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ृक माह पहले पिता की हुई मौत, अब बेटा विक्रम हुआ हादसे का शिकार
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भरमौर/होली(चंबा)। खड़ामुख-होली मार्ग पर घिरड़ू के समीप हुआ हादसा तीन परिवारों को कभी न भरने वाले जख्म दे गया। हादसे में तीन युवकों की मौत से गांव में मातम छा गया है। तीनों युवकों की मौत होने से परिजनों का जहां रो-रो कर बुरा हाल है तो वहीं दूसरी तरफ ग्रामीणों में भी शोक की लहर दौड़ गई है। रविवार को ही तीनों के शव बरामद किए गए हैं। युवकों को ग्रामीणों ने नम आंखों से अंतिम विदाई दी।
बताया जा रहा है कि शनिवार देर शाम रावी नदी में गिरी कार को विक्रम सिंह चला रहा था। उसके पिता का एक माह पहले ही देहांत हुआ है जबकि बड़े भाई की एक साल पहले मौत हो चुकी है। विक्रम अपने पीछे डेढ़ साल का बेटा, पत्नी और मां को बेसहारा छोड़ गए हैं।
विक्रम के तीसरे भाई पर अब घर की जिम्मेदारियों का बोझ पड़ गया है। दूसरी तरफ हादसे में काल का ग्रास बने दो युवक अभी कुंवारे थे। ठेकेदारी कर वे अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। कुल मिलाकर यह हादसा परिजनों पर पहाड़ बनकर टूट पड़ा है। युवकों के परिजनों को ग्रामीण ढांढस बंधवा रहे थे। नौजवान लाडलों के शव घर पहुंचते ही चीखपुकार मच गई। परिजन उस घड़ी को कोसते रहे जब उनके लाडले घर से निकले। खड़ामुख-होली मार्ग पर घिरडू मोड़ के पास रावी नदी में गिरी कार में सवार तीनों युवकों के परिजनों को क्या मालूम था कि उनके लाडले अब कभी घर नहीं लौटेंगे। ग्राम पंचायत उलांसा के उपप्रधान हेमराज ने बताया कि हादसे से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। कहा कि परिजनों को पंचायत की ओर से हरसंभव सहायता प्रदान करने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने प्रशासन से भी मांग की है कि पीड़ित परिवारों की मदद की जाए।
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बताया जा रहा है कि शनिवार देर शाम रावी नदी में गिरी कार को विक्रम सिंह चला रहा था। उसके पिता का एक माह पहले ही देहांत हुआ है जबकि बड़े भाई की एक साल पहले मौत हो चुकी है। विक्रम अपने पीछे डेढ़ साल का बेटा, पत्नी और मां को बेसहारा छोड़ गए हैं।
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विक्रम के तीसरे भाई पर अब घर की जिम्मेदारियों का बोझ पड़ गया है। दूसरी तरफ हादसे में काल का ग्रास बने दो युवक अभी कुंवारे थे। ठेकेदारी कर वे अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। कुल मिलाकर यह हादसा परिजनों पर पहाड़ बनकर टूट पड़ा है। युवकों के परिजनों को ग्रामीण ढांढस बंधवा रहे थे। नौजवान लाडलों के शव घर पहुंचते ही चीखपुकार मच गई। परिजन उस घड़ी को कोसते रहे जब उनके लाडले घर से निकले। खड़ामुख-होली मार्ग पर घिरडू मोड़ के पास रावी नदी में गिरी कार में सवार तीनों युवकों के परिजनों को क्या मालूम था कि उनके लाडले अब कभी घर नहीं लौटेंगे। ग्राम पंचायत उलांसा के उपप्रधान हेमराज ने बताया कि हादसे से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। कहा कि परिजनों को पंचायत की ओर से हरसंभव सहायता प्रदान करने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने प्रशासन से भी मांग की है कि पीड़ित परिवारों की मदद की जाए।
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