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Chamba News: हड़ताल पर डॉक्टर, ठंडे फर्श पर बैठकर इंतजार करते रहे मरीज
Wed, 21 Feb 2024 10:41 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Wed, 21 Feb 2024 10:41 PM IST
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चंबा के चुवाड़ी अस्पताल में डॉक्टरों की हड़ताल के चलते लगी लोगाें की भीड़।संवाद
चंबा। जिले के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों को इलाज करवाने के लिए दो घंटे का इंतजार करना पड़ा। मांगों को लेकर डॉक्टर हड़ताल पर रहे।
इसके चलते मरीजों को डॉक्टर से इलाज करवाने के लिए ओपीडी के बाहर लंबा इंतजार करना पड़ा। मरीज चिकित्सक से जांच करवाने के लिए भले ही अपने घर से सुबह जल्दी निकल आए थे, लेकिन स्वास्थ्य संस्थान में जाकर उन्हें ओपीडी के बाहर खाली पर्ची लेकर डॉक्टर के आने का इंतजार करना पड़ा। डॉक्टर 9:30 बजे से 11:30 बजे तक हड़ताल पर रहे। इसके चलते ओपीडी में कोई डॉक्टर नजर नहीं आया। कई बीमार मरीज पर्ची लेकर ओपीडी के बाहर ठंडे फर्श पर बैठकर डॉक्टर के आने का इंतजार करते नजर आए। कई मरीज डॉक्टरों के हड़ताल के कारण मायूस नजर आए। मरीजों को स्वास्थ्य जांच के साथ घर लौटने की भी चिंता सता रही थी। नागरिक अस्पताल डलहौजी, डियुर, सलूणी और भरमौर के अलावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चूड़ी में सबसे ज्यादा मरीज परेशान हुए। यहां मरीजों की सबसे ज्यादा ओपीडी रहती है। इन क्षेत्रों में दूरदराज से ग्रामीण बीमारी का इलाज करवाने के लिए स्वास्थ्य संस्थानों में आते हैं।
कई मरीजों को डॉक्टरों की हड़ताल का पता उस समय लगा, जब वे स्वास्थ्य संस्थान पहुंचे। कई मरीजों ने जल्दी इलाज करवाने के लिए निजी अस्पतालों का रुख किया। सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों की बजाय निजी अस्पतालों में मरीजों की भीड़ काफी अधिक रही। मेडिकल कॉलेज चंबा में डॉक्टरों की हड़ताल का असर ओपीडी की सेवाओं में नहीं दिखा। ओपीडी में मरीजों की जांच करने वाले फैकल्टी मेंबर नियमित रूप से ओपीडी में सेवाएं देते नजर आए। उन्होंने काले बिल्ले लगाकर मरीजों की जांच की। मेडिकल अफसर एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष डॉक्टर दिलबाग सिंह ने बताया कि डॉक्टर पंजाब की तर्ज पर एनपीए यानी नॉन प्रैक्टिस अलाउंस देने की मांग कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के उच्च पदों पर डॉक्टर कैडर से पदोन्नति करके नियुक्ति की मांग हो रही है। इन मांगों के पूरा होने पर ही डॉक्टर अपनी हड़ताल को खत्म करेंगे।
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इसके चलते मरीजों को डॉक्टर से इलाज करवाने के लिए ओपीडी के बाहर लंबा इंतजार करना पड़ा। मरीज चिकित्सक से जांच करवाने के लिए भले ही अपने घर से सुबह जल्दी निकल आए थे, लेकिन स्वास्थ्य संस्थान में जाकर उन्हें ओपीडी के बाहर खाली पर्ची लेकर डॉक्टर के आने का इंतजार करना पड़ा। डॉक्टर 9:30 बजे से 11:30 बजे तक हड़ताल पर रहे। इसके चलते ओपीडी में कोई डॉक्टर नजर नहीं आया। कई बीमार मरीज पर्ची लेकर ओपीडी के बाहर ठंडे फर्श पर बैठकर डॉक्टर के आने का इंतजार करते नजर आए। कई मरीज डॉक्टरों के हड़ताल के कारण मायूस नजर आए। मरीजों को स्वास्थ्य जांच के साथ घर लौटने की भी चिंता सता रही थी। नागरिक अस्पताल डलहौजी, डियुर, सलूणी और भरमौर के अलावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चूड़ी में सबसे ज्यादा मरीज परेशान हुए। यहां मरीजों की सबसे ज्यादा ओपीडी रहती है। इन क्षेत्रों में दूरदराज से ग्रामीण बीमारी का इलाज करवाने के लिए स्वास्थ्य संस्थानों में आते हैं।
कई मरीजों को डॉक्टरों की हड़ताल का पता उस समय लगा, जब वे स्वास्थ्य संस्थान पहुंचे। कई मरीजों ने जल्दी इलाज करवाने के लिए निजी अस्पतालों का रुख किया। सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों की बजाय निजी अस्पतालों में मरीजों की भीड़ काफी अधिक रही। मेडिकल कॉलेज चंबा में डॉक्टरों की हड़ताल का असर ओपीडी की सेवाओं में नहीं दिखा। ओपीडी में मरीजों की जांच करने वाले फैकल्टी मेंबर नियमित रूप से ओपीडी में सेवाएं देते नजर आए। उन्होंने काले बिल्ले लगाकर मरीजों की जांच की। मेडिकल अफसर एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष डॉक्टर दिलबाग सिंह ने बताया कि डॉक्टर पंजाब की तर्ज पर एनपीए यानी नॉन प्रैक्टिस अलाउंस देने की मांग कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के उच्च पदों पर डॉक्टर कैडर से पदोन्नति करके नियुक्ति की मांग हो रही है। इन मांगों के पूरा होने पर ही डॉक्टर अपनी हड़ताल को खत्म करेंगे।
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चंबा के चुवाड़ी अस्पताल में डॉक्टरों की हड़ताल के चलते लगी लोगाें की भीड़।संवाद
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