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Chamba News: स्क्रीन पर बेटी दौड़ी तो घर में थम गई हर सांस, कांस्य मिलते ही छलके आंसू

Thu, 24 Sep 2026 10:39 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा Updated Thu, 24 Sep 2026 10:39 PM IST
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Every breath in the house seemed to freeze as the daughter raced on the screen; tears welled up the moment she won the bronze.
चंबा के चुराह में उडनपरी सीमा के घर में टीवी पर बेटी की दौड़ देखते माता-भाई।संवाद
आईची-नागोया में 10 हजार मीटर के फाइनल का रोमांच, सीमा की हर चाल के साथ बढ़ती रही परिजनों की धड़कन
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क्रॉसर: खेतों का काम निपटाकर टीवी के आगे बैठा परिवार, पदक की पुष्टि होते ही बधाइयों से गूंज उठा घर

संवाद न्यूज एजेंसी

चंबा। ट्रैक पर सीमा की रफ्तार बढ़ रही थी और चंबा स्थित घर में बैठे परिजनों की धड़कनें भी उसी रफ्तार से तेज हो रही थीं।
जापान के आईची-नागोया में एशियाई खेलों की 10 हजार मीटर दौड़ के फाइनल में सीमा दौड़ रही थीं, जबकि मां भागणू देवी, भाई तेज सिंह, छोटा भाई, भाभी और भतीजे-भतीजियां टीवी स्क्रीन पर आंखें गड़ाए बैठे थे। हर चक्कर के साथ उम्मीद और चिंता के बीच झूलता परिवार आखिर उस पल खुशी से भर उठा, जब सीमा के कांस्य पदक जीतने की पुष्टि हुई।

बेटी की स्पर्धा देखने में खेत का काम आड़े न आए, इसके लिए परिवार ने सुबह से ही जरूरी काम निपटाने शुरू कर दिए थे। दोपहर में खेतों से घास घर पहुंचा दी गई। शाम चार बजे पूरा परिवार टीवी के सामने जमा हो गया। करीब साढ़े पांच बजे फाइनल शुरू हुआ तो घर में मानो समय थम गया। स्क्रीन पर सीमा की हर चाल के साथ परिजनों की नजरें भी ट्रैक पर दौड़ती रहीं।
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इस दौरान जीत की कामना के साथ भगवान से प्रार्थना भी होती रही। कांस्य पदक की पुष्टि होते ही मां भागणू देवी की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। भाई और परिवार के अन्य सदस्यों ने एक-दूसरे को बधाई दी। कुछ ही पलों में घर त्योहार जैसा माहौल बन गया।
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सीमा के पदक की खबर गांव पहुंचते ही ग्रामीण बधाई देने उनके घर पहुंचने लगे। देर शाम तक लोगों का आना-जाना लगा रहा। मां भागणू देवी के लिए यह पल बेटी के पदक से कहीं बढ़कर वर्षों की मेहनत और संघर्ष के सफल होने की खुशी लेकर आया।
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