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दिल्ली में डॉक्टरों से दुर्व्यवहार पर रोष
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दिल्ली में डॉक्टर के साथ हुई मारपीट व अभद्र व्यवहार को लेकर मेडिकल कॉलेज चंबा में काले बिल्ले लगा
- फोटो : Chamba
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चंबा। दिल्ली में महिला डाक्टरों से दुर्व्यवहार और पुरुष डाक्टरों के साथ हुई मारपीट को लेकर हिमाचल प्रदेश मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन इकाई चंबा मुखर हो गई है। मंगलवार को एसोसिएशन के अध्यक्ष दिलबाग सिंह की अगुवाई में चिकित्सकों ने काले बिल्ले लगाकर मेडिकल कॉलेज चंबा के गेट के बाहर एकत्रित होकर बैठक की। पदाधिकारियों ने एक स्वर में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग उठाई है।
डॉ. साक्षी ने बताया कि चिकित्सक अपनी मांगों को लेकर दिल्ली में शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे थे। इस दौरान दिल्ली पुलिस के जवानों ने महिला डॉक्टरों के साथ दुर्व्यवहार किया, जो काफी चिंताजनक है। कहा कि शिक्षित महिला डॉक्टरों के साथ यदि इस प्रकार का दुर्व्यवहार किया जा रहा है तो अन्य महिलाओं के साथ किस प्रकार से पुलिस व्यवहार करती होगी, इस घटना से यह साफ पता चलता है। कहा कि लोगों को भी उनके पक्ष में आगे आना चाहिए। चिकित्सक जनसेवा के लिए तत्पर रहते हैं। लिहाजा, लोगों को भी इसका विरोध करना चाहिए। प्रदेश मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन इकाई चंबा के महासचिव करण हितैषी ने कहा कि कहा कि ग्रैजुएट/पोस्ट ग्रैजुएट चिकित्सकों के लिए नीट/पीजी की परीक्षा और काउंसलिंग हर वर्ष जनवरी 2021 में होती है। कोरोना के कारण इसे अप्रैल और बाद में सितंबर में शिफ्ट किया गया।
कहा कि अब वर्ष 2022 आने वाला है लेकिन, अब तक यह परीक्षा नहीं हो पाई है। अध्यक्ष डॉ. दिलबाग ठाकुर ने कहा कि दो वर्षों से मेडिकल कॉलेज में चिकित्सक 48 से 72 घंटे की लगातार ड्यूटी दे रहे हैं, जिससे वे लोग मानसिक और शारीरिक रूप से थक चुके हैं। कहा कि कोविड-19 की वर्तमान स्थिति को देखते हुए भविष्य में तीसरी लहर को नकारा नहीं जा सकता है। कहा कि कोविड के अलावा अन्य बीमारियों से पीड़ित मरीज भी मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए पहुंचते हैं। लिहाजा, वहां पर चिकित्सकों की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए जल्द काउंसलिंग का क्रम शुरू करना चाहिए।
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डॉ. साक्षी ने बताया कि चिकित्सक अपनी मांगों को लेकर दिल्ली में शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे थे। इस दौरान दिल्ली पुलिस के जवानों ने महिला डॉक्टरों के साथ दुर्व्यवहार किया, जो काफी चिंताजनक है। कहा कि शिक्षित महिला डॉक्टरों के साथ यदि इस प्रकार का दुर्व्यवहार किया जा रहा है तो अन्य महिलाओं के साथ किस प्रकार से पुलिस व्यवहार करती होगी, इस घटना से यह साफ पता चलता है। कहा कि लोगों को भी उनके पक्ष में आगे आना चाहिए। चिकित्सक जनसेवा के लिए तत्पर रहते हैं। लिहाजा, लोगों को भी इसका विरोध करना चाहिए। प्रदेश मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन इकाई चंबा के महासचिव करण हितैषी ने कहा कि कहा कि ग्रैजुएट/पोस्ट ग्रैजुएट चिकित्सकों के लिए नीट/पीजी की परीक्षा और काउंसलिंग हर वर्ष जनवरी 2021 में होती है। कोरोना के कारण इसे अप्रैल और बाद में सितंबर में शिफ्ट किया गया।
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कहा कि अब वर्ष 2022 आने वाला है लेकिन, अब तक यह परीक्षा नहीं हो पाई है। अध्यक्ष डॉ. दिलबाग ठाकुर ने कहा कि दो वर्षों से मेडिकल कॉलेज में चिकित्सक 48 से 72 घंटे की लगातार ड्यूटी दे रहे हैं, जिससे वे लोग मानसिक और शारीरिक रूप से थक चुके हैं। कहा कि कोविड-19 की वर्तमान स्थिति को देखते हुए भविष्य में तीसरी लहर को नकारा नहीं जा सकता है। कहा कि कोविड के अलावा अन्य बीमारियों से पीड़ित मरीज भी मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए पहुंचते हैं। लिहाजा, वहां पर चिकित्सकों की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए जल्द काउंसलिंग का क्रम शुरू करना चाहिए।
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