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घर-द्वार नहीं मिल रहा स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ
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बनीखेत (चंबा)। स्वास्थ्य खंड समोट के तहत आने वाले आठ स्वास्थ्य उपकेंद्रों में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के पद खाली पड़े हैं।
पद रिक्त होने से ग्रामीणों विशेषकर महिलाओं और बच्चों को टीकाकरण सहित स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीणों की सहूलियत के लिए अपनी तरफ से नींव के पत्थर तो खड़े कर दिए लेकिन इन स्वास्थ्य उपकेंद्रों में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के पद नहीं भरे। इससे लोगों को स्वास्थ्य विभाग की मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा है।
स्वास्थ्य खंड समोट के तहत मेल, मोरनू, चुहन, सुकराह, ज्यूंता, शेरपुर, ओसल और बलेरा स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर करीब 23 हजार की आबादी निर्भर है लेकिन स्वास्थ्य उपकेंद्रों में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के पद नहीं भरे जा सके हैं। इसके चलते लोगों को मामूली इलाज के लिए भी मीलों का सफर तय करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों रमन कुमार, रत्न चंद, ओम प्रकाश, सुरजीत ठाकुर, सुदेश कुमारी, अशोक कुमार, सतीश कुमार, पूजा देवी, निर्मला देवी, बांको देवी, सुषमा देवी, कौशल्या देवी आदि ने बताया कि स्वास्थ्य उपकेंद्र भवन बनने से ग्रामीणों को घर-द्वार स्वास्थ्य लाभ मिलने की उम्मीद थी लेकिन स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के पद खाली होने से ग्रामीणों को स्वास्थ्य लाभ नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग से स्वास्थ्य उपकेंद्रों में जल्द रिक्त पद भरने की मांग की है।
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स्वास्थ्य उपकेंद्रों में महिला और पुरुष स्वास्थ्य कार्यकर्ता मां-बच्चे को रोग-प्रतिरोधक टीके लगाने, बच्चों और गर्भवती महिलाओं को विभिन्न प्रकार के टीके लगाने का कार्य करते हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग की ओर से विभिन्न प्रकार की योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने का कार्य करते हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कपिल शर्मा ने बताया कि स्वास्थ्य उपकेंद्रों में खाली चल रहे स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के पदों के बारे में निदेशालय को अवगत करवाया गया है।
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पद रिक्त होने से ग्रामीणों विशेषकर महिलाओं और बच्चों को टीकाकरण सहित स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीणों की सहूलियत के लिए अपनी तरफ से नींव के पत्थर तो खड़े कर दिए लेकिन इन स्वास्थ्य उपकेंद्रों में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के पद नहीं भरे। इससे लोगों को स्वास्थ्य विभाग की मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा है।
स्वास्थ्य खंड समोट के तहत मेल, मोरनू, चुहन, सुकराह, ज्यूंता, शेरपुर, ओसल और बलेरा स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर करीब 23 हजार की आबादी निर्भर है लेकिन स्वास्थ्य उपकेंद्रों में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के पद नहीं भरे जा सके हैं। इसके चलते लोगों को मामूली इलाज के लिए भी मीलों का सफर तय करना पड़ रहा है।
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ग्रामीणों रमन कुमार, रत्न चंद, ओम प्रकाश, सुरजीत ठाकुर, सुदेश कुमारी, अशोक कुमार, सतीश कुमार, पूजा देवी, निर्मला देवी, बांको देवी, सुषमा देवी, कौशल्या देवी आदि ने बताया कि स्वास्थ्य उपकेंद्र भवन बनने से ग्रामीणों को घर-द्वार स्वास्थ्य लाभ मिलने की उम्मीद थी लेकिन स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के पद खाली होने से ग्रामीणों को स्वास्थ्य लाभ नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग से स्वास्थ्य उपकेंद्रों में जल्द रिक्त पद भरने की मांग की है।
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स्वास्थ्य उपकेंद्रों में महिला और पुरुष स्वास्थ्य कार्यकर्ता मां-बच्चे को रोग-प्रतिरोधक टीके लगाने, बच्चों और गर्भवती महिलाओं को विभिन्न प्रकार के टीके लगाने का कार्य करते हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग की ओर से विभिन्न प्रकार की योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने का कार्य करते हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कपिल शर्मा ने बताया कि स्वास्थ्य उपकेंद्रों में खाली चल रहे स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के पदों के बारे में निदेशालय को अवगत करवाया गया है।