{"_id":"60ca013e8ebc3e325d798dfd","slug":"dont-allow-childers-to-go-out-in-corona-chamba-news-sml3737808106","type":"story","status":"publish","title_hn":"अनावश्यक बच्चों को न निकालें घरों से बाहर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अनावश्यक बच्चों को न निकालें घरों से बाहर
विज्ञापन
चंबा। कोरोना की तीसरी लहर बच्चों के लिए ज्यादा घातक हो सकती है। इसलिए शिशु रोग विशेषज्ञों ने अभिभावकों को अनावश्यक रूप से बच्चों को घर से बाहर न भेजने की सलाह दी है। जो अभिभावक रूटीन में अपने घरों से बाहर जाते हैं, वे अपने बच्चों से ज्यादा घुले-मिलें नहीं। इसके साथ घरों से बाहर जाने वाले अभिभावक बाहर कोविड नियमों की कड़ाई से पालन करें। जब लौटकर अपने घरों में आते हैं तो बच्चों से मिलने से पहले हाथों को अच्छी तरह से साबुन से धोएं। इससे बच्चों को कोरोना संक्रमण का खतरा कम होगा।
शिशु रोग विशेषज्ञों के मुताबिक अगर किसी बच्चे को खांसी और बुखार है तो ऐसे लक्षणों को हलके में न लें। यह कोरोना संक्रमण की दस्तक भी हो सकती है। तीन दिन तक अगर बच्चे का बुखार नहीं उतरता है तो उसका कोविड टेस्ट करवाएं और चिकित्सीय जांच करवाएं। समय पर कोरोना संक्रमण का पता चलने से समय पर इलाज किया जा सकता है।
पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा में तैनात शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. विशाल महाजन ने बताया कि कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों के संक्रमित होने का ज्यादा खतरा है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग अपने स्तर पर तैयारियों में जुट गया है। इस लहर से बच्चों को बचाने के लिए अभिभावकों को सावधानी बरतने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बच्चों को अनावश्यक घर से बाहर निकालने से परहेज करना चाहिए। अभिभावक कोविड नियमों का पालन और जरूरी सावधानी बरतकर अपने बच्चों को कोरोना संक्रमण की चपेट में आने से बचा सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
शिशु रोग विशेषज्ञों के मुताबिक अगर किसी बच्चे को खांसी और बुखार है तो ऐसे लक्षणों को हलके में न लें। यह कोरोना संक्रमण की दस्तक भी हो सकती है। तीन दिन तक अगर बच्चे का बुखार नहीं उतरता है तो उसका कोविड टेस्ट करवाएं और चिकित्सीय जांच करवाएं। समय पर कोरोना संक्रमण का पता चलने से समय पर इलाज किया जा सकता है।
विज्ञापन
पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा में तैनात शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. विशाल महाजन ने बताया कि कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों के संक्रमित होने का ज्यादा खतरा है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग अपने स्तर पर तैयारियों में जुट गया है। इस लहर से बच्चों को बचाने के लिए अभिभावकों को सावधानी बरतने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बच्चों को अनावश्यक घर से बाहर निकालने से परहेज करना चाहिए। अभिभावक कोविड नियमों का पालन और जरूरी सावधानी बरतकर अपने बच्चों को कोरोना संक्रमण की चपेट में आने से बचा सकते हैं।
विज्ञापन