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मरीजों के लिए आफत बन गई डॉक्टरों की हड़ताल
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मेडिकल कॉलेज चंबा में हड़ताल के चलते ओपीडी के बाहर लगी लोगों की कतार।
- फोटो : Chamba
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चंबा। डॉक्टरों की पेन डाउन हड़ताल अब मरीजों के लिए आफत बन गई है। शुक्रवार को भी चंबा मेडिकल कॉलेज सहित जिले के 57 सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टरों की दो घंटे की पेन डाउन हड़ताल रही। समय पर अस्पताल पहुंचने के बावजूद मरीजों को ओपीडी के बाहर खड़े होकर दो घंटे डॉक्टर के आने का इंतजार करना पड़ा। यह सिलसिला पिछले कई दिन से जारी है। डॉक्टर सरकार से अपनी मांगें मनवाने के लिए पेन डाउन हड़ताल पर डटे हैं, जबकि, बीमारी लोगों को अपनी बीमारी का इलाज करवाने के लिए भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में सुबह ही मरीजों की भीड़ जमा हो जाती है। साढ़े ग्यारह बजे जब ओपीडी में डॉक्टर पहुंचते हैं तो मरीजों में पहले जांच करवाने के लिए आपस में धक्का-मुक्की तक हो जाती है। समय रहते डॉक्टरों की हड़ताल समाप्त नहीं हुई तो मरीजों की समस्याएं बढ़ जाएंगी। चंबा मेडिकल कॉलेज पर जिले के पौने छह लाख आबादी निर्भर है। रोजाना पांचों विधानसभा क्षेत्रों से लोग अपना उपचार करवाने के लिए चंबा पहुंचते हैं, जिन्हें दो घंटे ओपीडी के बाहर ठंडे फर्श पर बैठकर इंतजार करना पड़ रहा है।
मेडिसन, शिशु, महिला, हड्डी और नेत्र रोग ओपीडी में मरीजों की सबसे ज्यादा भीड़ रहती है। मेडिकल कॉलेज फैकल्टी एसोसिएशन के महासचिव विनोद भारद्वाज ने बताया कि डॉक्टर सरकार से पंजाब की तर्ज पर हिमाचल में वेतन देने की मांग कर रहे हैं। इस मांग के पूरा न होने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
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मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में सुबह ही मरीजों की भीड़ जमा हो जाती है। साढ़े ग्यारह बजे जब ओपीडी में डॉक्टर पहुंचते हैं तो मरीजों में पहले जांच करवाने के लिए आपस में धक्का-मुक्की तक हो जाती है। समय रहते डॉक्टरों की हड़ताल समाप्त नहीं हुई तो मरीजों की समस्याएं बढ़ जाएंगी। चंबा मेडिकल कॉलेज पर जिले के पौने छह लाख आबादी निर्भर है। रोजाना पांचों विधानसभा क्षेत्रों से लोग अपना उपचार करवाने के लिए चंबा पहुंचते हैं, जिन्हें दो घंटे ओपीडी के बाहर ठंडे फर्श पर बैठकर इंतजार करना पड़ रहा है।
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मेडिसन, शिशु, महिला, हड्डी और नेत्र रोग ओपीडी में मरीजों की सबसे ज्यादा भीड़ रहती है। मेडिकल कॉलेज फैकल्टी एसोसिएशन के महासचिव विनोद भारद्वाज ने बताया कि डॉक्टर सरकार से पंजाब की तर्ज पर हिमाचल में वेतन देने की मांग कर रहे हैं। इस मांग के पूरा न होने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
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