{"_id":"5d2f4f278ebc3e6ccc03c46e","slug":"eye-operation-stop-in-chamba-chamba-news-sml3007592112","type":"story","status":"publish","title_hn":"अगले कुछ दिनों तक चंबा मेडिकल कॉलेज में नहीं होंगे मोतियाबिंद के ऑप्रेशन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अगले कुछ दिनों तक चंबा मेडिकल कॉलेज में नहीं होंगे मोतियाबिंद के ऑप्रेशन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंबा। मेडिकल कॉलेज चंबा में आने वाले दिनों में मोतियाबिंद के ऑपरेशन नहीं होंगे। इस वजह से अगले सप्ताह होने वाले करीब दो दर्जन ऑपरेशन को टाल दिया गया है। इंफेक्शन कंट्रोल कमेटी की बैठक में यह फैसला लिया गया है। जानकारी के मुताबिक मोतियाबिंद के ऑपरेशन में इस्तेमाल होने वाली दवाई पर केंद्र सरकार ने प्रतिबंध लगा दिया है। इसको देखते हुए चंबा में इस्तेमाल होने वाली दवाई को भी मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने इस्तेमाल पर रोक लगा दी है।
दवाई की गुणवत्ता जांचने के लिए ड्रग इंस्पेक्टर को निर्देेश जारी कर दिए गए हैं। गुणवत्ता में खरी उतरने के बाद ही दवाई का इस्तेमाल शुरू हो पाएगा। मरीजों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए मोतियाबिंद के ऑपरेशनों पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। चंबा में मोतियाबिंद का ऑपरेशन करवाने के लिए दो दर्जन मरीज इंतजार में है। इन्हें ऑपरेशन करवाने के लिए अब इंतजार करना होगा। जबकि अन्य आंखों के ऑपरेशन नियमित रूप से होते रहेंगे।
इसको लेकर बुधवार को इंफेक्शन कंट्रोल कमेटी की बैठक का आयोजन किया गया। इसमें चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विनोद शर्मा, नेत्र विशेषज्ञ डॉ. अदित्य कश्यप समेत अन्य कमेटी के सदस्य मौजूद रहे। कमेटी की बैठक में निर्णय लिया कि नेत्र ऑपरेशन थियेटर में संक्रमण की जांच करने के लिए सैंपलिंग की जाएगी। इसमें थियेटर में इस्तेमाल होने वाले पानी का सैंपल भी लिया जाएगा। क्योंकि ऑपरेशन के दौरान पानी का इस्तेमाल भी ज्यादा होता है। इसके अलावा दीवारों में किसी प्रकार का संक्रमण न हो, इसकी भी पूरी जांच पड़ताल की जाएगी। ऐसा इसलिए किया जा रहा है कि जिससे आंख के ऑपरेशन के दौरान संक्रमण का कोई खतरा न रहे।
विज्ञापन
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विनोद शर्मा ने बताया कि चंबा में मोतियाबिंद के ऑपरेशन तब तक बंद रहेंगे, जब तक ऑपरेशन में इस्तेमाल की जाने वाली दवाई की गुणवत्ता की जांच नहीं हो जाती। दवाई की गुणवत्ता जांचने के लिए ड्रग इंस्पेक्टर को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
विज्ञापन
दवाई की गुणवत्ता जांचने के लिए ड्रग इंस्पेक्टर को निर्देेश जारी कर दिए गए हैं। गुणवत्ता में खरी उतरने के बाद ही दवाई का इस्तेमाल शुरू हो पाएगा। मरीजों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए मोतियाबिंद के ऑपरेशनों पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। चंबा में मोतियाबिंद का ऑपरेशन करवाने के लिए दो दर्जन मरीज इंतजार में है। इन्हें ऑपरेशन करवाने के लिए अब इंतजार करना होगा। जबकि अन्य आंखों के ऑपरेशन नियमित रूप से होते रहेंगे।
विज्ञापन
इसको लेकर बुधवार को इंफेक्शन कंट्रोल कमेटी की बैठक का आयोजन किया गया। इसमें चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विनोद शर्मा, नेत्र विशेषज्ञ डॉ. अदित्य कश्यप समेत अन्य कमेटी के सदस्य मौजूद रहे। कमेटी की बैठक में निर्णय लिया कि नेत्र ऑपरेशन थियेटर में संक्रमण की जांच करने के लिए सैंपलिंग की जाएगी। इसमें थियेटर में इस्तेमाल होने वाले पानी का सैंपल भी लिया जाएगा। क्योंकि ऑपरेशन के दौरान पानी का इस्तेमाल भी ज्यादा होता है। इसके अलावा दीवारों में किसी प्रकार का संक्रमण न हो, इसकी भी पूरी जांच पड़ताल की जाएगी। ऐसा इसलिए किया जा रहा है कि जिससे आंख के ऑपरेशन के दौरान संक्रमण का कोई खतरा न रहे।
विज्ञापन
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विनोद शर्मा ने बताया कि चंबा में मोतियाबिंद के ऑपरेशन तब तक बंद रहेंगे, जब तक ऑपरेशन में इस्तेमाल की जाने वाली दवाई की गुणवत्ता की जांच नहीं हो जाती। दवाई की गुणवत्ता जांचने के लिए ड्रग इंस्पेक्टर को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।