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Chamba News: बालन लकड़ी और बस के लिए आमरण अनशन, काले झंडे लेकर निकाली रैली
Sat, 23 Nov 2024 11:59 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sat, 23 Nov 2024 11:59 PM IST
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चंबा के पांगी में भूख हड़ताल के दौरान अनशन स्थल पर मौजूद बैठे लोग। स्त्रोत जागरूक पाठक
पांगी (चंबा)। जनजातीय क्षेत्र पांगी घाटी में मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर बीडीसी सदस्य सतीश शूण और पूर्व पंचायत प्रधान कल्याण सिंह ने शनिवार से आमरण अनशन शुरू कर दिया। हालांकि देरशाम को आवासीय आयुक्त पांगी रमन घरसंगी ने सतीश शूण और कल्याण सिंह को जूस पिलाकर अनशन खत्म करवाया।
इससे पहले घाटी के महिला, युवक मंडलों के साथ ही स्थानीय जनता ने अनशन को समर्थन देते हुए काले झंडे लेकर किलाड़ बाजार में रोष रैली निकाली। प्रदर्शनकारियों ने प्रदेश सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। अनशनकारी सतीश शूण और कल्याण सिंह ने बताया कि वे घाटी में बालन लकड़ी पर सब्सिडी बहाल करने, बिजली आपूर्ति को सुधारने और एचआरटीसी की खस्ताहाल बसों को बंद करने की मांगों को लेकर अनशन कर रहे हैं। पिछले पांच दिनों से भूख हड़ताल के बावजूद अधिकारियों ने केवल झूठे आश्वासन दिए हैं। इससे जनता का आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
अनशनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, वे पीछे नहीं हटेंगे। सतीश शूण ने कहा कि यदि आमरण अनशन के दौरान किसी अप्रिय घटना घटती है, तो इसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने बताया कि जनता के अधिकारों की लड़ाई में वे अपनी बीमार 80 वर्षीय मां को भी घर छोड़कर अनशन पर बैठे हैं।
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810 रुपये क्विंटल मिलेगी लकड़ी, दो बसें भी आएंगी
प्रशासन ने जनप्रतिनिधियों को लिखित आश्वासन दिया कि बालन लकड़ी के दामों में कटौती के लिए जनजातीय मंत्री और वन विभाग के अधिकारियों से चर्चा के बाद निर्णय लिया गया है। अब पांगी के लोगों को पहले के 1510 रुपये प्रति क्विंटल के बजाय 810 रुपये प्रति क्विंटल की दर से लकड़ी मिलेगी। साथ ही, सब डिपो किलाड़ के लिए प्रदेश के अन्य डिपो से दो नई बसें भेजने के निर्देश हिमाचल पथ परिवहन के एमडी रोहन चंद ठाकुर द्वारा दिए गए हैं।
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इससे पहले घाटी के महिला, युवक मंडलों के साथ ही स्थानीय जनता ने अनशन को समर्थन देते हुए काले झंडे लेकर किलाड़ बाजार में रोष रैली निकाली। प्रदर्शनकारियों ने प्रदेश सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। अनशनकारी सतीश शूण और कल्याण सिंह ने बताया कि वे घाटी में बालन लकड़ी पर सब्सिडी बहाल करने, बिजली आपूर्ति को सुधारने और एचआरटीसी की खस्ताहाल बसों को बंद करने की मांगों को लेकर अनशन कर रहे हैं। पिछले पांच दिनों से भूख हड़ताल के बावजूद अधिकारियों ने केवल झूठे आश्वासन दिए हैं। इससे जनता का आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
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अनशनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, वे पीछे नहीं हटेंगे। सतीश शूण ने कहा कि यदि आमरण अनशन के दौरान किसी अप्रिय घटना घटती है, तो इसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने बताया कि जनता के अधिकारों की लड़ाई में वे अपनी बीमार 80 वर्षीय मां को भी घर छोड़कर अनशन पर बैठे हैं।
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810 रुपये क्विंटल मिलेगी लकड़ी, दो बसें भी आएंगी
प्रशासन ने जनप्रतिनिधियों को लिखित आश्वासन दिया कि बालन लकड़ी के दामों में कटौती के लिए जनजातीय मंत्री और वन विभाग के अधिकारियों से चर्चा के बाद निर्णय लिया गया है। अब पांगी के लोगों को पहले के 1510 रुपये प्रति क्विंटल के बजाय 810 रुपये प्रति क्विंटल की दर से लकड़ी मिलेगी। साथ ही, सब डिपो किलाड़ के लिए प्रदेश के अन्य डिपो से दो नई बसें भेजने के निर्देश हिमाचल पथ परिवहन के एमडी रोहन चंद ठाकुर द्वारा दिए गए हैं।