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Chamba News: होली स्कूल में पूरा स्टाफ नहीं, दूसरे विषयों के शिक्षक करवा रहे पढ़ाई
Sun, 05 May 2024 09:38 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sun, 05 May 2024 09:38 PM IST
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होली (चंबा)। नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है, लेकिन स्कूल में स्टाफ की कमी के चलते छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय होली में तीन साल से पूरा स्टाफ नहीं है।
इससे सत्र की शुरुआत में ही विद्यार्थियों के भविष्य पर खतरा मंडराने लगा है। ऐसे में अपने बच्चों के भविष्य को लेकर अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। कुछ परिवार निर्धन होने के कारण निजी स्कूलों में अपने बच्चों को भेजने में असमर्थ हैं। पिछले तीन साल से विद्यालय में नॉन मेडिकल, इतिहास, पीटीआई, कला विषय के पद रिक्त हैं। दूसरे विषयों के अध्यापक ही समय निकालकर बच्चों को पढ़ाते हैं। इस कारण तैनात स्टाफ पर भी अतिरिक्त भार पड़ रहा है। विद्यार्थियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, इस बारे में कई बार शिक्षा विभाग को स्कूल प्रबंधन समिति की ओर से प्रस्ताव भेजा गया है, मगर समस्या जस की तस बनी हुई है। स्कूल में 320 विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं।
अभिभावकों में प्रीमा देवी, सरोज देवी, मनीषा देवी, खेम राज, अशोक कुमार, राजिंद्र कुमार, मनोज कुमार और शाम लाल ने कहा कि जब स्कूल में पूरा स्टाफ ही तैनात नहीं होगा तो विद्यार्थी नियमित रूप से कैसे पढ़ाई कर पाएंगे। पिछले तीन साल से स्कूल में स्टाफ की कमी है। हर बार आश्वासन के अलावा कुछ हासिल नहीं हुआ है। उन्होंने सरकार और शिक्षा विभाग से मांग की है कि स्कूल में जल्द से जल्द खाली पदों को भरा जाए।
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उधर, स्कूल प्रधानाचार्य विजय शर्मा ने कहा कि स्कूल में स्टाफ की कमी है। विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसलिए दूसरे विषय के अध्यापक पढ़ाते हैं। शिक्षा विभाग को इस बारे में अवगत करवा दिया गया है।
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उच्च शिक्षा उपनिदेशक प्यार सिंह चाढ़क का कहना है कि कई स्कूलों में स्टाफ की कमी है। इसको लेकर निदेशालय को प्रस्ताव के माध्यम अवगत करवाया जा चुका है। उम्मीद है कि जल्द स्कूल में पूरे स्टाफ की तैनाती हो जाए।
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इससे सत्र की शुरुआत में ही विद्यार्थियों के भविष्य पर खतरा मंडराने लगा है। ऐसे में अपने बच्चों के भविष्य को लेकर अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। कुछ परिवार निर्धन होने के कारण निजी स्कूलों में अपने बच्चों को भेजने में असमर्थ हैं। पिछले तीन साल से विद्यालय में नॉन मेडिकल, इतिहास, पीटीआई, कला विषय के पद रिक्त हैं। दूसरे विषयों के अध्यापक ही समय निकालकर बच्चों को पढ़ाते हैं। इस कारण तैनात स्टाफ पर भी अतिरिक्त भार पड़ रहा है। विद्यार्थियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, इस बारे में कई बार शिक्षा विभाग को स्कूल प्रबंधन समिति की ओर से प्रस्ताव भेजा गया है, मगर समस्या जस की तस बनी हुई है। स्कूल में 320 विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं।
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अभिभावकों में प्रीमा देवी, सरोज देवी, मनीषा देवी, खेम राज, अशोक कुमार, राजिंद्र कुमार, मनोज कुमार और शाम लाल ने कहा कि जब स्कूल में पूरा स्टाफ ही तैनात नहीं होगा तो विद्यार्थी नियमित रूप से कैसे पढ़ाई कर पाएंगे। पिछले तीन साल से स्कूल में स्टाफ की कमी है। हर बार आश्वासन के अलावा कुछ हासिल नहीं हुआ है। उन्होंने सरकार और शिक्षा विभाग से मांग की है कि स्कूल में जल्द से जल्द खाली पदों को भरा जाए।
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उधर, स्कूल प्रधानाचार्य विजय शर्मा ने कहा कि स्कूल में स्टाफ की कमी है। विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसलिए दूसरे विषय के अध्यापक पढ़ाते हैं। शिक्षा विभाग को इस बारे में अवगत करवा दिया गया है।
उच्च शिक्षा उपनिदेशक प्यार सिंह चाढ़क का कहना है कि कई स्कूलों में स्टाफ की कमी है। इसको लेकर निदेशालय को प्रस्ताव के माध्यम अवगत करवाया जा चुका है। उम्मीद है कि जल्द स्कूल में पूरे स्टाफ की तैनाती हो जाए।