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Chamba News: ठंड में जमे नाले-खड्डें, सफर हुआ जोखिमभरा

Tue, 16 Jan 2024 10:57 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 16 Jan 2024 10:57 PM IST
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Drains and ravines frozen in cold, journey becomes risky
चंबा के होली क्षेत्र में कड़ाके की ठंड के चलते जमा नयांग्रा के पास नाले का पानी।संवाद
चंबा। जिले में मौसम परिवर्तन अब लोगों की परीक्षाएं लेने लगा है। जनवरी आधा बीत जाने के बाद भी बारिश-बर्फबारी के अभाव में अब नाले-खड्डें और प्राकृतिक जलस्रोत जमने लगे हैं। विशेषकर जनजातीय क्षेत्र पांगी और भरमौर-होली के तहत आने वाले क्षेत्रों में हालात पहले से भी अधिक खराब हो रहे हैं। ऐसे में इन क्षेत्रों में वाहनों के जरिये आवाजाही करना बड़ी चुनौती बना हुआ है। चालक अपने रिस्क पर ही आवाजाही करने के लिए विवश हैं। यदि यही आलम चलता रहा तो आगामी दिनों में कड़ाके की ठंड के बीच घरों से बाहर निकलना लोगों के लिए चुनौतीपूर्ण होने वाला है।
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गौर रहे कि शुष्क ठंड से सीजनल बीमारियों में इजाफा हुआ है तो वहीं, जनजातीय क्षेत्र पांगी, भरमौर-होली के बर्फबारी संभावित क्षेत्रों में नाले-खड्डें और रास्तों में बहने वाला पानी सुबह के समय जमने से आवाजाही काफी रिस्की हो चुकी है। जनजातीय क्षेत्र पांगी की कुमार पंचायत और शौर पंचायतों के हालात काफी खराब हो चुके हैं। यहां पर बहने वाले पानी के चश्मे भी बर्फ की सिलियों में तब्दील हो चुके हैं। इतना ही नहीं, सड़कों पर बहने वाले पानी के जम जाने से आवाजाही काफी घातक हो चुकी है। होली उपमंडल के तहत आते न्याग्रां पंचायत के न्याग्रां नाले में पानी का चश्मा पूरी तरह से बर्फ में तब्दील हो चुका है।
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जनजातीय क्षेत्र पांगी के राजेंद्र कुमार, भूपेंद्र सिंह, विक्की कुमार, कमलेश कुमार, वीरभद्रा सिंह, देवी सिंह, राम चंद्र, सुरेश, शेर सिंह आदि ने बताया कि कड़ाके की ठंड के चलते कुमार पंचायत को जाने वाली सड़क किनारे पहाड़ों से गिरने वाला पानी वर्तमान में बर्फ की सिल्ली का रूप धारण कर चुका है। इतना ही नहीं, प्राकृतिक चश्मा भी बर्फ में पूरी तरह से तब्दील हो चुका है। जनजातीय क्षेत्र भरमौर की बात की जाए तो यहां पर स्थित पवित्र मणिमहेश झील भी बर्फ से पूरी तरह जम चुकी है। हाेली उपमंडल के न्याग्रां में प्राकृतिक चश्मा जम चुका है जो देखने में काफी रोचक नजर आता है। कहा कि बारिश और बर्फबारी का न होना लोगों की दुश्वारियां बढ़ा रहा है।
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