फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Chamba News ›   Drive jam due to delayed start of search operation

सर्च ऑपरेशन देरी से शुरू न करने पर चक्का जाम

Mon, 30 Aug 2021 10:17 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 30 Aug 2021 10:17 PM IST
विज्ञापन
Drive jam due to delayed start of search operation
खडामुख पुल के पास हादसे के बाद मौजूद लोग। - फोटो : Chamba
भरमौर (चंबा)। खड़ामुख में चमेरा जलाशय में समाई कार के साथ लापता दोनों लोगों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन तीन घंटे बाद शुरू हुआ। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने खड़ामुख पुल पर चक्का जाम कर दिया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। चक्का जाम होने से देखते ही देखते चंबा और भरमौर की ओर छोटे-बड़े वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
विज्ञापन

ग्रामीण प्रशासनिक अधिकारियों के मौके पर पहुंचने और गोताखोरों को बुलाकर सर्च ऑपरेशन शुरू करने की मांग पर अड़े रहे। उसके बाद करीब दस बजे एसडीएम भरमौर मनीष सोनी मौके पर पहुंचे। उन्होंने गुस्साए ग्रामीणों की बात सुनकर एनएचपीसी प्रबंधन के अधिकारियों को गोताखोरों और राफ्टरों को मौके पर भेज कर सर्च ऑपरेशन शुरू करने के निर्देश दिए। एसडीएम के निर्देश के बाद एनएचपीसी के गोताखोर और राफ्टर मौके पर पहुंचे और जलाशय में लापता लोगों की तलाश शुरू की गई। उसके बाद ही ग्रामीण शांत हुए ने भरमौर-पठानकोट एनएच को वाहनों के लिए बहाल किया।
विज्ञापन

पैरापिटों का नामोनिशान तक नहीं
जलाशय के इर्द-गिर्द पैरापिटों का नामोनिशान तक नहीं दिखा। एनएचपीसी प्रबंधन की लापरवाही इस कद्र हावी है कि एनएच किनारे जलाशय के आसपास कोई सुरक्षा के इंतजाम तक नहीं किए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

भरमौर-पठानकोट एनएच पर खड़ामुख के पास कंपनी प्रबंधन की लापरवाही से कई परिवारों से उनके चिराग छिन चुके हैं। बावजूद इसके अभी तक कंपनी प्रबंधन ने एनएच किनारे क्रैश बैरियर नहीं लगाए हैं।
ताउम्र के लिए जख्म दे गया हादसा
जन्माष्टमी के दिन हुई दुर्घटना दोनों परिवारों को ताउम्र के लिए जखम दे गई। गिल्लू राम के बूढ़े मां-बाप, पत्नी और दो बच्चों को रो-रो कर बुरा हाल है। वहीं, मनोहर लाल रोजमर्रा की तरह रविवार को अपने बच्चों (बेटा-बेटी) से सुबह जल्द लौटकर मंदिर जाकर माथा टेकने का वायदा कर गया था। मनोहर के दुर्घटना में लापता होने की सूचना मिलते ही उनकी माता गश खाकर घर की चौखट पर गिर पड़ीं। जबकि, उनकी पत्नी बार-बार गश खाकर सुधबुध खो रही हैं। अब बच्चों के पालन-पोषण की चिंता दोनों मृतकों के परिवारों को सता रही है। हादसे के बाद दोनों मृतकों के गांवों में मातम पसर गया है।
दुर्घटना ने खोली प्रशासन ने इंतजामों की पोल
कार दुर्घटना ने प्रशासन की पोल भी खोल कर रख दी। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन के पास संसाधनों के नाम पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने तक के उपकरण उपलब्ध नहीं हैं। यही कारण है कि खड़ामुख के पास हुए हादसे के तीन घंटे तक न तो गोताखोर और न ही राफ्टर मौके पर पहुंच सके।
विद्युत परियोजनाओं के लिए निर्धारित मापदंडों में साफ रहता है कि जलाशय के किनारों को लोहे की चादरों से इस प्रकार बंद किया जाए कि किसी को भी जलाशय का पानी तक नजर न आए। बावजूद इसके जिले में इस प्रकार के नियमों को कंपनी प्रबंधन दरकिनार कर रहा है।

एसडीएम मनीष सोनी ने कहा कि खड़ामुख के पास लोहे का जाला लगाने के बारे में कंपनी प्रबंधन को जल्द निर्देश जारी किए जाएंगे। कहा कि लोगों की सुरक्षा की तरफ कंपनी प्रबंधन को भी ध्यान देना चाहिए, जिससे इस प्रकार के हादसों पर रोक लग सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed