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Chamba News: शहर में अतिक्रमण हटाने गई टीम से उलझे अवैध रेहड़ी-फड़ी धारक, जमकर हुई बहस
Wed, 10 Apr 2024 09:49 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Wed, 10 Apr 2024 09:49 PM IST
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चंबा। जिला डाकघर से कसाकड़ा स्थित बस अड्डे के साथ सड़क किनारे अवैध रूप से रेहड़ी-फड़ी लगाने वालों पर नगर परिषद और पुलिस की कार्रवाई के दौरान विवाद हो गया।
रेहड़ी-फड़ी धारकों ने नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। कहा कि शहर की दुकानों के छज्जे बढ़ाने वालों पर भी एक समान कार्रवाई की जाए। उन्होंने साफ किया कि हर बार गरीब परिवारों से संबंध रखने वाले रेहड़ी-फड़ी धारकों पर ही नगर परिषद कार्रवाई करती है। नगर परिषद ने सख्ती से काम लेते हुए बिना अनुमति रेहड़ी-फड़ी लगाने वालों को खदेड़ दिया। चेतावनी दी है कि यदि दोबारा रेहड़ी-फड़ी लगाते हैं तो उनका सामान जब्त कर पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना वसूला जाएगा। नगर परिषद ने बुधवार को जिला डाकघर से न्यू बस स्टैंड कसाकड़ा तक सड़क के किनारे अवैध रूप से बैठे 100 से अधिक रेहड़ी-फड़ी धारकों को हटाया। अतिक्रमण हटाने का यह अभियान पुलिस के सहयोग से चलाया गया। संयुक्त कार्रवाई से अवैध तरीके से रेहड़ी-फड़़ी लगाने वालों में हड़कंप मच गया।
अवैध तरीके से सड़क पर दुकानदारी सजाने से लोगों को पैदल चलने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से उठाया था। इसके अगले ही दिन नगर परिषद और पुलिस ने यह संयुक्त कार्रवाई की। जब तक अवैध रेहड़ी-फड़ी धारकों ने रेहड़ियां नहीं हटाईं, तब तक नगर परिषद और पुलिस की टीम निरीक्षण करती रही। इस दौरान नगर परिषद अध्यक्ष नीलम नैय्यर, सहायक अभियंता मदन लाल शर्मा, कनिष्ठ अभियंता नीतिका ठाकुर सहित वार्ड पार्षद, नगर परिषद और पुलिस टीम मौजूद रही।--
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आरोप .. मुफ्त लेते हैं सामान, फिर भी कर देते हैं चालान
रेहड़ी-फड़ी धारकों ने नगर परिषद और पुलिय्को के समक्ष बताया कि शहर में दुकानदारों और रेहड़ी-फड़ी धारकों पर एक समान कानून लागू होना चाहिए। निर्धन परिवारों पर नप चाबुक चला देती है। दुकानदारों के अतिक्रमण पर उनके प्रति दरियादिली दिखाई जाती है। नप के कुछ कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर अंगुली उठाते हुए लोगों ने बताया कि इन रेहड़ी-फड़ी धारकों से मुफ्त में सामान लेने के बाद उनके बार-बार चालान तक कर दिए जाते हैं। लिहाजा, रेहड़ी-फड़ी लगा कर अपने परिवारों का पालन-पोषण करने वालों के साथ भी न्याय होना चाहिए।
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रेहड़ी-फड़ी धारकों ने नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। कहा कि शहर की दुकानों के छज्जे बढ़ाने वालों पर भी एक समान कार्रवाई की जाए। उन्होंने साफ किया कि हर बार गरीब परिवारों से संबंध रखने वाले रेहड़ी-फड़ी धारकों पर ही नगर परिषद कार्रवाई करती है। नगर परिषद ने सख्ती से काम लेते हुए बिना अनुमति रेहड़ी-फड़ी लगाने वालों को खदेड़ दिया। चेतावनी दी है कि यदि दोबारा रेहड़ी-फड़ी लगाते हैं तो उनका सामान जब्त कर पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना वसूला जाएगा। नगर परिषद ने बुधवार को जिला डाकघर से न्यू बस स्टैंड कसाकड़ा तक सड़क के किनारे अवैध रूप से बैठे 100 से अधिक रेहड़ी-फड़ी धारकों को हटाया। अतिक्रमण हटाने का यह अभियान पुलिस के सहयोग से चलाया गया। संयुक्त कार्रवाई से अवैध तरीके से रेहड़ी-फड़़ी लगाने वालों में हड़कंप मच गया।
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अवैध तरीके से सड़क पर दुकानदारी सजाने से लोगों को पैदल चलने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से उठाया था। इसके अगले ही दिन नगर परिषद और पुलिस ने यह संयुक्त कार्रवाई की। जब तक अवैध रेहड़ी-फड़ी धारकों ने रेहड़ियां नहीं हटाईं, तब तक नगर परिषद और पुलिस की टीम निरीक्षण करती रही। इस दौरान नगर परिषद अध्यक्ष नीलम नैय्यर, सहायक अभियंता मदन लाल शर्मा, कनिष्ठ अभियंता नीतिका ठाकुर सहित वार्ड पार्षद, नगर परिषद और पुलिस टीम मौजूद रही।
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आरोप .. मुफ्त लेते हैं सामान, फिर भी कर देते हैं चालान
रेहड़ी-फड़ी धारकों ने नगर परिषद और पुलिय्को के समक्ष बताया कि शहर में दुकानदारों और रेहड़ी-फड़ी धारकों पर एक समान कानून लागू होना चाहिए। निर्धन परिवारों पर नप चाबुक चला देती है। दुकानदारों के अतिक्रमण पर उनके प्रति दरियादिली दिखाई जाती है। नप के कुछ कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर अंगुली उठाते हुए लोगों ने बताया कि इन रेहड़ी-फड़ी धारकों से मुफ्त में सामान लेने के बाद उनके बार-बार चालान तक कर दिए जाते हैं। लिहाजा, रेहड़ी-फड़ी लगा कर अपने परिवारों का पालन-पोषण करने वालों के साथ भी न्याय होना चाहिए।