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Chamba News: भटियात क्षेत्र में धान की कटाई में जुटे किसान
Sat, 19 Oct 2024 10:05 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sat, 19 Oct 2024 10:05 PM IST
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चंबा। जिले में धान की फसल पककर तैयार है। किसानों ने धान की कटाई का काम शुरू कर दिया है। जिला चंबा के विधानसभा क्षेत्रा भटियात में किसान धान की कटाई के काम में जुट गए हैं।
किसानों को यह भी चिंता सता रही है कि कही मौसम खराब हो गए तो उनकी मेहनत पर पानी फिर जाएगा। वे धान की फसल को जल्दी समेटने में जुटे हैं। हालांकि, भटियात के कुछ इलाकों में अभी किसानों ने धान की कटाई का काम शुरू नहीं किया है। किसानों का कहना है कि वर्तमान समय में अगर बारिश हुई तो बहुत भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। लावारिस पशुओं ने फसल को काफी नुकसान पहुंचाया है। यदि फसलों को लावारिस पशु क्षति नहीं पहुंचाते तो पैदावार काफी अच्छी होती। हालांकि, ब्लॉक स्तरीय अधिकारी और जिले के अधिकारियों ने लावारिस पशुओं की रोकथाम के लिए प्रयास तो किए पर अभी वह जमीनी स्तर पर प्रभावी नहीं हैं।
खेम राज, दौलत राम, किशन चंद, भीम सिंह, लोकिनंद और संदीप कुमार आदि किसानों ने कहा कि जुलाई में धान की रोपाई की जाती है। अक्तूबर में धान की फसल पक कर तैयार होती है और कटाई शुरू की जाती है। बारिश हुई तो फसल खराब हो सकती है। इसलिए धान की कटाई का काम जोर-शोर से चल रहा है। किसानों का कहना है कि भटियात का धान बाहरी जिलाें और राज्यों में काफी मशहूर है।
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कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. कुलदीप धीमान ने कहा कि भटियात परिक्षेत्र में ही अधिकतर धान की फसल होती है। वर्तमान में किसानों ने धान की कटाई शुरू कर दी है। कहा कि धान की कटाई के लिए यही समय बेहतर होता है।
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किसानों को यह भी चिंता सता रही है कि कही मौसम खराब हो गए तो उनकी मेहनत पर पानी फिर जाएगा। वे धान की फसल को जल्दी समेटने में जुटे हैं। हालांकि, भटियात के कुछ इलाकों में अभी किसानों ने धान की कटाई का काम शुरू नहीं किया है। किसानों का कहना है कि वर्तमान समय में अगर बारिश हुई तो बहुत भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। लावारिस पशुओं ने फसल को काफी नुकसान पहुंचाया है। यदि फसलों को लावारिस पशु क्षति नहीं पहुंचाते तो पैदावार काफी अच्छी होती। हालांकि, ब्लॉक स्तरीय अधिकारी और जिले के अधिकारियों ने लावारिस पशुओं की रोकथाम के लिए प्रयास तो किए पर अभी वह जमीनी स्तर पर प्रभावी नहीं हैं।
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खेम राज, दौलत राम, किशन चंद, भीम सिंह, लोकिनंद और संदीप कुमार आदि किसानों ने कहा कि जुलाई में धान की रोपाई की जाती है। अक्तूबर में धान की फसल पक कर तैयार होती है और कटाई शुरू की जाती है। बारिश हुई तो फसल खराब हो सकती है। इसलिए धान की कटाई का काम जोर-शोर से चल रहा है। किसानों का कहना है कि भटियात का धान बाहरी जिलाें और राज्यों में काफी मशहूर है।
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कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. कुलदीप धीमान ने कहा कि भटियात परिक्षेत्र में ही अधिकतर धान की फसल होती है। वर्तमान में किसानों ने धान की कटाई शुरू कर दी है। कहा कि धान की कटाई के लिए यही समय बेहतर होता है।