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Chamba News: खेतों से मिट्टी की निशुल्क जांच के लिए नमूने ले रहा विभाग
Wed, 10 Jul 2024 10:06 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Wed, 10 Jul 2024 10:06 PM IST
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चंबा। कृषि विभाग ने किसानों के खेत-खलिहानों की मिट्टी की निशुल्क जांच कर मृदा स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध करवाने की कवायद शुरू की है।
कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. कुलदीप धीमान ने कहा कि अभियान के तहत जिले के सभी किसानों को निशुल्क मृदा स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध करवाए जाएंगे। नीति आयोग के दिशा-निर्देशानुसार यह अभियान 30 सितंबर तक चलेगा। किसानों को कृषि उपज का उचित प्रतिफल मिले, इसके लिए बहुत से पहलू महत्वपूर्ण होते हैं। किसानों को अपने खेत की मिट्टी की सेहत के बारे में जानकारी मिलने के साथ आवश्यक पोषक तत्वों की कमी या किसी भी विशेष प्रकार के असंतुलन के बारे में पता चलता है। इस जानकारी से खेतों में सही मात्रा में उर्वरक डालने से पैदावार में वृद्धि होती है। अधिकतर अनाज फसलों की जड़ें 6 इंच गहरी मिट्टी की परत तक पोषक तत्व प्राप्त करती हैं। इसलिए मिट्टी की सतह से लेकर 6 इंच की गहराई तक बराबर मात्रा में मिट्टी का नमूना लिया जाता है। खेत की उपजाऊ क्षमता जानने और निशुल्क मिट्टी परीक्षण के लिए कृषि विभाग के नजदीकी कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। किसान खुद अपने खेत की मिट्टी का नमूना लेकर परीक्षण के लिए विभाग के कार्यालय में जमा करवा सकते हैं।
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किसान ऐसे लें मिट्टी का नमूना
किसान मिट्टी का नमूना लेते समय यह ध्यान दें कि एक एकड़ जमीन में 7- 8 ऐसे स्थान चिह्नित करें, जहां गोबर का ढेर न लगा हो। न ही नजदीक कोई पेड़ हो। 7 -8 स्थानों से वी आकार के गड्ढ़े में ऊपर से नीचे तक एक इंच मोटी परत काट लें। इस मिट्टी को पूरी तरह मिलाकर इसमें से आधा किलो मिट्टी निकाल कर कपड़े के थैले में डाल कर परीक्षण के लिए नजदीकी कृषि विभाग के कार्यालय में जमा करवा दें।
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कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. कुलदीप धीमान ने कहा कि अभियान के तहत जिले के सभी किसानों को निशुल्क मृदा स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध करवाए जाएंगे। नीति आयोग के दिशा-निर्देशानुसार यह अभियान 30 सितंबर तक चलेगा। किसानों को कृषि उपज का उचित प्रतिफल मिले, इसके लिए बहुत से पहलू महत्वपूर्ण होते हैं। किसानों को अपने खेत की मिट्टी की सेहत के बारे में जानकारी मिलने के साथ आवश्यक पोषक तत्वों की कमी या किसी भी विशेष प्रकार के असंतुलन के बारे में पता चलता है। इस जानकारी से खेतों में सही मात्रा में उर्वरक डालने से पैदावार में वृद्धि होती है। अधिकतर अनाज फसलों की जड़ें 6 इंच गहरी मिट्टी की परत तक पोषक तत्व प्राप्त करती हैं। इसलिए मिट्टी की सतह से लेकर 6 इंच की गहराई तक बराबर मात्रा में मिट्टी का नमूना लिया जाता है। खेत की उपजाऊ क्षमता जानने और निशुल्क मिट्टी परीक्षण के लिए कृषि विभाग के नजदीकी कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। किसान खुद अपने खेत की मिट्टी का नमूना लेकर परीक्षण के लिए विभाग के कार्यालय में जमा करवा सकते हैं।
किसान ऐसे लें मिट्टी का नमूना
किसान मिट्टी का नमूना लेते समय यह ध्यान दें कि एक एकड़ जमीन में 7- 8 ऐसे स्थान चिह्नित करें, जहां गोबर का ढेर न लगा हो। न ही नजदीक कोई पेड़ हो। 7 -8 स्थानों से वी आकार के गड्ढ़े में ऊपर से नीचे तक एक इंच मोटी परत काट लें। इस मिट्टी को पूरी तरह मिलाकर इसमें से आधा किलो मिट्टी निकाल कर कपड़े के थैले में डाल कर परीक्षण के लिए नजदीकी कृषि विभाग के कार्यालय में जमा करवा दें।
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