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जंगलों की आग रोकने के लिए मिलकर काम करें विभाग : डीसी
Mon, 10 Jun 2024 09:54 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Mon, 10 Jun 2024 09:54 PM IST
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चंबा के उपायुक्त कार्यालय सभागार में ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान मौजूद अधिकार
जंगलों की आग रोकने के लिए मिलकर काम करें विभाग : डीसी
उपायुक्त ने आग बुझाने के लिए प्राकृतिक जलस्रोतों का उपयोग करने के भी दिए निर्देश
जल भंडारण तालाबों, टैंकों, चेकडैम, कूहलों की सूची वन विभाग से साझा करने को कहा
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। वनों में आग की घटनाएं रोकने के लिए जिला प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने आदेश जारी किए हैं कि जंगलों में आग की घटनाएं रोकने के लिए वन, कृषि एवं बागवानी, ग्रामीण विकास और जलशक्ति विभाग मिलकर कार्य करेंगे।
उन्होंने जंगलों में लगने वाली आग को बुझाने के लिए प्राकृतिक जलस्रोतों का उपयोग करने के भी निर्देश दिए। ग्रामीण विकास, कृषि एवं बागवानी विभाग के अधिकारियों को सिंचाई के लिए तैयार जल भंडारण तालाबों, टैंकों, चेकडैम, कूहलों इत्यादि की सूची वन विभाग से साझा करने को कहा। उन्होंने मनरेगा के साथ विभिन्न विभागीय योजनाओं का कन्वर्जेंस कर कच्चे-पक्के जल भंडारण तालाब, टैंक, चेक डैम, कूहलें इत्यादि बनाने के लिए 20 जून तक मनरेगा सेल्फ तैयार करने को कहा। उपायुक्त ने आगजनी की घटनाओं से बचाव को लेकर प्राकृतिक जल स्रोतों का उपयोग करने को भी कहा। उपायुक्त ने ग्रामीण विकास विभाग, कृषि और बागवानी को कच्चे-पक्के भंडारण तालाब, टैंक, चेक डैम, कूहलें बनाने के निर्देश जारी किए हैं, जिससे भंडारण टैंकों, चेक डैम और कूहलों के निर्माण होने से आस-पास की जमीन में नमी रही और जंगलों में लगने वाली आग अधिक न फैल सके। प्रशासन की ओर से मिंजर मेले में वनों के सरंक्षण करने के उद्देश्य से वन संपदा को बचाना है थीम दिया गया है।
जिले में दर्जन से अधिक जंगलों में आग लगने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ऐसे में अब जिला प्रशासन भी जंगलों में बढ़ रही आग लगने की घटनाओं को लेकर अलर्ट मोड में है। उपायुक्त ने जंगलों में आग लगाने वालों पर नकेल कसने के लिए पंचायती राज विभाग को दायित्व दिया है कि जंगल में आग लगाने वाले का कोई सुराग लगता है तो वे वन विभाग को सूचना मुहैया करवाएं। ऐसा करने वालों को पकड़कर उनके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उधर, उपायुक्त चंबा मुकेश रेपसवाल ने बताया कि जंगलों की आग से वन संपदा को बचाने के लिए सभी विभागों को मिल कर काम करना होगा, जिससे इस प्रकार की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।
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मुख्य वन अरण्यपाल अभिलाष दामोदरन ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन से जिले में आग लगने के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्रों की जानकारी सहित आग बुझाने के प्रभावी उपायों को लेकर जानकारी साझा की। उन्होंने महत्वपूर्ण सार्वजनिक क्षेत्रों में लगे विभिन्न सरकारी अथवा गैर सरकारी होल्डिंग्स -साइन बोर्ड में वन संपदा को आग से बचने के लिए स्लोगन इत्यादि लिखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
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उपायुक्त ने आग बुझाने के लिए प्राकृतिक जलस्रोतों का उपयोग करने के भी दिए निर्देश
जल भंडारण तालाबों, टैंकों, चेकडैम, कूहलों की सूची वन विभाग से साझा करने को कहा
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। वनों में आग की घटनाएं रोकने के लिए जिला प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने आदेश जारी किए हैं कि जंगलों में आग की घटनाएं रोकने के लिए वन, कृषि एवं बागवानी, ग्रामीण विकास और जलशक्ति विभाग मिलकर कार्य करेंगे।
उन्होंने जंगलों में लगने वाली आग को बुझाने के लिए प्राकृतिक जलस्रोतों का उपयोग करने के भी निर्देश दिए। ग्रामीण विकास, कृषि एवं बागवानी विभाग के अधिकारियों को सिंचाई के लिए तैयार जल भंडारण तालाबों, टैंकों, चेकडैम, कूहलों इत्यादि की सूची वन विभाग से साझा करने को कहा। उन्होंने मनरेगा के साथ विभिन्न विभागीय योजनाओं का कन्वर्जेंस कर कच्चे-पक्के जल भंडारण तालाब, टैंक, चेक डैम, कूहलें इत्यादि बनाने के लिए 20 जून तक मनरेगा सेल्फ तैयार करने को कहा। उपायुक्त ने आगजनी की घटनाओं से बचाव को लेकर प्राकृतिक जल स्रोतों का उपयोग करने को भी कहा। उपायुक्त ने ग्रामीण विकास विभाग, कृषि और बागवानी को कच्चे-पक्के भंडारण तालाब, टैंक, चेक डैम, कूहलें बनाने के निर्देश जारी किए हैं, जिससे भंडारण टैंकों, चेक डैम और कूहलों के निर्माण होने से आस-पास की जमीन में नमी रही और जंगलों में लगने वाली आग अधिक न फैल सके। प्रशासन की ओर से मिंजर मेले में वनों के सरंक्षण करने के उद्देश्य से वन संपदा को बचाना है थीम दिया गया है।
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जिले में दर्जन से अधिक जंगलों में आग लगने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ऐसे में अब जिला प्रशासन भी जंगलों में बढ़ रही आग लगने की घटनाओं को लेकर अलर्ट मोड में है। उपायुक्त ने जंगलों में आग लगाने वालों पर नकेल कसने के लिए पंचायती राज विभाग को दायित्व दिया है कि जंगल में आग लगाने वाले का कोई सुराग लगता है तो वे वन विभाग को सूचना मुहैया करवाएं। ऐसा करने वालों को पकड़कर उनके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उधर, उपायुक्त चंबा मुकेश रेपसवाल ने बताया कि जंगलों की आग से वन संपदा को बचाने के लिए सभी विभागों को मिल कर काम करना होगा, जिससे इस प्रकार की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।
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मुख्य वन अरण्यपाल अभिलाष दामोदरन ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन से जिले में आग लगने के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्रों की जानकारी सहित आग बुझाने के प्रभावी उपायों को लेकर जानकारी साझा की। उन्होंने महत्वपूर्ण सार्वजनिक क्षेत्रों में लगे विभिन्न सरकारी अथवा गैर सरकारी होल्डिंग्स -साइन बोर्ड में वन संपदा को आग से बचने के लिए स्लोगन इत्यादि लिखने की आवश्यकता पर जोर दिया।