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चुनौतियों से न घबराएं, लक्ष्य के लिए करें कड़ी मेहनत
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चंबा। काग चेष्टा बको ध्यानं, श्वान निंद्रा तथैव च। अल्पहारी गृह त्यागी। विद्यार्थी पंच लक्षणं। यानी विद्यार्थियों में कौवे की तरह जानने की चेष्टा रखने, बगुले की तरह एकाग्रचित होकर ध्यान लगाने, कुत्ते की तरह सोने, आवश्यकतानुसार खाने और पढ़ाई के लिए घर तक त्यागने संबंधी लक्षण होने चाहिए। जिस विद्यार्थी में ये पांच लक्षण होते हैं, वे जीवन में उच्च मुकाम हासिल करते हैं। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सरोल में आयोजित अपराजिता 100 मिलियन स्माइल कार्यक्रम के दौरान एसडीएम नवीन तनवर ने यह बात कही। कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना से बड़ों के बाद अब बच्चों को सुरक्षित करने के लिए कोरोना टीकाकरण होगा। लिहाजा, स्कूली बच्चे भी कोरोना टीकाकरण करवाकर अपने आप को सुरक्षित करें। तीन जनवरी के बाद यह टीकाकरण अभियान आरंभ होगा। कहा कि जीवन में हरेक क्षेत्र में आगे बढ़ते समय चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। चुनौतियों के समय निराश होकर बैठ जाने वाले लोग कभी भी जीवन में आगे नहीं बढ़ पाते हैं। जीवन में बड़ी उपलब्धि हासिल करने के लिए लक्ष्य निर्धारित कर उसके लिए कड़ी मेहनत करने से ही सफलता मिलती है। कहा कि विद्यार्थी जीवन में आत्मविश्वास की कभी भी कमी नहीं आनी चाहिए। हमेशा कुछ नया सीखने की ललक होनी चाहिए। एसडीएम ने कहा कि आज के समय में महिलाएं पुरुषों से किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। बशर्ते, उनमें आत्मविश्वास की भावना होनी चाहिए। महिलाएं लीडरशिप में हमेशा आगे रहती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे आज से ही अपने दिनचर्या को लेकर टाइमटेबल बना कर उसके अनुसार ही काम करना आरंभ करें। निसंदेह एक माह में उन्हें हर जगह पर बदलाव दिखता प्रतीत होगा। कार्यक्रम के दौरान एसडीएम ने उत्सुक छात्राओं के सवालों के जवाब दिए। कार्यक्रम में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सरोल के प्रधानाचार्य मंगलेश शर्मा ने मुख्यातिथि का अभिनंदन करते हुए विद्यालय की प्रगति रिपोर्ट के बारे में जानकारी साझा की। प्रधानाचार्य ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का संदेश देते हुए मुख्यातिथि को बताया कि जहां कई अन्य जगह बेटी के जन्म पर उनकी जन्मपत्री नहीं बनती और ढोल-नगाड़े तक नहीं बजाए जाते हैं तो वहीं, जिला चंबा में जन्मपत्री बनाने से लेकर ढोल-नगाड़ों सहित मिठाइयां भी बांटी जाती हैं। उन्होंने बताया कि स्कूल की एक छात्रा का चयन एथलेटिक्स में राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए हुआ है।
मेहनत कर साधेंगे अपना लक्ष्य : अर्पिता
दसवीं की छात्रा अर्पिता ने कहा कि विद्यार्थी जीवन में संघर्ष कर लक्ष्य साधने को लेकर मुख्यातिथि की बात उन्होंने गांठ बांध ली है। कहा कि उनके जीवन का लक्ष्य अध्यापन क्षेत्र में जाने का है। अध्यापन क्षेत्र में कई बच्चों का भविष्य संवारने का उन्हें मौका मिलेगा।
कार्यक्रम में मिली जरूरी जानकारी : पम्मी
नौवीं की छात्रा पम्मी ने कहा कि अमर उजाला के अपराजिता कार्यक्रम में उन्हें एसडीएम से कई महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल करने का मौका मिला। उन्हें बेटियों की सुरक्षा के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रमों के बारे में विस्तार से जानने का अवसर मिला।
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एसडीएम ने किया जागरूक : अवंतिका
जमा एक की छात्रा अवंतिका ठाकुर ने कहा कि कोविड काल में उन्होंने सोशल मीडिया का उपयोग शिक्षा ग्रहण करने के लिए किया। लेकिन, अपराजिता कार्यक्रम के दौरान एसडीएम ने उन्हें बताया कि सोशल मीडिया के जरिये वे अपना शब्द ज्ञान किस आधार पर बढ़ा सकते हैं।
कुछ नया सीखने को मिला : दिशा
जमा एक की छात्रा दिशा कुमारी ने कहा कि कुछ भी करने की ललक और उसे हासिल करने का जुनून ही उन्हें सबसे अलग करता है। अपराजिता कार्यक्रम में उन्हें ये सीख मिली है। कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित करने और उसे प्राप्त करने का ज्ञान मिलता है।
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मेहनत कर साधेंगे अपना लक्ष्य : अर्पिता
दसवीं की छात्रा अर्पिता ने कहा कि विद्यार्थी जीवन में संघर्ष कर लक्ष्य साधने को लेकर मुख्यातिथि की बात उन्होंने गांठ बांध ली है। कहा कि उनके जीवन का लक्ष्य अध्यापन क्षेत्र में जाने का है। अध्यापन क्षेत्र में कई बच्चों का भविष्य संवारने का उन्हें मौका मिलेगा।
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कार्यक्रम में मिली जरूरी जानकारी : पम्मी
नौवीं की छात्रा पम्मी ने कहा कि अमर उजाला के अपराजिता कार्यक्रम में उन्हें एसडीएम से कई महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल करने का मौका मिला। उन्हें बेटियों की सुरक्षा के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रमों के बारे में विस्तार से जानने का अवसर मिला।
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एसडीएम ने किया जागरूक : अवंतिका
जमा एक की छात्रा अवंतिका ठाकुर ने कहा कि कोविड काल में उन्होंने सोशल मीडिया का उपयोग शिक्षा ग्रहण करने के लिए किया। लेकिन, अपराजिता कार्यक्रम के दौरान एसडीएम ने उन्हें बताया कि सोशल मीडिया के जरिये वे अपना शब्द ज्ञान किस आधार पर बढ़ा सकते हैं।
कुछ नया सीखने को मिला : दिशा
जमा एक की छात्रा दिशा कुमारी ने कहा कि कुछ भी करने की ललक और उसे हासिल करने का जुनून ही उन्हें सबसे अलग करता है। अपराजिता कार्यक्रम में उन्हें ये सीख मिली है। कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित करने और उसे प्राप्त करने का ज्ञान मिलता है।

रावमापा सरोल में अपराजिता कार्यक्रम के बाद मुख्यातिथि के साथ बच्चे।- फोटो : Chamba