्य गांव के लोगों ने प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि सड़क की हालत सुधारने के लिए उचित कदम उठाए जाएं।
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न तो पंचायत करवा रही मरम्मत, न लोक निर्माण विभाग दे रहा ध्यान
संवाद न्यूज एजेंसी
खज्जियार (चंबा)। पर्यटन स्थल खज्जियार की सुंदरता को देख भले ही पर्यटक आनंदित होते हैं, लेकिन यहां के स्थानीय लोग आज भी मूलभूत सुविधाओं के अभाव से परेशान हैं। आधा दर्जन गांवों को जोड़ने वाली बैंसका सड़क अनदेखी का दंश झेल रही है। न तो इस सड़क को पंचायत ठीक करवा रही है और न ही लोक निर्माण विभाग इसकी मरम्मत करवा रहा है।
कभी कभार विभाग की तरफ से सड़क पर मिट्टी डाल दी जाती है। इससे गड्ढे तो भर जाते हैं, लेकिन वाहन चालकों और राहगीरों की समस्या कम नहीं होती। धूल हवा के साथ उड़कर राहगीरों और चालकों की आंखों में जाती है। स्थानीय लोगों में विशाल ठाकुर, हंसराज, धर्मेंद्र कुमार, पंकज, सुनील कुमार, सोनू, मनोज कुमार, योगराज और सुरेश कुमार ने बताया कि जिस पर्यटन स्थल को मिनी स्विटजरलैंड का दर्जा प्राप्त है। वहां रहने वाले लोग टूटी फूटी सड़क से आवाजाही करने को मजबूर हैं।
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सड़क को न तो पक्का किया गया और न ही उसकी नियमित मरम्मत की जा रही है। गांव लिंडी बेई, दरोल, कपाहड़ी सहित अन्य गांव के लोगों ने प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि सड़क की हालत सुधारने के लिए उचित कदम उठाए जाएं।
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