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Chamba News: बंजर जमीन पर खिले उम्मीदों के फूल, खिलखिला उठी चंबा के किसानों की जिंदगी

Sat, 09 Dec 2023 10:30 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा Updated Sat, 09 Dec 2023 10:30 PM IST
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Flowers of hope bloomed on barren land, life of Chamba farmers blossomed
भटियात विधानसभा क्षेत्र के तला क्षेत्र में बंजर जमीन लहलहा रही जंगली गेंदा की पौध के साथ उत्कृष
सिहुंता (चंबा)। बंजर जमीन पर किसानों ने सफलता के फूल उगा दिए हैं। कभी जंगली जानवरों तो कभी मौसम की बेवफाई से तंग आकर किसानों ने खेती छोड़ दी थी। अब जंगली गेंदे के फूल नुकसान की भरपाई कर रहे हैं।
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जंगली गेंदे का तेल 10 से 15 हजार रुपये प्रति लीटर तक बिक रहा है। कोक में फ्लेवर, परफ्यूम और कीड़ों को मारने के लिए दवा बनाने में इसका इस्तेमाल होता है।
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गेंदे की पंखुड़ियों के रस को आंख की बीमारी और अल्सर के उपचार के लिए भी प्रयोग करते हैं। गुजरात और बंगलूरू समेत देश के विभिन्न हिस्सों में इसकी खासी मांग है। प्रति हेक्टेयर 35,000 रुपये लगाकर किसान 75,000 रुपये मुनाफा कमा रहे हैं। गेंदे के फूल की पत्तियों में औषधीय गुण समाहित होते हैं, इसलिए पशुओं की ओर से इसे खराब भी नहीं किया जाता है।
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जिले के भटियात, भरमौर, होली और चुराह क्षेत्र में बंजर जमीन पर जंगली गेंदा उगाकर किसान-बागवान कमाई कर रहे हैं। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान ने हिमालय जैव संपदा प्रौद्योगिकी संस्थान पालमपुर और उद्यान विभाग के सहयोग से भटियात और सलूणी क्षेत्र के किसानों को जंगली गेंदे की खेती से जोड़ा है। भटियात विधानसभा क्षेत्र के उत्कृष्ट किसान पवन कुमार गांव तला डाकघर समोट तहसील सिहुंता ने खाली जमीन पर गेंदा फूल की खेती शुरू की। पवन ने बताया कि अब तक 25 से 40 हेक्टेयर पर गेंदा फूल उगाकर तेल बाहरी मार्केट में बेच रहे हैं। वर्ष 2024 में उनका 100 हेक्टेयर पर गेंदा फूल की खेती करने का लक्ष्य है। उन्हें हिमालय जैव संपदा प्रौद्योगिकी संस्थान पालमपुर और उद्यान विभाग का सहयोग मिल रहा है। वर्तमान में उनकी पांच जगह मशीनरी लगी है।
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इसमें होता है इस्तेमाल
देश में जंगली गेंदे के तेल का अनुमानित उत्पादन 5 टन है। जंगली गेंदे का प्रसाध्न उद्योग में प्रयोग किया जाता है। इसके सुगंधित तेल को परफ्यूम में टेजीटी के नाम से उपयोग किया जाता है। सर्दी-जुकाम, श्वास और पेट की समस्याओं को ठीक करने में भी जंगली गेंदा लाभकारी है।


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गेंदा फूल की खेती कर तेल बेचने से किसानों को डबल मुनाफा होता है। किसान अपनी बंजर या खाली जमीन पर गेंदा फूल के बीज की पनीरी लगा सकते हैं। 15 मई से 15 जून तक जंगली गेंदा लगाया जा सकता है। इसके बाद 25 अक्तूबर से नवंबर अंत तक इसका तेल निकालकर बेचा जा सकता है। - कृपाल सिंह, उद्यान विभाग के उपनिदेशक

पर्यावरणविद एवं प्रगतिशील किसान अभिमन्यु ने कहा कि वह

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