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Chamba News: मक्की पर आर्मी वर्म कीट के हमले से बढ़ी किसानों की चिंता
Mon, 13 Jul 2026 10:43 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Mon, 13 Jul 2026 10:43 PM IST
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कृषि विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर किया निरीक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। मैहला क्षेत्र में एक बार फिर आर्मी वर्म कीट के हमले ने मक्की उत्पादकों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में इस कीट के प्रकोप से पहले भी फसल को नुकसान पहुंचा है।
किसानों की शिकायत मिलने के बाद कृषि विभाग की टीम मौके पर पहुंची और प्रभावित खेतों का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. भूपेंद्र सिंह ने बताया कि विभाग लगातार प्रभावित क्षेत्रों पर नजर बनाए हैं। किसानों को समय रहते बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी गई है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे नियमित रूप से अपने खेतों का निरीक्षण करें। यदि पौधों की पत्तियों में आर्मी वर्म के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत कृषि विभाग से संपर्क करें। उन्होंने बताया कि विभाग की ओर से किसानों को कीट नियंत्रण के लिए आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन और अनुशंसित दवाओं के उपयोग संबंधी जानकारी दी जा रही है। समय पर पहचान और वैज्ञानिक तरीके से नियंत्रण करने पर आर्मी वर्म के प्रकोप को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। कृषि विभाग किसानों के सहयोग के लिए पूरी तरह तैयार है और प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है। किसानों से विभाग की सलाह के अनुसार ही कीटनाशकों का प्रयोग करने और अनावश्यक छिड़काव से बचने की अपील की गई है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। मैहला क्षेत्र में एक बार फिर आर्मी वर्म कीट के हमले ने मक्की उत्पादकों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में इस कीट के प्रकोप से पहले भी फसल को नुकसान पहुंचा है।
किसानों की शिकायत मिलने के बाद कृषि विभाग की टीम मौके पर पहुंची और प्रभावित खेतों का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. भूपेंद्र सिंह ने बताया कि विभाग लगातार प्रभावित क्षेत्रों पर नजर बनाए हैं। किसानों को समय रहते बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी गई है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे नियमित रूप से अपने खेतों का निरीक्षण करें। यदि पौधों की पत्तियों में आर्मी वर्म के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत कृषि विभाग से संपर्क करें। उन्होंने बताया कि विभाग की ओर से किसानों को कीट नियंत्रण के लिए आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन और अनुशंसित दवाओं के उपयोग संबंधी जानकारी दी जा रही है। समय पर पहचान और वैज्ञानिक तरीके से नियंत्रण करने पर आर्मी वर्म के प्रकोप को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। कृषि विभाग किसानों के सहयोग के लिए पूरी तरह तैयार है और प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है। किसानों से विभाग की सलाह के अनुसार ही कीटनाशकों का प्रयोग करने और अनावश्यक छिड़काव से बचने की अपील की गई है।
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