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जड़ी-बूटियों के दोहन से करें चोखी कमाई
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चंबा। जंगलों के साथ सटे इलाकों के लोग अब जंगल में विकसित होने वाली जड़ी-बूटियों के दोहन से अपनी आजीविका चला पाएंगे। इसके लिए केंद्र और प्रदेश सरकार ने वन विभाग में वन समृद्धि-जन समृद्धि योजना शुरू की है। इस योजना के तहत लोग अपने नजदीकी जंगल में तैयार होने वाली कीमती जड़ी-बूटी की जानकारी वन विभाग के देने के साथ ही इसके दोहन के लिए आवेदन करेंगे।
उसके बाद वन विभाग योजना के तहत जड़ी-बूटियों का दोहन करने के लिए ग्रामीणों का पंजीकरण करेगा। उन्हें जड़ी-बूटी निकालने के लिए परमिट दिया जाएगा। जड़ी-बूटी को बाजार में बेचने से लेकर वहां पहुंचाने तक की व्यवस्था वन विभाग करवाएगा। इसमें ग्रामीणों को जो भी आय होगी, उसका दस प्रतिशत रॉयल्टी के रूप में वन विभाग को देना होगा। नब्बे प्रतिशत आमदनी पर उसी व्यक्ति का अधिकार होगा। सरकार ने यह योजना देश और प्रदेश में बढ़ रहे बेरोजगारी को ध्यान में रखते हुए चलाई है। योजना के तहत चंबा में वन विभाग पचास लाख रुपये की धनराशि खर्च कर रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को अपनी आजीविका कमाने के लिए शहर के चक्कर काटने की नौबत नहीं पड़ेगी बल्कि, ग्रामीण अपने गांव के आसपास के जंगलों में बेशकीमती जड़ी-बूटियों को निकालकर अपनी आजीविका चला पाएंगे।
इसको लेकर सोमवार को चंबा में वन विभाग ने कार्यशाला का आयोजन किया, जिसमें जिले के विभिन्न इलाकों के ग्रामीणों को बुलाया गया। इसमें कृषि विभाग के विशेषज्ञों ने लोगों को जड़ी-बूटी के बारे में जानकारी दी। मुख्य वन अरण्यपाल एचके सरवटा ने बताया कि योजना के तहत जिले के लोगों को आजीविका के साथ जोड़ा जाएगा। इसके लिए वन विभाग पूरे प्रयास कर रहा है। ग्रामीणों को इस योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी जा रही है। इस मौके पर वनमंडलाधिकारी चंबा अमित शर्मा सहित अन्य मौजूद रहे।
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उसके बाद वन विभाग योजना के तहत जड़ी-बूटियों का दोहन करने के लिए ग्रामीणों का पंजीकरण करेगा। उन्हें जड़ी-बूटी निकालने के लिए परमिट दिया जाएगा। जड़ी-बूटी को बाजार में बेचने से लेकर वहां पहुंचाने तक की व्यवस्था वन विभाग करवाएगा। इसमें ग्रामीणों को जो भी आय होगी, उसका दस प्रतिशत रॉयल्टी के रूप में वन विभाग को देना होगा। नब्बे प्रतिशत आमदनी पर उसी व्यक्ति का अधिकार होगा। सरकार ने यह योजना देश और प्रदेश में बढ़ रहे बेरोजगारी को ध्यान में रखते हुए चलाई है। योजना के तहत चंबा में वन विभाग पचास लाख रुपये की धनराशि खर्च कर रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को अपनी आजीविका कमाने के लिए शहर के चक्कर काटने की नौबत नहीं पड़ेगी बल्कि, ग्रामीण अपने गांव के आसपास के जंगलों में बेशकीमती जड़ी-बूटियों को निकालकर अपनी आजीविका चला पाएंगे।
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इसको लेकर सोमवार को चंबा में वन विभाग ने कार्यशाला का आयोजन किया, जिसमें जिले के विभिन्न इलाकों के ग्रामीणों को बुलाया गया। इसमें कृषि विभाग के विशेषज्ञों ने लोगों को जड़ी-बूटी के बारे में जानकारी दी। मुख्य वन अरण्यपाल एचके सरवटा ने बताया कि योजना के तहत जिले के लोगों को आजीविका के साथ जोड़ा जाएगा। इसके लिए वन विभाग पूरे प्रयास कर रहा है। ग्रामीणों को इस योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी जा रही है। इस मौके पर वनमंडलाधिकारी चंबा अमित शर्मा सहित अन्य मौजूद रहे।
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