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बारिश के पानी से सींचे जाएंगे किसानों के खेत
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तीसा (चंबा)। बारिश का पानी अब खेतों में सिंचाई के काम में आएगा। चुराह के भराड़ा में बारिश के पानी को एकत्रित करने के लिए तालाबों का निर्माण करवाया जाएगा। यहां से पानी को सीधा खेतों तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी। पर्वत धारा स्कीम के तहत जलशक्ति विभाग ने दो करोड़ की डीपीआर तैयार कर अधिकारियों के पास स्वीकृति के लिए भेज दी है।
चुराह घाटी के तहत 55 पंचायतों की पौने दो लाख की आबादी आती है। यहां की 75 प्रतिशत आबादी खेतीबाड़ी कर अपने परिवारों का भरण-पोषण करती है। खेतीबाड़ी करने में हर बार किसानों के समक्ष फसलों की सिंचाई करने की चिंता रहती है। यही कारण है कि कई बार तो किसान खेतों में रोपित किए जाने वाले बीज के अनुरूप भी फसल नहीं ले पाते हैं। इससे उन्हें घाटा उठाना पड़ता है। किसानों नरेश कुमार, महिंद्र कुमार, नरोत्तम चंद, विकास कुमार, अमित कुमार, लोकेश कुमार और अमित कुमार ने कहा कि क्षेत्र की अधिकांश आबादी खेतीबाड़ी कर ही गुजर बसर कर रही है लेकिन, सिंचाई की सहूलियत न होने से उन्हें नुकसान उठाना रहा है। किसानों ने जलशक्ति विभाग की ओर से किसानों के हित में लिए गए निर्णय का स्वागत किया है।
भराड़ा में होती है मटर की बेहतरीन पैदावार
चुराह घाटी के भराड़ा गांव में मटर की खेती बढ़िया होती है। किसानों का कहना है कि सिंचाई की सुविधा मिल जाने से किसान उम्दा फसल से अच्छी कमाई कर सकेंगे। उधर, जलशक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता केवल शर्मा ने बताया कि भराड़ा गांव में पर्वत धारा स्कीम में बारिश के पानी को एकत्रित कर सिंचाई के लिए उपयोग में लाए जाने की योजना है। कहा कि डीपीआर तैयार कर स्वीकृति के लिए भेजी है। डीपीआर को हरी झंडी मिलने पर जल्द कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।
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चुराह घाटी के तहत 55 पंचायतों की पौने दो लाख की आबादी आती है। यहां की 75 प्रतिशत आबादी खेतीबाड़ी कर अपने परिवारों का भरण-पोषण करती है। खेतीबाड़ी करने में हर बार किसानों के समक्ष फसलों की सिंचाई करने की चिंता रहती है। यही कारण है कि कई बार तो किसान खेतों में रोपित किए जाने वाले बीज के अनुरूप भी फसल नहीं ले पाते हैं। इससे उन्हें घाटा उठाना पड़ता है। किसानों नरेश कुमार, महिंद्र कुमार, नरोत्तम चंद, विकास कुमार, अमित कुमार, लोकेश कुमार और अमित कुमार ने कहा कि क्षेत्र की अधिकांश आबादी खेतीबाड़ी कर ही गुजर बसर कर रही है लेकिन, सिंचाई की सहूलियत न होने से उन्हें नुकसान उठाना रहा है। किसानों ने जलशक्ति विभाग की ओर से किसानों के हित में लिए गए निर्णय का स्वागत किया है।
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भराड़ा में होती है मटर की बेहतरीन पैदावार
चुराह घाटी के भराड़ा गांव में मटर की खेती बढ़िया होती है। किसानों का कहना है कि सिंचाई की सुविधा मिल जाने से किसान उम्दा फसल से अच्छी कमाई कर सकेंगे। उधर, जलशक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता केवल शर्मा ने बताया कि भराड़ा गांव में पर्वत धारा स्कीम में बारिश के पानी को एकत्रित कर सिंचाई के लिए उपयोग में लाए जाने की योजना है। कहा कि डीपीआर तैयार कर स्वीकृति के लिए भेजी है। डीपीआर को हरी झंडी मिलने पर जल्द कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।
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