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Chamba News: वित्तीय गड़बड़ी के आरोप में बीडीओ, पंचायत सचिव, प्रधान पर एफआईआर
Mon, 03 Nov 2025 10:36 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Mon, 03 Nov 2025 10:36 PM IST
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चंबा। जिले में इंटरलॉक टाइलें बिछाने के मामले में भारी वित्तीय गड़बड़ी के आरोप में बीडीओ, पंचायत सचिव और पंचायत प्रधान के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। मामले की जांच पुलिस द्वारा आरंभ कर दी गई है।
शिकायतकर्ता एसएसबी से सेवानिवृत्त जेसीओ रमेश कुमार निवासी कुथवाड़ी ने बताया कि वर्ष 2024 में उनकी ग्राम पंचायत में जालपा हार्डवेयर से जालपा माता मंदिर तक इंटरलॉक टाइल का कार्य स्वीकृत हुआ था। यह कार्य मनरेगा के तहत ग्राम पंचायत प्रधान की देखरेख में किया जाना था। उन्होंने सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत संबंधित दस्तावेज प्राप्त किए, जिनमें भारी अनियमितताएं सामने आईं। आरटीआई के अनुसार इस कार्य के लिए 42,48,300 रुपये मंजूर और व्यय किए गए, जबकि धरातल पर कोई काम नहीं हुआ था। इस दौरान 10 मार्च 2025 तक आरटीआई के अनुसार 25,000 रुपये की टाइलों की आपूर्ति दर्शाई गईं, लेकिन धरातल पर टाइलें नहीं दिखीं। हालांकि बाद में प्रधान ने ये टाइलें खरीदकर पंचायत में पहुंचा दीं।
उन्होंने आरोप लगाया है कि पंचायत प्रधान, तत्कालीन बीडीओ और ग्राम पंचायत सचिव ने आपसी मिलीभगत से यह घोटाला किया। उन्होंने सरकार को अनुचित हानि पहुंचाकर निजी लाभ अर्जित किया। उधर, पुलिस अधीक्षक चंबा अभिषेक यादव ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर आगामी जांच शुरू कर दी गई है।
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शिकायतकर्ता एसएसबी से सेवानिवृत्त जेसीओ रमेश कुमार निवासी कुथवाड़ी ने बताया कि वर्ष 2024 में उनकी ग्राम पंचायत में जालपा हार्डवेयर से जालपा माता मंदिर तक इंटरलॉक टाइल का कार्य स्वीकृत हुआ था। यह कार्य मनरेगा के तहत ग्राम पंचायत प्रधान की देखरेख में किया जाना था। उन्होंने सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत संबंधित दस्तावेज प्राप्त किए, जिनमें भारी अनियमितताएं सामने आईं। आरटीआई के अनुसार इस कार्य के लिए 42,48,300 रुपये मंजूर और व्यय किए गए, जबकि धरातल पर कोई काम नहीं हुआ था। इस दौरान 10 मार्च 2025 तक आरटीआई के अनुसार 25,000 रुपये की टाइलों की आपूर्ति दर्शाई गईं, लेकिन धरातल पर टाइलें नहीं दिखीं। हालांकि बाद में प्रधान ने ये टाइलें खरीदकर पंचायत में पहुंचा दीं।
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उन्होंने आरोप लगाया है कि पंचायत प्रधान, तत्कालीन बीडीओ और ग्राम पंचायत सचिव ने आपसी मिलीभगत से यह घोटाला किया। उन्होंने सरकार को अनुचित हानि पहुंचाकर निजी लाभ अर्जित किया। उधर, पुलिस अधीक्षक चंबा अभिषेक यादव ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर आगामी जांच शुरू कर दी गई है।
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