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साल के तीन महीनों में 12 बार हिली चंबा की धरती

Wed, 30 Mar 2016 07:34 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला (चंबा)
ब्यूरो, अमर उजाला (चंबा) Updated Wed, 30 Mar 2016 07:34 PM IST
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earthquake in chamba
भूकंप - फोटो : file photo

साल के महज तीन महीने गुजरे हैं और चंबा में अब तक भूकंप के एक दर्जन से ज्यादा झटके महसूस हो चुके हैं। रिक्टर पैमाने पर इनकी तीव्रता 2.5 से 4.1 तक रही है। ये सभी झटके चंबा में दहशत लाने वाले रहे हैं। इनमें से ज्यादातर झटकों का केंद्र चंबा शहर रहा है।

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चंबा धौलाधार और पीर पंजाल की पहाड़ियों के बीच बसा है और भूकंप की रेंज इन्हीं क्षेत्रों से होकर गुजर रही है। धौलाधार में भूकंप के झटके आते हैं तो इसका असर चंबा के भरमौर उपमंडल में दिखाई देता है और भूकंप दिशा भटक कर पीर पंजाल की तरफ से पैदा हो तो चंबा और डलहौजी इसकी जद में रहते हैं। इन दोनों ही शहरों में खतरा काफी बढ़ा है। चंबा में बेतरतीब ढंग से बनी इमारतें अब लोगों को डरा रही हैं तो डलहौजी में पहाड़ पर लदी इमारतें कभी भी कहर बरपा सकती हैं।
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विशेषज्ञ मानते हैं कि चंबा में धरती के नीचे दो प्लेटें मिलती हैं और यह दोनों आपस में टकरा रही हैं जिसकी वजह से भूकंप की स्थिति उत्पन्न होती है। इसके अलावा गैस के रिसाव की भी बात विशेषज्ञ मान रहे हैं। उनका कहना है कि धरती के नीचे भारी उथल-पुथल जारी है और इसका कुछ भी परिणाम पेश आ सकता है। हालांकि अच्छी बात यही है कि गैस या प्लेट के टकराने का तनाव हल्का है और इसकी वजह से बड़े झटके पैदा नहीं हो रहे हैं। इनके धीरे-धीरे टूटने से भविष्य में बड़े झटकों की उम्मीद भी लगातार घटती जा रही है।
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धरती के नीचे जारी है हलचल : मोहन सिंह
मौसम विभाग प्रभारी मोहन सिंह का कहना है कि चंबा में धरती के नीचे दो प्लेट आपस में मिलती हैं। धौलाधार और पीर पंजाल के मध्य होने की वजह से चंबा में भूकंप का खतरा शुरू से रहा है। यहां कुछ गैस भी रिलीज हो रही है जिसका असर भूकंप के रूप में देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि भविष्य में बड़ा भूकंप होगा या नहीं यह नहीं कहा जा सकता है लेकिन लोगों को सचेत रहने की जरूरत है।


भूकंप पर शोध होगा शुरू : डॉ. सुशील
भूगर्भ शोध केंद्र देहरादून में भूकंप शोधकर्ता डॉ. सुशील कुमार ने बताया कि हिमाचल में भूकंप पर शोध शुरू हो गया है और जल्द ही नई तकनीक से भूकंप के इन झटकों का खुलासा हो जाएगा। चंबा में भूकंप के झटके भी इस शोध में शामिल रहेंगे। जिसकी शुरूआत जल्द ही धर्मशाला से होने वाली है।

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