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Chamba News: करवाचौथ पर भी कर्त्तव्य पहले, चंबा की महिलाएं बनीं सेवा की मिसाल
Sat, 11 Oct 2025 06:48 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sat, 11 Oct 2025 06:48 AM IST
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चंबा मेडिकल कॉलेज कैश कांउटर में करवाचौथ वाले दिन पर्ची बनाती महिला कर्मचारी।संवाद
चंबा। जब ज्यादातर महिलाएं करवाचौथ पर व्रत रखकर साज-सज्जा में व्यस्त थीं और चांद का दीदार करने की प्रतीक्षा कर रही थीं, उस समय चंबा की कई महिलाएं अपने कर्तव्य पथ पर अडिग नजर आईं। करवाचौथ जैसे पावन अवसर पर भी उन्होंने अपनी ड्यूटी को प्राथमिकता दी और समाज के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया। शुक्रवार को चंबा मेडिकल कॉलेज में महिला स्टाफ ने न केवल करवाचौथ का व्रत रखा बल्कि दिनभर मरीजों की सेवा में जुटी रहीं।
मेडिकल कॉलेज के काउंटर पर बैठी महिला कर्मचारी पूरे दिन पर्चियां बनाती रही जिससे दूर-दराज से आने वाले मरीजों को समय पर इलाज मिल सके। हाथों में मेहंदी, भूखे, प्यासे महिला कर्मी पर्चियां बनाती नजर आईं। वहीं, आपातकालीन कक्ष में तैनात नर्सों ने गंभीर मरीजों की सेवा में कोई कसर नहीं छोड़ी। कैश काउंटर की महिला कर्मचारी भी अपने कार्य में पूरी तत्परता से लगी रही।
व्रत की कठिनाई के बावजूद उन्होंने मुस्कान के साथ लोगों की मदद की। वहीं, दूसरी ओर नगर परिषद की महिला सफाई कर्मचारी भी करवाचौथ के दिन सुबह से शहर की गलियों में सफाई में जुटी रहीं। जब शहरवासी पूजा की तैयारी कर रहे थे, तब वे कूड़ा उठाकर शहर को स्वच्छ रखने के अपने दायित्व को निभा रही थीं। इन महिला कर्मचारियों ने यह साबित कर दिया कि त्योहार मनाने का असली मतलब सिर्फ रस्में निभाना नहीं बल्कि जिम्मेदारियों को ईमानदारी से पूरा करना भी है। उनके इस समर्पण को देखकर आमजन भी प्रेरित हुए बिना नहीं रह सके। पतियों की लंबी उम्र के लिए महिलाएं व्रत रख कर घरों में बैठी रहीं तो कई महिलाएं परिवार संग घूमती नजर आई। ऐसे में लीग से हटकर स्वास्थ्य और सफाई का काम करने वाली महिलाएं जनहित को अपना कर्त्तव्य मानते हुए अपने काम में ही मशगूल नजर आई।
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मेडिकल कॉलेज के काउंटर पर बैठी महिला कर्मचारी पूरे दिन पर्चियां बनाती रही जिससे दूर-दराज से आने वाले मरीजों को समय पर इलाज मिल सके। हाथों में मेहंदी, भूखे, प्यासे महिला कर्मी पर्चियां बनाती नजर आईं। वहीं, आपातकालीन कक्ष में तैनात नर्सों ने गंभीर मरीजों की सेवा में कोई कसर नहीं छोड़ी। कैश काउंटर की महिला कर्मचारी भी अपने कार्य में पूरी तत्परता से लगी रही।
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व्रत की कठिनाई के बावजूद उन्होंने मुस्कान के साथ लोगों की मदद की। वहीं, दूसरी ओर नगर परिषद की महिला सफाई कर्मचारी भी करवाचौथ के दिन सुबह से शहर की गलियों में सफाई में जुटी रहीं। जब शहरवासी पूजा की तैयारी कर रहे थे, तब वे कूड़ा उठाकर शहर को स्वच्छ रखने के अपने दायित्व को निभा रही थीं। इन महिला कर्मचारियों ने यह साबित कर दिया कि त्योहार मनाने का असली मतलब सिर्फ रस्में निभाना नहीं बल्कि जिम्मेदारियों को ईमानदारी से पूरा करना भी है। उनके इस समर्पण को देखकर आमजन भी प्रेरित हुए बिना नहीं रह सके। पतियों की लंबी उम्र के लिए महिलाएं व्रत रख कर घरों में बैठी रहीं तो कई महिलाएं परिवार संग घूमती नजर आई। ऐसे में लीग से हटकर स्वास्थ्य और सफाई का काम करने वाली महिलाएं जनहित को अपना कर्त्तव्य मानते हुए अपने काम में ही मशगूल नजर आई।
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