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गायनी ओपीडी में दोपहर तक नहीं आया कोई डॉक्टर, मरीज हुए परेशान
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चंबा। चंबा मेडिकल कॉलेज में सोमवार को गायनी ओपीडी खाली रही। इसके चलते मरीजों का गुस्सा फूट पड़ा। अपना गुस्सा जाहिर करने के लिए मरीजों और तीमारदारों ने अस्पताल के बाहर नारेबाजी शुुरू कर दी। दस मिनट तक नारेबाजी करने के बाद तीमारदार और मरीज चिकित्सा अधीक्षक से मिलने पहुंच गए, जहां मरीजों ने अपनी समस्या रखी। मेडिकल कॉलेज में तैनात महिला विशेषज्ञ डॉक्टर अभिनव 27 दिसंबर तक छुट्टी पर चले गए हैं। जबकि, डेपुटेशन पर चंबा मेडिकल कॉलेज में सेवाएं दे रहे महिला विशेषज्ञ सोमवार को ऑप्रेशन थियेटर में व्यस्त रहे। इसकी वजह से वह ओपीडी में नहीं पहुंच पाए। जबकि, बाद में उन्होंने वार्ड में सभी मरीजों की जांच की।
गौरतलब है कि मेडिकल कॉलेज चंबा में तैनात चार महिला रोग विशेषज्ञ तबादला करवा कर दूसरे चिकित्सा संस्थानों में जा चुके हैं। ऐसी विकट परिस्थिति में मात्र एक महिला रोग विशेषज्ञ ड्यूटी देने को विवश है। हालांकि, सरकार ने अपना पल्लू झाड़ते हुए एक महिला रोग चिकित्सक मेडिकल कॉलेज चंबा में डेपुटेशन पर भेजा है। मेडिकल कॉलेज चंबा में रोजाना 150 से 200 महिलाएं उपचार करवाने के लिए पहुंचती हैं लेकिन, एक मात्र महिला रोग चिकित्सक होने के कारण महिलाओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
तीमारदारों कलसूम, प्रवीण, हिना, बबली, कमला, पूजा, कांता, ओमा, दीपी, बीना और राकेश कुमार ने बताया कि चंबा मेडिकल कॉलेज की महिला ओपीडी ज्यादातर खाली रहती है। इससे मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार मेडिकल कॉलेज में महिला रोग विशेषज्ञों की तैनाती नहीं कर रही है। इससे मरीजों को मजबूरन इलाज के लिए निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। सोमवार को मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में दोपहर तक कोई डॉक्टर नहीं पहुंचा। जबकि, मरीज सुबह ही पर्ची बनाकर ओपीडी के बाहर लाइनों में खड़े हो गए थे। एक डॉक्टर छुट्टी पर है। दूसरा डॉक्टर ऑप्रेशन थियेटर में इमरजेंसी में व्यस्त रहा। जिले की छह लाख आबादी खासकर महिलाएं अपने उपचार को लेकर मेडिकल कॉलेज पर ही निर्भर हैं लेकिन ओपीडी में डॉक्टर न मिलने से महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। उन्होंने सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि मेडिकल कॉलेज चंबा में महिला रोग विशेष की तैनाती की जाए।
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कार्यकारी चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर राम कमल ने बताया कि महिला विशेषज्ञ छुट्टी पर गए हैं। जबकि, दूसरे विशेेषज्ञ सोमवार को ऑप्रेशन थियेटर में गर्भवतियों के ऑप्रेशन कर रहे थे। इसके चलते वह ओपीडी में नहीं पहुंच पाए। सरकार को मेडिकल कॉलेज में अतिरिक्त महिला विशेषज्ञ तैनात करने के लिए पत्र लिखा गया है।
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गौरतलब है कि मेडिकल कॉलेज चंबा में तैनात चार महिला रोग विशेषज्ञ तबादला करवा कर दूसरे चिकित्सा संस्थानों में जा चुके हैं। ऐसी विकट परिस्थिति में मात्र एक महिला रोग विशेषज्ञ ड्यूटी देने को विवश है। हालांकि, सरकार ने अपना पल्लू झाड़ते हुए एक महिला रोग चिकित्सक मेडिकल कॉलेज चंबा में डेपुटेशन पर भेजा है। मेडिकल कॉलेज चंबा में रोजाना 150 से 200 महिलाएं उपचार करवाने के लिए पहुंचती हैं लेकिन, एक मात्र महिला रोग चिकित्सक होने के कारण महिलाओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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तीमारदारों कलसूम, प्रवीण, हिना, बबली, कमला, पूजा, कांता, ओमा, दीपी, बीना और राकेश कुमार ने बताया कि चंबा मेडिकल कॉलेज की महिला ओपीडी ज्यादातर खाली रहती है। इससे मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार मेडिकल कॉलेज में महिला रोग विशेषज्ञों की तैनाती नहीं कर रही है। इससे मरीजों को मजबूरन इलाज के लिए निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। सोमवार को मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में दोपहर तक कोई डॉक्टर नहीं पहुंचा। जबकि, मरीज सुबह ही पर्ची बनाकर ओपीडी के बाहर लाइनों में खड़े हो गए थे। एक डॉक्टर छुट्टी पर है। दूसरा डॉक्टर ऑप्रेशन थियेटर में इमरजेंसी में व्यस्त रहा। जिले की छह लाख आबादी खासकर महिलाएं अपने उपचार को लेकर मेडिकल कॉलेज पर ही निर्भर हैं लेकिन ओपीडी में डॉक्टर न मिलने से महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। उन्होंने सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि मेडिकल कॉलेज चंबा में महिला रोग विशेष की तैनाती की जाए।
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कार्यकारी चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर राम कमल ने बताया कि महिला विशेषज्ञ छुट्टी पर गए हैं। जबकि, दूसरे विशेेषज्ञ सोमवार को ऑप्रेशन थियेटर में गर्भवतियों के ऑप्रेशन कर रहे थे। इसके चलते वह ओपीडी में नहीं पहुंच पाए। सरकार को मेडिकल कॉलेज में अतिरिक्त महिला विशेषज्ञ तैनात करने के लिए पत्र लिखा गया है।