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Chamba News: शिव कैलाशों के वासी और बंगलू मेरी पर झूमे श्रद्धालु
Wed, 23 Sep 2026 10:40 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Wed, 23 Sep 2026 10:40 AM IST
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छतराड़ी जातर मेले में डंडारस नृत्यकरते पुरुष। संवाद
भरमौर/धरवाला (चंबा)। राज्यस्तरीय छतराड़ी जातर मेले की मंगलवार की सांस्कृतिक संध्या हिमाचली लोक गायकों के नाम रही। स्टार नाइट में बबलू आजाद और सुनील राणा ने भजनों व पहाड़ी लोकगीतों से समां बांधा।
सबसे पहले ‘शिव कैलाशों के वासी’ गीत से दोनों गायकों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। बबलू ने इसके बाद ‘माहिया’, ‘तुलसो रंदी कियां हो’ और ‘बंगलू मेरी’ समेत कई प्रस्तुतियां दीं। उनकी प्रस्तुतियों के दौरान दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उत्साह बढ़ाया।
इसके बाद स्टार नाइट के मुख्य आकर्षण लोक गायक सुनील राणा ने मंच संभाला। उन्होंने ‘शिव कैलाशों के वासी’ के अलावा ‘काचा चढ़ेया पहाड़ा जो’ और ‘कुगती मां डेरा दिता लाई’ समेत कई लोकप्रिय हिमाचली गीत प्रस्तुत किए।
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सुनील राणा की प्रस्तुति के दौरान पंडाल में मौजूद कई दर्शक अपनी जगह पर खड़े होकर नाचने लगे। सांस्कृतिक संध्या में भक्ति संगीत के साथ हिमाचली लोक संस्कृति और लोक परंपराओं की झलक देखने को मिली।
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सबसे पहले ‘शिव कैलाशों के वासी’ गीत से दोनों गायकों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। बबलू ने इसके बाद ‘माहिया’, ‘तुलसो रंदी कियां हो’ और ‘बंगलू मेरी’ समेत कई प्रस्तुतियां दीं। उनकी प्रस्तुतियों के दौरान दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उत्साह बढ़ाया।
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इसके बाद स्टार नाइट के मुख्य आकर्षण लोक गायक सुनील राणा ने मंच संभाला। उन्होंने ‘शिव कैलाशों के वासी’ के अलावा ‘काचा चढ़ेया पहाड़ा जो’ और ‘कुगती मां डेरा दिता लाई’ समेत कई लोकप्रिय हिमाचली गीत प्रस्तुत किए।
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सुनील राणा की प्रस्तुति के दौरान पंडाल में मौजूद कई दर्शक अपनी जगह पर खड़े होकर नाचने लगे। सांस्कृतिक संध्या में भक्ति संगीत के साथ हिमाचली लोक संस्कृति और लोक परंपराओं की झलक देखने को मिली।