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Chamba News: मेडिकल कॉलेज चंबा की कुर्सियों में ''फ्रेक्चर'', पट्टियां बांधकर चला रहे काम
Thu, 17 Oct 2024 10:04 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Thu, 17 Oct 2024 10:04 PM IST
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चंबा मेडिकल कॉलेज में व्हील चेयर पर पांव रखने वाली जगह पर लगाई गई पट्टी। संवाद
चंबा। मेडिकल कॉलेज में मरीजों, तीमारदारों और कर्मचारियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। काफी पुरानी हो चुकीं कुछ व्हील चेयर के पहिये जाम हैं तो कुर्सियां भी टूट चुकी हैं। मरीज और कर्मचारी गिर-पड़ रहे हैं। यह हाल आपातकालीन कक्ष का है।
पर्ची काउंटर पर कुर्सियों का सही न होना प्रबंधन की पोल खोल रहा है। मरीजों का कहना है कि प्रबंधन की आंख पर भी पट्टियां बंधी हुई हैं।
यही नहीं, मेडिकल कॉलेज में उपचार करवाने आ रहे मरीजों की पर्ची बनाने के लिए आपातकालीन कक्ष के बाहर काउंटर पर तैनात कर्मियों को पट्टियों से बांधी कुर्सियों पर बैठना पड़ रहा है। हैरत की बात है कि कॉलेज प्रबंधन का अभी इस ओर ध्यान नहीं गया है। हालांकि, समय-समय पर मेडिकल कॉलेज के कार्यकारी प्राचार्य से लेकर विभिन्न विभागों के अध्यक्ष, चिकित्सा अधीक्षक समेत अन्य चिकित्सकों का यहीं से आना-जाना रहता है। किसी का भी इस ओर ध्यान नहीं गया है। कर्मचारी भी अपनी इस समस्या को नहीं उठा पा रहे हैं।
जिले की पौने छह लाख की आबादी मेडिकल कॉलेज पर निर्भर है। यहां उपचार के लिए जनजातीय क्षेत्र भरमौर-पांगी, चुराह, डलहौजी, भटियात और चंबा विधानसभा क्षेत्रों के दूरस्थ गांवों से मरीज पहुंचते हैं। मरीजों की सबसे पहले पर्ची बनाई जाती है। मेडिकल कॉलेज में पर्ची बनाने के लिए तैनात कर्मी जुगाड़ के सहारे टिकाई गईं कुर्सियों पर बैठने को मजबूर हैं। हरीश कुमार, नरेंद्र कुमार, प्रताप चंद, धर्म सिंह, डीके सोनी, पीसी ओबराय, किशोर शर्मा और शादी लाल शर्मा ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में पर्ची काउंटर पर बैठने वाले कर्मियों के लिए कुर्सियों का सही न होना प्रबंधन की पोल खोल रहा है। उधर, मेडिकल कॉलेज चंबा के कार्यवाहक चिकित्सा अधीक्षक डॉ. देवेंद्र कुमार ने बताया कि मामला ध्यान में लाया गया है। पर्ची काउंटर पर बैठने वाले कर्मियों के लिए कुर्सियों का जल्द प्रबंध करवा दिया जाएगा।
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पर्ची काउंटर पर कुर्सियों का सही न होना प्रबंधन की पोल खोल रहा है। मरीजों का कहना है कि प्रबंधन की आंख पर भी पट्टियां बंधी हुई हैं।
यही नहीं, मेडिकल कॉलेज में उपचार करवाने आ रहे मरीजों की पर्ची बनाने के लिए आपातकालीन कक्ष के बाहर काउंटर पर तैनात कर्मियों को पट्टियों से बांधी कुर्सियों पर बैठना पड़ रहा है। हैरत की बात है कि कॉलेज प्रबंधन का अभी इस ओर ध्यान नहीं गया है। हालांकि, समय-समय पर मेडिकल कॉलेज के कार्यकारी प्राचार्य से लेकर विभिन्न विभागों के अध्यक्ष, चिकित्सा अधीक्षक समेत अन्य चिकित्सकों का यहीं से आना-जाना रहता है। किसी का भी इस ओर ध्यान नहीं गया है। कर्मचारी भी अपनी इस समस्या को नहीं उठा पा रहे हैं।
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जिले की पौने छह लाख की आबादी मेडिकल कॉलेज पर निर्भर है। यहां उपचार के लिए जनजातीय क्षेत्र भरमौर-पांगी, चुराह, डलहौजी, भटियात और चंबा विधानसभा क्षेत्रों के दूरस्थ गांवों से मरीज पहुंचते हैं। मरीजों की सबसे पहले पर्ची बनाई जाती है। मेडिकल कॉलेज में पर्ची बनाने के लिए तैनात कर्मी जुगाड़ के सहारे टिकाई गईं कुर्सियों पर बैठने को मजबूर हैं। हरीश कुमार, नरेंद्र कुमार, प्रताप चंद, धर्म सिंह, डीके सोनी, पीसी ओबराय, किशोर शर्मा और शादी लाल शर्मा ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में पर्ची काउंटर पर बैठने वाले कर्मियों के लिए कुर्सियों का सही न होना प्रबंधन की पोल खोल रहा है। उधर, मेडिकल कॉलेज चंबा के कार्यवाहक चिकित्सा अधीक्षक डॉ. देवेंद्र कुमार ने बताया कि मामला ध्यान में लाया गया है। पर्ची काउंटर पर बैठने वाले कर्मियों के लिए कुर्सियों का जल्द प्रबंध करवा दिया जाएगा।
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