{"_id":"672e432beb964eff7106b7b0","slug":"determined-to-become-self-reliant-wrote-the-story-of-success-with-pickles-and-pickles-chamba-news-c-88-1-cmb1003-136722-2024-11-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamba News: आत्मनिर्भर बनने की ठानी, अचार-चुख से लिख डाली सफलता की कहानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamba News: आत्मनिर्भर बनने की ठानी, अचार-चुख से लिख डाली सफलता की कहानी
Fri, 08 Nov 2024 10:42 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Fri, 08 Nov 2024 10:42 PM IST
विज्ञापन
चंबा की हरिपुर पंचायत का आस्था महिला स्वयं सहायता समूह। संवाद
चंबा। विकास खंड चंबा के तहत आती ग्राम पंचायत हरिपुर की महिलाएं अब आत्मनिर्भर बनकर सालाना 15 से 20,000 रुपये तक कमा रही हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत आस्था स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं महिलाएं अचार, चंबा चुख, पापड़ और बड़ियां इत्यादि बनाकर आय अर्जित कर रही हैं। यही नहीं, ये महिलाएं न केवल स्वयं व्यावसायिक गतिविधियां कर रही हैं, बल्कि साथ लगते गांवों की अन्य महिलाओं को भी इसके लिए प्रेरित और प्रशिक्षित कर रही हैं। इसके परिणामस्वरूप ग्राम पंचायत हरिपुर में विभिन्न नौ महिला स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं एकता महिला ग्राम संगठन के तहत विभिन्न उत्पादों को बनाकर उन्हें स्थानीय बाजार के अलावा प्रदेश और देश के विभिन्न हिस्सों में बेचकर हजारों रुपये की आय अर्जित कर रही हैं। इन समूहों की कुछ महिलाएं दुग्ध उत्पादन और ऑर्गेनिक सब्जी उत्पादन से भी अतिरिक्त आय अर्जित कर रही हैं।
वाटरशेड से शुरुआत, आज 60 महिलाएं जुड़ीं
आस्था स्वयं सहायता समूह की सचिव रीता देवी ने बताया कि उनका समूह वर्ष 2014 में पंजीकृत होने के पश्चात वर्ष 2018 तक वाटरशेड के तहत कार्य कर रहा था। वर्तमान में ग्राम पंचायत हरिपुर में आस्था स्वयं सहायता समूह के अलावा चामुंडा, आशा, राघव जागृति, शक्ति, प्रार्थना, पूजा, लक्ष्मी नारायण और किरण नमक स्वयं सहायता समूहों की लगभग 60 महिलाएं एकता महिला ग्राम संगठन के तहत अलग-अलग व्यावसायिक गतिविधियों को अंजाम दे रही हैं।
प्रशासन मदद करे तो और बढ़ेगा कारोबार
स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं का कहना है कि उनके बनाए हुए उत्पादों को चंबा शहर में निरंतर बिक्री के लिए यदि स्थानीय प्रशासन की ओर से उन्हें निशुल्क सेल आउटलेट उपलब्ध करवाया जाए तो उनके कारोबार में इजाफा हो सकता है। इसके अलावा उन्हें बड़े स्तर की मशीनरी और प्लांट की आवश्यकता है ताकि उनके उत्पाद अन्य ब्रांडेड उत्पादों से गुणवत्ता और कीमतों में मुकाबला कर सकें।
विज्ञापन
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की विकासखंड चंबा की मिशन एग्जीक्यूटिव निशा ने बताया कि महिला सशक्तिकरण के मकसद से राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। उन्हें व्यावसायिक गतिविधियों को करने के लिए प्रेरित और प्रशिक्षित किया जाता है।
विज्ञापन
वाटरशेड से शुरुआत, आज 60 महिलाएं जुड़ीं
आस्था स्वयं सहायता समूह की सचिव रीता देवी ने बताया कि उनका समूह वर्ष 2014 में पंजीकृत होने के पश्चात वर्ष 2018 तक वाटरशेड के तहत कार्य कर रहा था। वर्तमान में ग्राम पंचायत हरिपुर में आस्था स्वयं सहायता समूह के अलावा चामुंडा, आशा, राघव जागृति, शक्ति, प्रार्थना, पूजा, लक्ष्मी नारायण और किरण नमक स्वयं सहायता समूहों की लगभग 60 महिलाएं एकता महिला ग्राम संगठन के तहत अलग-अलग व्यावसायिक गतिविधियों को अंजाम दे रही हैं।
विज्ञापन
प्रशासन मदद करे तो और बढ़ेगा कारोबार
स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं का कहना है कि उनके बनाए हुए उत्पादों को चंबा शहर में निरंतर बिक्री के लिए यदि स्थानीय प्रशासन की ओर से उन्हें निशुल्क सेल आउटलेट उपलब्ध करवाया जाए तो उनके कारोबार में इजाफा हो सकता है। इसके अलावा उन्हें बड़े स्तर की मशीनरी और प्लांट की आवश्यकता है ताकि उनके उत्पाद अन्य ब्रांडेड उत्पादों से गुणवत्ता और कीमतों में मुकाबला कर सकें।
विज्ञापन
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की विकासखंड चंबा की मिशन एग्जीक्यूटिव निशा ने बताया कि महिला सशक्तिकरण के मकसद से राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। उन्हें व्यावसायिक गतिविधियों को करने के लिए प्रेरित और प्रशिक्षित किया जाता है।