{"_id":"693ef1504004afc45f0b43b5","slug":"getting-treatment-for-toothache-is-a-challenge-in-holi-subdivision-chamba-news-c-88-1-ssml1004-169180-2025-12-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamba News: होली उपमंडल में दांत दर्द का उपचार करवाना चुनौती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamba News: होली उपमंडल में दांत दर्द का उपचार करवाना चुनौती
Mon, 15 Dec 2025 06:47 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Mon, 15 Dec 2025 06:47 AM IST
विज्ञापन
होली (चंबा)। दांतों में होने वाले दर्द का उपचार करवाना होली उपमंडल में चुनौती बना हुआ है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र होली में दंत चिकित्सक और मेकेनिक के पद रिक्त होना इसकी मुख्य वजह है। दंत चिकित्सक और मेकेनिक न होने से लाखों के उपकरण भी सीएचसी में महज शोपीस बने हुए हैं। वहीं लोगों को दांतों का उपचार करवाने के लिए 75 किलोमीटर की दौड़ लगा कर मेडिकल कॉलेज चंबा का रुख करना पड़ रहा है।
होली उपमंडल की ग्राम पंचायत गरोंदा, बजोल, न्याग्रां, दियोल, कुलेठ, होली, कुठेड़, सांह, लांबू, क्वारसी, चन्होता, सियुर, गरोला के बाशिंदे उपचार के लिए सीएचसी होली पर ही निर्भर हैं। सीएचसी में दंत रोग चिकित्सक और मेकेनिक के पद पांच सालों से खाली चल रहे हैं। ऐसे में लोगों की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही है। लोगों को दांतों का उपचार करवाना जेबों पर भी काफी भारी पड़ रहा है।
ग्रामीणों में रमेश कुमार, रणजीत कुमार, सुशील कुमार, सुनील कुमार, राजेश कुमार, उत्तम चंद, रीना देवी, चंचला देवी, उर्मिला देवी ने बताया कि पांच सालों से रिक्त पदों का न भरा जाना क्षेत्र के ग्रामीणों के प्रति सरकार और विभाग का उदासीन रवैया दर्शाता है। नेतागण भी महज वोट बैंक तक ही उनके घरों में पहुंचते हैं। जिसके बाद वे ग्रामीणों को पूरी तरह से भूल जाते हैं। इसका प्रत्यक्ष दंत चिकित्सक और मैकेनिक का पद रिक्त होना ही है।
विज्ञापन
बीएमओ भरमौर दिनेश बराड़ ने बताया कि चिकित्सक और मेकेनिक के रिक्त पदों को भरने के लिए विभाग के उच्च अधिकारियों और सरकार को लिखा गया है। सरकार के निर्देशानुसार पदों को भरा जाएगा।
विज्ञापन
होली उपमंडल की ग्राम पंचायत गरोंदा, बजोल, न्याग्रां, दियोल, कुलेठ, होली, कुठेड़, सांह, लांबू, क्वारसी, चन्होता, सियुर, गरोला के बाशिंदे उपचार के लिए सीएचसी होली पर ही निर्भर हैं। सीएचसी में दंत रोग चिकित्सक और मेकेनिक के पद पांच सालों से खाली चल रहे हैं। ऐसे में लोगों की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही है। लोगों को दांतों का उपचार करवाना जेबों पर भी काफी भारी पड़ रहा है।
विज्ञापन
ग्रामीणों में रमेश कुमार, रणजीत कुमार, सुशील कुमार, सुनील कुमार, राजेश कुमार, उत्तम चंद, रीना देवी, चंचला देवी, उर्मिला देवी ने बताया कि पांच सालों से रिक्त पदों का न भरा जाना क्षेत्र के ग्रामीणों के प्रति सरकार और विभाग का उदासीन रवैया दर्शाता है। नेतागण भी महज वोट बैंक तक ही उनके घरों में पहुंचते हैं। जिसके बाद वे ग्रामीणों को पूरी तरह से भूल जाते हैं। इसका प्रत्यक्ष दंत चिकित्सक और मैकेनिक का पद रिक्त होना ही है।
विज्ञापन
बीएमओ भरमौर दिनेश बराड़ ने बताया कि चिकित्सक और मेकेनिक के रिक्त पदों को भरने के लिए विभाग के उच्च अधिकारियों और सरकार को लिखा गया है। सरकार के निर्देशानुसार पदों को भरा जाएगा।