फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Chamba News ›   election in pangi

पांगी में 14 हजार मतदाता चुनेंगे पंचायत प्रतिनिधि

Sun, 05 Jun 2016 10:44 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला (चंबा)
ब्यूरो, अमर उजाला (चंबा) Updated Sun, 05 Jun 2016 10:44 PM IST
विज्ञापन
election in pangi

चंबा। पांगी घाटी में बर्फ की परतें खुलते ही राजनीतिक महक पूरे जिला तक पहुंचने लगी है। भाजपा और कांग्रेस के लिए साख का सवाल बनी इस घाटी में पंचायतें तो 16 ही हैं लेकिन यहां यहां  14,221 मतदाता हैं जो विधानसभा चुनाव में किसी भी नेता की किस्मत का फैसला करने के लिए काफी हैं।

विज्ञापन


पांगी ब्लॉक भरमौर विधानसभा क्षेत्र का हिस्सा है। भरमौर ब्लॉक में भाजपा पहले ही कब्जा जमा चुकी है और अब पांगी में कांग्रेस के लिए हिसाब बराबर करने का अवसर है। घाटी में चुनाव की घोषणा होने से महज कुछ घंटे पहले ही खुद मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पांगी में मौजूद थे। कांग्रेस किसी भी सूरत में पांगी को हाथ से गंवाने के मूड में नहीं है। हालांकि मैदान में उतरे उम्मीदवारों पर पार्टी के चुनाव चिन्ह की छाप नहीं है लेकिन दोनों ही राजनीतिक पार्टियों के नेता दूरसंचार माध्यम से वोट बैंक पक्का करने में जुटे हैं। करीब आठ महीने देश दुनिया से अलग-थलग रहने वाली इस घाटी में प्रचार माध्यम भी सीमित हैं। यहां की ज्यादातर पंचायतों में न तो केंद्र सरकार की विकास योजनाओं का हल्ला सुनाई देता है और न ही राज्य सरकार के कामों की कोई भनक लोगों को है। पंचायत चुनाव स्थानीय मुद्दों पर लड़े जा रहे हैं। लेकिन जाहिर है चुनाव जीतने के बाद खासतौर पर बीडीसी अध्यक्ष की कुर्सी किसी न किसी राजनीतिक पार्टी के खाते में जाएगी।
विज्ञापन


ऐसे में दोनों ही पार्टियों का जोर इस बार बीडीसी अध्यक्ष की कुर्सी जीतने पर लगा हुआ है। यही वजह है जो किलाड़ जैसी महत्वपूर्ण सीट से सिर्फ दो ही उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया है। यहां भाजपा और कांग्रेस में आमने-सामने का मुकाबला है। बाकी जिन जगहों पर तीन या इससे अधिक उम्मीदवार मैदान में हैं उनमें से भी कईयों के सोमवार को हटने की उम्मीद लगाई जा रही है। पांगी में दोनों राजनीतिक पार्टियों का पूरा जोर बीडीसी चुनाव पर है। बहरहाल, देखना यह है कि कांग्रेस भरमौर का हिसाब पूरा कर पाती है या उसके लिए पांगी नए सदमे देकर जाता है। घाटी के स्थानीय मुद्दों के अलावा कई ऐसे मुद्दे हैं जिनका समाधान सरकार के स्तर पर होना था लेकिन पिछले तीन सालों में इन्हें कोई तवज्जो नहीं दी गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed