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Chamba News: उपज का उचित मूल्य न मिलने से किसान खफा
Mon, 11 May 2026 10:56 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Mon, 11 May 2026 10:56 PM IST
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बोले- पारदर्शी बोली प्रणाली लागू न होने से बढ़ रहा बिचौलियों का दबदबा
उचित दाम न मिलने से कम लागत पर बेचनी पड़ रही है अपनी उपज
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जिले की सब्जी मंडी में अपनी उपज का उचित मूल्य न मिलने से किसानों में भारी असंतोष है। किसानों का कहना कि मंडी में पारदर्शी बोली प्रणाली लागू न होने से बिचौलियों का दबदबा बढ़ता जा रहा है।
इसका नुकसान उत्पादकों को हो रहा है। किसानों ने कहा कि वे आलू, मटर, गोभी और अन्य सब्जियों की मेहनत से अच्छी फसल तैयार करते हैं लेकिन मंडी में उन्हें अपेक्षित दाम नहीं मिल पाते। कई बार स्थिति ऐसी हो जाती है कि उन्हें अपनी उपज लागत से भी कम कीमत पर बेचनी पड़ती है।
किसानों में किशन चंद, धारो राम, मंगत सिंह, चतरो राम, धर्म सिंह और मोहन लाल ने बताया कि स्थानीय मंडी में उचित दाम न मिलने के कारण किसान मजबूरी में पठानकोट, बैजनाथ और अन्य बाहरी मंडियों का रुख कर रहे हैं। हालांकि इससे उन्हें परिवहन लागत का अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ता है लेकिन वहां बेहतर मूल्य मिलने की संभावना के चलते वे यह कदम उठा रहे हैं। किसानों की ओर से लंबे समय से चंबा मंडी में पारदर्शी बोली प्रणाली शुरू करने की मांग की जा रही है। उनका कहना है कि यदि नियमित नीलामी व्यवस्था लागू की जाए तो किसानों को उनकी उपज का उचित और प्रतिस्पर्धी मूल्य मिल सकता है। कई बार मांग उठाने के बावजूद सरकार और प्रशासन की ओर से इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इससे किसानों में गहरी निराशा और नाराजगी है।
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उचित दाम न मिलने से कम लागत पर बेचनी पड़ रही है अपनी उपज
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जिले की सब्जी मंडी में अपनी उपज का उचित मूल्य न मिलने से किसानों में भारी असंतोष है। किसानों का कहना कि मंडी में पारदर्शी बोली प्रणाली लागू न होने से बिचौलियों का दबदबा बढ़ता जा रहा है।
इसका नुकसान उत्पादकों को हो रहा है। किसानों ने कहा कि वे आलू, मटर, गोभी और अन्य सब्जियों की मेहनत से अच्छी फसल तैयार करते हैं लेकिन मंडी में उन्हें अपेक्षित दाम नहीं मिल पाते। कई बार स्थिति ऐसी हो जाती है कि उन्हें अपनी उपज लागत से भी कम कीमत पर बेचनी पड़ती है।
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किसानों में किशन चंद, धारो राम, मंगत सिंह, चतरो राम, धर्म सिंह और मोहन लाल ने बताया कि स्थानीय मंडी में उचित दाम न मिलने के कारण किसान मजबूरी में पठानकोट, बैजनाथ और अन्य बाहरी मंडियों का रुख कर रहे हैं। हालांकि इससे उन्हें परिवहन लागत का अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ता है लेकिन वहां बेहतर मूल्य मिलने की संभावना के चलते वे यह कदम उठा रहे हैं। किसानों की ओर से लंबे समय से चंबा मंडी में पारदर्शी बोली प्रणाली शुरू करने की मांग की जा रही है। उनका कहना है कि यदि नियमित नीलामी व्यवस्था लागू की जाए तो किसानों को उनकी उपज का उचित और प्रतिस्पर्धी मूल्य मिल सकता है। कई बार मांग उठाने के बावजूद सरकार और प्रशासन की ओर से इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इससे किसानों में गहरी निराशा और नाराजगी है।
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