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Chamba News: चंबा मेडिकल कॉलेज की लैबों में मरीजों के नहीं किए जा रहे मुफ्त टेस्ट
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चंबा। पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में हिमकेयर और आयुष्मान कार्डधारक मरीजों के निशुल्क टेस्ट नहीं हो पा रहे हैं। मेडिकल कॉलेज की सेंटर लैब और पैथोलॉजी लैब की दोनों मशीनें खराब हैं।
इन मशीनों को ठीक करवाने में प्रबंधन असफल रहा है। इसकी वजह से मरीजों को निजी प्रयोगशाला में पैसे देकर टेस्ट करवाने पड़ रहे हैं। उन टेस्टों के लिए मरीज को महंगे दाम चुकाने पड़ रहे हैं। कई टेस्ट इतने महंगे हैं, जिनकी अदाएगी करना हर मरीजों के लिए मुमकिन नहीं है। ऐसे मरीजों को इलाज करवाने के लिए टेस्ट के लिए पैसे उधार मांगने पड़ रहे हैं। कई मरीजों के तीमारदार टेस्ट करवाने के लिए उपायुक्त कार्यालय में दस्तक दे
रहे हैं। जिला प्रशासन ने टेस्ट मुफ्त करवाने की गुहार लगा रहे हैं। जिला प्रशासन ऐसे मरीजों की सहायता कर रहा है। लेकिन ज्यादातर मरीजों के तीमारदार इलाज करवाने के चक्कर में महंगे टेस्ट करवाने के लिए मजबूर हैं।
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तीमारदार अशोक कुमार, टेक चंद, रवि कुमार, हंसराज, केवल, सुनील कुमार, जितेंद्र और कुलदीप ने बताया कि अस्पताल में भर्ती किए जाने वाले मरीजों को चिकित्सक सबसे पहले खून से संबंधित टेस्ट करवाने का परामर्श देते हैं। ऐसे में जब तीमारदार मरीजों का टेस्ट करवाने के लिए सेंटर लैब या पैथोलॉजी लैब में संपर्क करते हैं। तो उन्हें खराब मशीन का हवाला देकर टेस्ट नहीं होने के बारे में कहा जाता है।
इसकी वजह से मरीज और तीमारदार काफी परेशान हैं। मेडिकल कॉलेज में रोजाना 500 से अधिक ओपीडी होती है। ऐसे में रोजाना 200 मरीजों को खून से संबंधित सीबीसी और सीबीजी टेस्ट करवाने के लिए कहा जाता है। एक महीने से मेडिकल कॉलेज में ये टेस्ट नहीं किए जा रहे हैं।
चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर देवेंद्र कुमार ने बताया कि लैबों में खराब मशीनों को ठीक करवाने की व्यवस्था की जा रही है। जलद ही बाहर से मेकेनिक बुलाकर मशीनों को ठीक करवाया जाएगा।
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इन मशीनों को ठीक करवाने में प्रबंधन असफल रहा है। इसकी वजह से मरीजों को निजी प्रयोगशाला में पैसे देकर टेस्ट करवाने पड़ रहे हैं। उन टेस्टों के लिए मरीज को महंगे दाम चुकाने पड़ रहे हैं। कई टेस्ट इतने महंगे हैं, जिनकी अदाएगी करना हर मरीजों के लिए मुमकिन नहीं है। ऐसे मरीजों को इलाज करवाने के लिए टेस्ट के लिए पैसे उधार मांगने पड़ रहे हैं। कई मरीजों के तीमारदार टेस्ट करवाने के लिए उपायुक्त कार्यालय में दस्तक दे
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रहे हैं। जिला प्रशासन ने टेस्ट मुफ्त करवाने की गुहार लगा रहे हैं। जिला प्रशासन ऐसे मरीजों की सहायता कर रहा है। लेकिन ज्यादातर मरीजों के तीमारदार इलाज करवाने के चक्कर में महंगे टेस्ट करवाने के लिए मजबूर हैं।
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तीमारदार अशोक कुमार, टेक चंद, रवि कुमार, हंसराज, केवल, सुनील कुमार, जितेंद्र और कुलदीप ने बताया कि अस्पताल में भर्ती किए जाने वाले मरीजों को चिकित्सक सबसे पहले खून से संबंधित टेस्ट करवाने का परामर्श देते हैं। ऐसे में जब तीमारदार मरीजों का टेस्ट करवाने के लिए सेंटर लैब या पैथोलॉजी लैब में संपर्क करते हैं। तो उन्हें खराब मशीन का हवाला देकर टेस्ट नहीं होने के बारे में कहा जाता है।
इसकी वजह से मरीज और तीमारदार काफी परेशान हैं। मेडिकल कॉलेज में रोजाना 500 से अधिक ओपीडी होती है। ऐसे में रोजाना 200 मरीजों को खून से संबंधित सीबीसी और सीबीजी टेस्ट करवाने के लिए कहा जाता है। एक महीने से मेडिकल कॉलेज में ये टेस्ट नहीं किए जा रहे हैं।
चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर देवेंद्र कुमार ने बताया कि लैबों में खराब मशीनों को ठीक करवाने की व्यवस्था की जा रही है। जलद ही बाहर से मेकेनिक बुलाकर मशीनों को ठीक करवाया जाएगा।