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Chamba News: 2003 से पूर्व कर्मचारियों को ओपीएस में किया जाए शामिल

Fri, 10 Mar 2023 10:32 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा Updated Fri, 10 Mar 2023 10:32 PM IST
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Employees before 2003 should be included in OPS
चंबा। हिमाचल प्रदेश अनुबंध शिक्षक संघ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मुकेश शर्मा, प्रधान हरी प्रसाद शर्मा, विनय गुप्ता, मनोज गुप्ता, वीरेंद्र ठाकुर, संजय महाजन, संदीप शर्मा, शशि शर्मा, पवन चोपड़ा, केवल कृष्ण शर्मा, ज्ञान भारद्वाज, संजीव शर्मा आदि ने कहा कि शिक्षा विभाग की ओर से वर्ष 1995 से 2000 तक (जेबीटी, टीजी, लेक्चरर) पदों पर तत्कालीन कांग्रेस सरकार के शासनकाल में अनुबंध आधार पर नियुक्तियां की गईं। इनका नियमितीकरण आठ सालों के अनुबंध सेवाकाल के पश्चात जनवरी 2005 से 2009 तक किया गया। जबकि वर्ष 2001 में जेबीटी के पदों पर विद्या उपासकों की भर्ती की गई।
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इनका नियमितीकरण पांच वर्षों के सेवाकाल के बाद जुलाई 2007 में हुआ जो पूर्व में नियुक्त जेबीटी शिक्षकों के साथ अन्याय है। कहा कि उच्च न्यायालय के आदेशानुसार जोधा सिंह बनाम हिमाचल सरकार के केस में उन्हें पुरानी पेंशन दे दी गई। साथ ही अंशदान राशि को भी वापस करना पड़ा। इसी केस को आधार बनाकर जेबीटी अनुबंध शिक्षकों की तरफ से भी हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में केस दायर किया गया। इसके परिणामस्वरूप हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेशानुसार जगदीश चंद को पुरानी पेंशन का लाभ मिल पाया लेकिन पिछली सरकार ने कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुई इन नियुक्तियों को पुरानी पेंशन बहाल करने के लिए हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेशों के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में एसएलपी दायर कर दी। साथ ही शिक्षकों को ओपीएस के लाभ से वंचित कर दिया गया। कहा कि वर्तमान में 2003 से पूर्व नियुक्त और बाद में नियमित अनुबंध शिक्षक जो एनपीएस के दायरे में हैं उन शिक्षकों को एनएसडीएल कंपनी में औसतन 25 से 30 लाख रुपये का अंशदान जमा है। इसमें 15 लाख रुपये प्रति शिक्षक सरकार का अंशदान है। इस प्रकार एनएसडीएल कंपनी के पास सरकार की अंशदान राशि 3500 शिक्षकों के हिसाब से करीब 525 करोड़ रुपये बनती है जो सरकारी खजाने में वापस लाई जा सकती है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सदर विधायक नीरज नैयर के माध्यम से भारत सरकार से मांग की है कि भारत सरकार की ओर से वर्ष 2003 से पूर्व नियुक्त कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना से सम्मलित करने के जारी आदेशों को प्रदेश के कर्मचारियों पर भी लागू किया जाए।
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