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Chamba News: जेबीटी की तैनाती नहीं हुई तो डीसी दफ्तर के बाहर देंगे धरना
Sat, 10 Aug 2024 09:53 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sat, 10 Aug 2024 09:53 PM IST
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चुराह (चंबा)। राजकीय प्राथमिक पाठशाला भराड़ा-प्रथम में जेबीटी की तैनाती नहीं होने से नाराज अध्यापकों ने प्रशासन को जिला मुख्यालय में प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है।
पांच दिन तक अभिभावकों ने अपने बच्चों को स्कूल में पढ़ने के लिए नहीं भेजा। अब अभिभावकों ने एकमत होकर फैसला लिया है कि यदि सोमवार को किसी जेबीटी को पाठशाला में तैनाती नहीं किया गया तो सभी अभिभावक उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ जाएंगे। इसके बाद जो भी परिस्थिति पैदा होगी। उसकी जिम्मेदारी पूर्ण रूप से प्रशासन व शिक्षा विभाग की रहेगी। अभिभावक अपने बच्चों के भविष्य को लेकर काफी चिंतित हैं। स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष योगराज ने बताया कि भराड़ा में दो जेबीटी के पद स्वीकृत हैं, लेकिन मौजूदा समय में वहां एक ही शिक्षक बच्चों की पढ़ाई करवा रहा है, जबकि पाठशाला में 82 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई एक शिक्षक के लिए करवाना पाना मुश्किल हो रहा है। शिक्षक को बच्चों की पढ़ाई के साथ प्रबंधन का भी कार्य देखना पड़ता है। कई बार शिक्षा विभाग से मांग करने के बाद भी जब पाठशाला में अध्यापक की तैनाती नहीं की गई तो मजबूरन अभिभावकों को अपने बच्चे स्कूल भेजना बंद करने पड़े। पिछले पांच दिनों से बच्चे नहीं बल्कि अभिभावक स्कूल में जाकर धरना दे रहे हैं। सोमवार को अध्यापक की तैनाती नहीं होने पर माहौल ओर भी बिगड़ सकता है।
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पांच दिन तक अभिभावकों ने अपने बच्चों को स्कूल में पढ़ने के लिए नहीं भेजा। अब अभिभावकों ने एकमत होकर फैसला लिया है कि यदि सोमवार को किसी जेबीटी को पाठशाला में तैनाती नहीं किया गया तो सभी अभिभावक उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ जाएंगे। इसके बाद जो भी परिस्थिति पैदा होगी। उसकी जिम्मेदारी पूर्ण रूप से प्रशासन व शिक्षा विभाग की रहेगी। अभिभावक अपने बच्चों के भविष्य को लेकर काफी चिंतित हैं। स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष योगराज ने बताया कि भराड़ा में दो जेबीटी के पद स्वीकृत हैं, लेकिन मौजूदा समय में वहां एक ही शिक्षक बच्चों की पढ़ाई करवा रहा है, जबकि पाठशाला में 82 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई एक शिक्षक के लिए करवाना पाना मुश्किल हो रहा है। शिक्षक को बच्चों की पढ़ाई के साथ प्रबंधन का भी कार्य देखना पड़ता है। कई बार शिक्षा विभाग से मांग करने के बाद भी जब पाठशाला में अध्यापक की तैनाती नहीं की गई तो मजबूरन अभिभावकों को अपने बच्चे स्कूल भेजना बंद करने पड़े। पिछले पांच दिनों से बच्चे नहीं बल्कि अभिभावक स्कूल में जाकर धरना दे रहे हैं। सोमवार को अध्यापक की तैनाती नहीं होने पर माहौल ओर भी बिगड़ सकता है।
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