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छह साल बाद जनमंच में बना अक्षम प्रमाण पत्र
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जन मंच के दौरान प्रमाण पत्र बनाने के लिए पहुंची दिव्यांग बच्ची।
- फोटो : Chamba
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बनीखेत (चंबा)। वर्ष 2015 से बेटियों के अक्षमता प्रमाण पत्र बनाने के लिए भटक रहे पिता को आज सफलता मिली है। सरकार की ओर से सुदली पंचायत में आयोजित जनमंच कार्यक्रम के दौरान पिता दोनों अक्षम बेटियों को लेकर पहुंचे। यहां मौके पर ही प्रमाण पत्रों की औपचारिकताएं पूरी की गई।
औपचारिकताएं जमा करवाने के बाद विभाग की ओर से अक्षमता प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। इससे दोनों बेटियों को सरकार की ओर से दी जाने वाली सुविधाएं मिलेंगी। दोनों बेटियों का माता का वर्ष 2012 में निधन हुआ। पिता ने अपनी बेटियों को स्कूलों में प्रवेश दिलवाया। पिता हरबंस का कहना है कि जब उसकी बेटी अक्षिता दूसरी कक्षा में पढ़ती थी, तब अध्यापकों ने बच्ची का अक्षमता प्रमाण पत्र बनवाने के लिए कहा था।
इस अवधि में स्वास्थ्य विभाग के स्टाफ से लेकर जिला मुख्यालय में बैठे अधिकारियों से भी गुहार लगाई। मगर अक्षमता प्रमाण पत्र नहीं बन पाया। उन्होंने बताया कि उनकी दोनों बेटियां जन्म से ही अक्षम हैं। बड़ी बेटी जहां आठवीं कक्षा में पढ़ाई कर रही है। जबकि छोटी बेटी पांचवीं कक्षा में अध्ययनरत है। गौरतलब है कि सुदली पंचायत में सरकार की ओर से जनमंच का आयोजन किया गया। जनमंच के दौरान विभिन्न समस्याओं का मौके पर निपटारा किया गया।
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औपचारिकताएं जमा करवाने के बाद विभाग की ओर से अक्षमता प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। इससे दोनों बेटियों को सरकार की ओर से दी जाने वाली सुविधाएं मिलेंगी। दोनों बेटियों का माता का वर्ष 2012 में निधन हुआ। पिता ने अपनी बेटियों को स्कूलों में प्रवेश दिलवाया। पिता हरबंस का कहना है कि जब उसकी बेटी अक्षिता दूसरी कक्षा में पढ़ती थी, तब अध्यापकों ने बच्ची का अक्षमता प्रमाण पत्र बनवाने के लिए कहा था।
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इस अवधि में स्वास्थ्य विभाग के स्टाफ से लेकर जिला मुख्यालय में बैठे अधिकारियों से भी गुहार लगाई। मगर अक्षमता प्रमाण पत्र नहीं बन पाया। उन्होंने बताया कि उनकी दोनों बेटियां जन्म से ही अक्षम हैं। बड़ी बेटी जहां आठवीं कक्षा में पढ़ाई कर रही है। जबकि छोटी बेटी पांचवीं कक्षा में अध्ययनरत है। गौरतलब है कि सुदली पंचायत में सरकार की ओर से जनमंच का आयोजन किया गया। जनमंच के दौरान विभिन्न समस्याओं का मौके पर निपटारा किया गया।
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